शिक्षित नौजवान ठोकर खाने को मजबूर-राहुल गांधी {Educated youth forced to stumble-Rahul Gandhi}

आज शिक्षित बेरोजगार बेबस हैं, साफ है कि प्रधानमंत्री आंखों को मूंद कर बैठे हैं और नौजवान ठोकर खाने को मजबूर।शासकीय कुव्यवस्था के कारण जिन अभ्यर्थियों की (PET) परीक्षा छूटी है, उन्हें पुनः परीक्षा देने का अवसर मिले, कांग्रेस ने भेजा मुख्यमंत्री योगी को पत्र। बसों व ट्रेनों में बोगी की अनुपलब्धता,हजारों छात्रों को इस खस्ता हाल यातायात व्यवस्था के चलते परीक्षाएं छोड़नी पड़ी। भाजपा की केंद्र व प्रदेश की दोनों सरकारें (PET) परीक्षा में हुई घोर यातायात अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार।

विकास श्रीवास्तव

लखनऊ। दो पाली में आयोजित यूपीएसएसएससी की प्रारंभिक अहर्ता परीक्षा (PET) भारतीय जनता पार्टी की केंद्र और उत्तर प्रदेश दोनों सरकारों की घोर लापरवाही, कुव्यवस्था और ध्वस्त यातायात की बलि चढ़ गई। इस घोर अव्यवस्था पर आक्रोश व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विकास श्रीवास्तव ने कहा कि बेरोजगार युवाओं और छात्रों के समर्थन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अब तक किए गए बड़े-बड़े दावे आज फिर हवाई निकले। (PET) परीक्षा को लेकर भारतीय रेल और उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की खस्ता हालात तैयारियों और लापरवाही के चलते अभ्यार्थियों को भारी अव्यवस्था का शिकार होना पड़ा। पहले से ही परीक्षा के दबाव दबाव महसूस कर रहे युवाओं को पूरी पूरी रात अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए यातायात हेतु कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। 72 सीट वाले रेलवे कोच में 700 से 800 अभ्यार्थी देखे गए, सांस लेने तक में लोगों को दिक्कत हुई । ऐसी विसंगतपूर्ण स्थिति से तमाम अभ्यार्थी बीमार हो गए। दिव्यांग और महिलाओं को यात्रा में खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा।

श्री श्रीवास्तव ने बताया कि इस घोर सरकारी अव्यवस्था को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बृजलाल खाबरी के निर्देश पर जन समस्या निस्तारण समिति की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर संबंधित विभागों और अधिकारियों की जिम्मेदारी को तय करते हुए उनकी लापरवाही के लिए कड़ी कार्रवाई की मांग किया गया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने उक्त पत्र में मांग किया कि जिन परीक्षार्थियों की परीक्षा शासकीय कुव्यवस्था के कारण छूटी है, उन्हें पुनः परीक्षा देने का अवसर प्रदान किया जाए और ऐसे छात्रों को उचित मुआवजा भी दिया जाए।

कांग्रेस प्रवक्ता विकास श्रीवास्तव ने मीडिया को बताया कि कांग्रेस पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने बयान में स्पष्ट रूप से कहा है कि आवेदक 37 लाख से अधिक हैं और पद की उपलब्धता केवल नाम मात्र की है। मा.राहुल गांधी ने (PET) प्रतियोगी परीक्षा को लेकर व्यवस्था की गई ट्रेनों की बदत्तर स्थिति और भारी संख्या में अभ्यर्थी छात्रों की तादाद की तस्वीर साझा करते हुए कहा कि इन युवाओं को हर साल दो करोड़ रोजगार देने का झांसा दिया गया था। लेकिन इन तस्वीरों में देश के शिक्षित बेरोजगार युवाओं की बेबसी दिख रही है। यह साफ है कि प्रधानमंत्री आंखों को मूंद कर बैठे हैं और नौजवान ठोकर खाने को मजबूर है। अप्रत्याशित सरकारी लापरवाही को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बृजलाल खाबरी ने भी ट्वीट करके बीजेपी सरकार पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने परीक्षा केंद्रों के आवंटन में 400 से 500 किलोमीटर तक की दूरी को आव्यवहारिक बताया। इसी के साथ अभ्यार्थियों को ऐन मौके पर ऐसी दुराह पूर्ण यातायात अव्यवस्था का दर्द भी झेलने पड़ा।

कांग्रेस प्रवक्ता श्री श्रीवास्तव ने कहा कि केंद्र व प्रदेश की बीजेपी सरकारें उत्तर प्रदेश समेत देश के कुल 37 लाख 58 हजार 209 बेरोजगारों को सुचारपूर्ण ढंग से प्रतियोगी परीक्षा दिला पाने तक में आज पूरी तरह असमर्थ साबित हुई। बेरोजगारी के इस कठिन माहौल में इस सरकारी लापरवाही के चलते हजारों अभ्यर्थियों की परीक्षा छूटी और लाखों युवाओं को परीक्षा के दबाव के बीच इस यातायात अव्यवस्था के मानसिक उत्पीड़न का भी शिकार होना पड़ा। यूपी में (PET) के 37 लाख छात्रों से फॉर्म भरने के नाम पर करोड़ों की वसूली की गई,लेकिन उन्हें मिलने वाले संसाधन और परीक्षा हेतु शैक्षणिक वातावरण के नाम यह अव्यवस्था दी गई।

कांग्रेस प्रवक्ता विकास श्रीवास्तव ने प्रदेश सरकार की खामियों को गिनाते हुए कहा कि ट्रेनों में अपेक्षित बोगियों की कमी और राज्य परिवहन निगम की भारी अव्यवस्था और बसों की अनुपलब्धता के कारण, लाखों परीक्षार्थियों को सड़कों पर ही रात गुजारनी पड़ी।हजारों छात्रों को इस खस्ता हाल यातायात व्यवस्था के चलते परीक्षाएं छोड़नी पड़ी। सभी अभ्यर्थी कई वर्षों की मेहनत, तैयारी कर रहे थे,अभ्यार्थी को यातायात संबंधी इस भारी अव्यवस्था का कोई अंदाजा नहीं था।इन साढ़े 8 साल में प्रधानमंत्री मोदी की मेक इन इंडिया, स्टार्टअप भारत, जैसी महत्वाकांक्षी योजना आज भारतीय युवा पीढ़ी के लिए समुचित रोजगार उपलब्ध कराने में असफल रही। इस आत्मनिर्भर भारत में लाख नौजवान रोजगार और नौकरी के लिए दर दर की ठोकर खा रहे है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता विकास श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सचिव ने रेलवे के सभी मंडल रेल प्रबंधक को व सभी मुख्य परिचालन प्रबंधको, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को एक सप्ताह पूर्व ही अभ्यार्थियों की संख्या और उनसे संबंधित परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था को लेकर व्यापक विमर्श और पत्राचार हो चुका था। मीडिया में भी लगातार परीक्षा की कवायदओं को लेकर योगी सरकार के बड़े-बड़े दावों की खबरें छप रही थी ,जो हकीकत में वक्त आया तो पूरी तरह झूठ साबित हुई। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के दौरान दो दर्जन से ज्यादा प्रतियोगी परीक्षाओं का पेपर लीक हुआ, कई परीक्षाएं निरस्त हुई। नौजवानों को नौकरी देने के नाम पर बीजेपी सरकार हर बार फिसड्डी निकली, हर बार केवल नौजवान ठगा गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button