अयोध्या
भारत का प्राचीनतम नगर अयोध्या है। वेद में इसे ईश्वर का नगर बताया गया है। मान्यता है कि इस नगर को मनु ने बसाया था।और इसे ‘अयोध्या’ का नाम दिया जिसका अर्थ होता है अ-योध्या अर्थात् ‘जिसे युद्ध से जीता न जा सके। इसे को भगवान राम की नगरी कहा जाता है।
मान्यता है कि यहां हनुमान जी सदैव वास करते हैं। अयोध्या आकर भगवान राम के दर्शन से पहले भक्त हनुमान जी के दर्शन करते हैं। यहां का सबसे प्रमुख हनुमान मंदिर “हनुमानगढ़ी” के नाम से प्रसिद्ध है। यह मंदिर राजद्वार के सामने ऊंचे टीले पर स्थित है। कहा जाता है कि हनुमान जी यहाँ एक गुफा में रहते थे और रामजन्मभूमि और रामकोट की रक्षा करते थे।
हनुमान जी को रहने के लिए यही स्थान दिया गया था। प्रभु श्रीराम ने हनुमान जी को ये अधिकार दिया था। जो भी भक्त मेरे दर्शनों के लिए अयोध्या आएगा उसे पहले तुम्हारा दर्शन पूजन करना होगा। उत्तर प्रदेश राज्य का एक प्रसिद्ध धार्मिक नगर अयोध्या है।श्रीराम का जन्म यहीं हुआ था।
जन्म-भूमि
राम की जन्म-भूमि अयोध्या उत्तर प्रदेश में सरयू नदी के दाएँ तट पर स्थित है। हिन्दुओं के प्राचीन और सात पवित्र तीर्थस्थलों में से अयोध्या एक है। पवित्र नगरी में सरयू नदी में पाप धोने से पहले लोगों को भगवान हनुमान से आज्ञा लेनी होती है। यह मंदिर अयोध्या में एक टीले पर स्थित हैं। मंदिर तक पहुंचने के लिए लगभग 76 सीढि़यां चढ़नी पड़ती है।
पवनपुत्र हनुमान
इसके बाद पवनपुत्र हनुमान की 6 इंच की प्रतिमा के दर्शन होते हैं।जो हमेशा फूल-मालाओं से सुशोभित रहती है। मुख्य मंदिर में बाल हनुमान के साथ अंजनी माता की प्रतिमा है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस मंदिर में आने से उनकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मंदिर परिसर में मां अंजनी व बाल हनुमान की मूर्ति है। हनुमान जी, मां अंजनी की गोद में बालक के रूप में विराजमान हैं।
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