समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की चौथी पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने नेताजी के जनसेवा में दिए गए योगदान को याद करते हुए कहा कि समाज और प्रदेश के लिए उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। आखिर मुलायम सिंह यादव को याद करते हुए नेताओं ने क्या कहा?
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की चौथी पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। भाजपा, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने ‘नेताजी’ के जनसेवा, सामाजिक न्याय और जनहित से जुड़े योगदान को याद किया।
उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि जनहित के लिए उनका योगदान सदैव वंदनीय रहेगा। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री जितिन प्रसाद और कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने भी पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया।
सपा ने कहा- नेताजी अमर रहें
समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर मुलायम सिंह यादव को याद करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। पार्टी ने उन्हें अपना संस्थापक, देश का पूर्व रक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश का पूर्व मुख्यमंत्री बताते हुए ‘नेताजी अमर रहें’ का संदेश साझा किया। मुलायम सिंह यादव की बहू एवं सांसद डिंपल यादव ने भी उनकी चौथी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने नेताजी को धरतीपुत्र बताते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।
कांग्रेस और सांसद तनुज पुनिया ने भी किया नमन
कांग्रेस ने भी मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। वहीं, बाराबंकी से सांसद तनुज पुनिया ने उन्हें समाजवादी विचारधारा का पुरोधा और किसानों एवं वंचितों की आवाज बताया। तनुज पुनिया ने कहा कि मुलायम सिंह यादव का संपूर्ण जीवन जनसेवा, सामाजिक न्याय और सामाजिक सौहार्द के लिए समर्पित रहा। उनके विचार, संघर्ष और जनसेवा के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेंगे।
मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश की राजनीति के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे। मुख्यमंत्री, केंद्रीय रक्षा मंत्री और समाजवादी पार्टी के संस्थापक के रूप में उनकी भूमिका ने प्रदेश और देश की राजनीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला। उनकी पुण्यतिथि पर विभिन्न दलों के नेताओं की श्रद्धांजलि ने उनके राजनीतिक योगदान और सार्वजनिक जीवन की विरासत को फिर से चर्चा में ला दिया।


