Sunday, January 18, 2026
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UP में क्रूरता की पराकाष्ठा-प्रमोद तिवारी

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UP में क्रूरता की पराकाष्ठा-प्रमोद तिवारी
UP में क्रूरता की पराकाष्ठा-प्रमोद तिवारी

लखनऊ। राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने यूपी की राजधानी लखनऊ में पुलिस हिरासत में व्यापारी की मौत की घटना को भाजपा राज में क्रूरता की पराकाष्ठा कहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस हिरासत में एक युवा व्यापारी की हुई मौत सीधे तौर पर पुलिस प्रताड़ना के तहत हत्या है। मृतक व्यापारी मोहित पाण्डेय की पीएम रिपोर्ट में उसके सिर समेत चार जगह चोट के निशान पाये गये हैं। थाने में तैनात पुलिसकर्मियों ने मृतक व्यापारी के साथ अपराधियों की तरह भयावह बर्ताव कर निरंकुशता की हदें पार कर दी। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि यूपी में इधर हालिया वर्षो में हर साल आठ से दस निर्दोष लोगों की पुलिस हिरासत में मौत की चिंताजनक घटनाएं हुई हैं। उन्होनें कहा कि इस वर्ष भी लखनऊ की इस घटना के साथ पुलिस हिरासत में मरने वालों की संख्या चार तक आ पहुंचना बेहद चिंताजनक है। उत्तर प्रदेशए पुलिस हिरासत में मौत के आंकड़ो में देश में सर्वाधिक घटनाओं का केंद्र बन गया है। UP में क्रूरता की पराकाष्ठा-प्रमोद तिवारी

उन्होनें कहा कि प्रदेश में लगातार बढ़ते अपराध के बीच पुलिस हिरासत में मौत की इस प्रकार की घटनाएं आम आदमी में सुरक्षा तथा न्याय की उम्मीद पर गहरा कुठाराघात है। वहीं राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने पश्चिम बंगाल में रोहगिंया घुसपैठ को लेकर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर तगड़ा पलटवार किया है। उन्होने गृह मंत्री से सवाल उठाया कि अगर अर्न्तराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ हो रही है तो भारत सरकार के गृह मंत्रालय की जबाबदेही है। उन्होंने कहा कि भाजपा को कुछ बोलने से पहले  सोचना चाहिए कि घुसपैठ का मसला किन्ही दो प्रदेशों की सीमा पर नहीं अर्न्तराष्ट्रीय सीमा से जुड़ा मुददा है। अर्न्तराष्ट्रीय सीमा से इस प्रकार की घुसपैठ के लिए सीधे तौर पर देश के गृह मंत्री ही जबाबदेह हैं। उन्होनें कहा कि मोदी सरकार मंहगाईए बेरोजगारी तथा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े चिंताजनक हालात पर जबाबदेह होने की जगह सिर्फ मजहबी कार्ड खेला करती है।

प्रमोद तिवारी ने कहा कि अभी तक प्रधानमंत्री चीन की सीमा पर भी घुसपैठ को दावे भरे अंदाज में इंकार करते रहे। राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि अब जब एक समझौते के तहत चीनी सेना के द्वारा भारतीय भूभाग से वापसी की बात की जा रही है। उन्होनें सवाल उठाया कि ऐसे में मोदी सरकार देश को बताए कि जब हमारी सीमा के अंदर कोई घुसा ही नही था तो चीनी सेना की कहां से वापसी हो रही है। उन्होंने ने कहा कि चीन ने 2020 में सीमा पर भारत सरकार के साथ सीमा प्रबन्धन को लेकर गहरा विश्वासघात किया। ऐसे में केंद्र सरकार को एलएसी पर सतर्कता को लेकर किसी भी प्रकार की असावधानी नहीं बरतनी चाहिए। UP में क्रूरता की पराकाष्ठा-प्रमोद तिवारी