सब्जी के बीज का पैसा खा गए सीतापुर जेलर!

  • सब्जी के बीज का पैसा खा गए सीतापुर जेलर!
  • प्रदेश की तीन जेलों में सब्जी की आपूर्ति करने वाली जेल में सब्जी का संकट।
  • बीज खरीद के लिए मुख्यालय ने आवंटित किए थे करीब डेढ़ लाख रुपए।
राकेश यादव
राकेश यादव

लखनऊ। जेलों में घटनाओं पर कार्यवाही नहीं होने से अधिकारी इस कदर बेलगाम हो गए कि उन्हें अब न तो शासन और न ही मुख्यालय का कोई खौफ रह गया है। प्रदेश की तीन जेलों को सब्जी की आपूर्ति करने वाली सीतापुर जेल इन दिनों खुद ही सब्जी के संकट से जूझ रही है। सब्जी उत्पादन के लिए आवंटित करीब डेढ़ लाख रुपए की धनराशि गृहनगर के बगल की जेल में तैनात किए गए जेलर हजम कर गए। घटिया किस्म के बीज खरीदे जाने से जेल में पिछले करीब एक माह से सब्जी का संकट बना हुआ है। बंदियों को आलू की सब्जी खिलाकर मामले को दबाया जा रहा है। उधर जेल अधिकारी इस गंभीर मसले पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

मामला सीतापुर जेल का है। राजधानी लखनऊ सीमा से सटी सीतापुर जेल इन दिनों सब्जी के संकट से जूझ रही है। सूत्रों का कहना है सीतापुर जेल से प्रदेश की लखनऊ जिला, लखीमपुर खीरी और शाहजहांपुर जेल में सब्जी की आपूर्ति की जाती रही है। सब्जी के उत्पादन में अव्वल मानी जाने वाली सीतापुर जेल वर्तमान समय में जेलर की खाऊं कमाऊ नीति की वजह से सब्जी का व्यापक संकट उत्पन्न हो गया है। सूत्र बताते है कि कारागार मुख्यालय ने सब्जी के बीज खरीदने के लिए सीतापुर जेल का करीब डेढ़ लाख रुपए की धनराशि का आवंटन किया था। सूत्रों की माने तो गृहजनपद के निकट की जेल पर तैनात किए गए जेलर आरके वर्मा ने गुणवत्तापूर्ण अच्छे बीज खरीदने के बजाए घटिया किस्म के बीज खरीदकर आवंटित धनराशि में गोलमाल कर जेल में हो रहे सब्जी उत्पादन को ही ध्वस्त कर दिया। इससे जेल में बंदियों के सामने सब्जी का संकट उत्पन्न हो गया है।

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सूत्रों का कहना है कि घटिया किस्म के बीज खेतों में पड़ने ने जेल में सब्जी का उत्पादन न के बराबर रह गया है। प्रदेश की तीन जेलों के अलावा विभाग के उच्चाधिकारियों के घरों पर प्रतिदिन सब्जी भेजने वाली सीतापुर जेल जेलर के गोलमाल की वजह से जेल के बंदियों तक को पर्याप्त मात्रा में सब्जी उपलब्ध नहीं करा पा रही है। उधर इस संबंध में जब सीतापुर जेल अधीक्षक प्रीति यादव और जेलर आरके वर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो कई प्रयासों के बाद भी दोनों ही अधिकारियों का फोन नहीं उठा।

गृहजनपद के बगल जनपद की जेल पर कर दी जेलर की तैनाती

कारागार मुख्यालय में तैनात एआईजी जेल प्रशासन की वसूली ने जेलों की व्यवस्थाओं को ही ध्वस्त कर दिया है। शासन के स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी अधिकारी को गृहजनपद के निकट जनपद में तैनाती नहीं दी जाएगी। इस निर्देश के बाद भी एआईजी के हरदोई जनपद के मूल निवासी आरके वर्मा को हरदोई की सीमा से सटी सीतापुर जेल पर तैनात कर दिया गया है। यह मामला विभागीय अधिकारियों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसको लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

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