कोटेदारों ने घटतौली और शोषण से मुक्ति दिलाए जाने की मांग की

अब्दुल जब्बार एडवोकेट व अनिल कुमार मिश्रा

भेलसर(अयोध्या)। सरकारी सस्ते गल्ले के दुकानदारों ने डोर स्टेप डिलीवरी के परिवहन ठेकेदार की घटतौली से परेशान होकर मुख्यमंत्री समेत खाद्य रसद मंत्री को पत्र भेजकर परिवहन ठेकेदार द्वारा की जा रही घटतौली और शोषण से मुक्ति दिलाए जाने की मांग की है।मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कोटेदारों ने क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी समेत जिला स्तरीय अधिकारियों से की गई शिकायत पर समस्या का समाधान न किए जाने का भी आरोप लगाया है।


मालूम हो कि बीते 2 माह से तहसील के कोटेदारों को डोर स्टेप डिलीवरी सिस्टम से राशन दुकान तक पहुंचाने की व्यवस्था लागू की है।पूर्व में कोटेदार विकासखंड स्तरीय विपणन शाखा के गोदाम से राशन की उठान कर अपनी दुकान पर लाते थे।पूर्व की व्यवस्था में कोटेदार को पल्लेदारी के साथ-साथ गोदान से दुकान तक राशन लेकर आने वाले वाहन का ट्रांसपोर्ट किराया भी मिलता था।उत्तर प्रदेश सत्ता गल्ला विक्रेता परिषद रुदौली के तहसील अध्यक्ष दिलदार खान,शेखर गुप्ता,बद्री प्रसाद,शीला देवी,राम गोपाल,विनोद कुमार गुप्ता,साजिदा खातून समेत एक दर्जन से अधिक कोटेदारों ने मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत में कहा है कि डोर स्टेप डिलीवरी सिस्टम के अनुसार परिवहन ठेकेदार कोटेदार की दुकान पर राशन का वाहन पल्लेदार लाकर नही उतार रहे।शहर के किसी एक स्थान पर ट्रक खड़ा करके सभी सभी कोटेदारों को राशन ले जाने के लिए वाहन और पल्लेदार के साथ बुलाते हैं।कोटेदारों के अपने खर्चे पर वाहन और पलेदार लेकर जाने पर बिना तौल कराए हर कोटेदार को 2 से तीन कुंतल खाद्यान्न कम दे रहे।कोटेदार के निजी वाहन का भाड़ा,पल्लेदारी मांगने और आवंटन के अनुसार तौल कर राशन की मांग करने पर विवाद करते है।अधिकारियों से कार्यवाही कराने की धमकी देते है।


कोटेदारों का कहना है की ₹70 प्रति क्विंटल खाद्यान्न पर कमीशन सरकार द्वारा दिया जा रहा है जबकि पल्लेदारी और परिवहन ठेकेदार के ट्रक से माल खाद्यान्न उतारकर दुकान तक ले जाने में प्रति कुंतल 80 से 100 ₹ तक का खर्चा आ रहा है।शिकायती पत्र में कहा गया है क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी और जिलाधिकारी व जिला स्तरीय अधिकारियों से की गई मौखिक शिकायत पर कोई कार्यवाही नही की गई। संपूर्ण समाधान दिवस में कोटेदारों ने उपजिलाधिकारी रुदौली से शिकायत की थी।तहसील समाधान दिवस में की गई शिकायत के बाद क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी सुमित यादव और गौरव चौधरी ने तहसील कोटेदारों संघ के नेताओ के साथ बैठक कर समाधान कराने का आश्वासन दिया।उत्तर प्रदेश सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद के विकासखंड रुदौली के अध्यक्ष रजनीश कुमार यादव,विकासखंड मवई के अध्यक्ष निर्मल जयसवाल,नगर अध्यक्ष सुबोध मिश्रा ने बताया कि शासन के निर्देश पर एक तरफ कोटेदार निशुल्क राशन वितरण कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ अपनी कमाई का पैसा लगाकर दुकान तक राशन अपने निजी वाहन और पल्लेदार के माध्यम से ला रहे हैं।इसके अलावा परिवहन ठेकेदार प्रत्येक कोटेदार को दो से तीन कुंतल राशन कम दे रहे हैं।कोटेदारों को राशन कम मिलने से उपभोक्ताओं को राशन देने में परेशानी हो रही है।कोटेदारों की की समस्या को सुनने वाला कोई नहीं है।किसी कार्ड धारक को कम राशन दिए जाने पर शिकायत हो रही है।कोटेदारों का कहना है कि जिला प्रशासन से लेकर तहसील प्रशासन तक ठेकेदार परिवहन ठेकेदार के दुकान तक राशन न पहुंचाने पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।


उपजिलाधिकारी स्वप्निल यादव ने कहा कोटेदारों ने खाद्यान्न परिवहन ठेकेदार के द्वारा खाद्यान्न कोटेदारों की दुकान पर न पहुंचाए पहुंचाए जाने और प्रत्येक कोटेदार को दो से तीन तीन कुंतल राशन कम दिए जाने की शिकायत की जांच के निर्देश क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी को दिए गए हैं।

अपनी ही सरकार में अपने ऊपर आफत आई तो दुखड़ा किस से रोए

अपनी ही सरकार में जब अपने ऊपर आफत आई तो परेशानी के आलम में दुखड़ा किस से रोए।यह मामला रुदौली के कोटेदारों पर फिट बैठता है।खाद्यान्य ठेकेदार की दबंगई से परेशान कोटेदारों में भारतीय जनता पार्टी के नगर अध्यक्ष समेत भारतीय जनता पार्टी के नगर पालिका परिषद के एक सभासद के पिता और एक सभासद के भाई भी शामिल है।दबी जबान से में कोटेदारों का कहना है कि अपनी ही सरकार में शोषण उत्पीड़न के शिकार हैं।परिवहन ठेकेदार घटतौली कर परिवहन भाड़ा के साथ पल्लेदारी भी नहीं दे रहै है।अधिकारियों से की जाए शिकायत किए जाने पर जांच व कार्रवाई की धमकी दी जा रही है।

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