यादव कौन....!
गुजरात में कैसा है जातीय गणित, किस बिरादरी का दबदबा, कौन है किस पर भारी,आइये जानते हैं। गुजरात विधानसभा चुनाव 2022...
हिंदू धर्म में जाति का जाल..! कौन जिम्मेदार..?
जाति आखिर क्यों नहीं जाती..?
ब्राह्मण कौन....!
ब्राह्मण कौन....!
जातिगत जनगणना से घबराहट क्यों..?
शूद्र शब्द किसी वर्ण या वर्ग का सूचक नहीं
वर्ण का निर्धारण जन्मना नहीं कर्मणा उचित.....
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यादव जी की दुल्हनिया का जागा ब्राह्मण प्रेम
यादव जी की दुल्हनिया का जागा ब्राह्मण प्रेम
लखनऊ। जानकारों के अनुसार नरेश चंद उत्तम, उदयवीर सिंह और राजपाल कश्यप के वजह से समाजवादी पार्टी पिछड़ा वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष लोटन राम...
100 में 90 शोषित हैं 90 भाग हमारा है-जगदेव प्रसाद
गुजरात में एक तिहाई वोट शेयर वाले कोली समाज की राजनीति में दबी हुई है आवाज़। गुजरात। गुजरात की आबादी का एक तिहाई हिस्सा...

डाक विभाग ने रविवार को भी पहुँचाई लोगों तक राखी

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डाक विभाग ने रविवार को भी पहुँचाई लोगों तक राखी, डाकिया बाबू को लोगों ने कहा शुक्रिया रक्षाबंधन पर्व पर किसी भाई की कलाई सूनी न रहे, इसके लिए डाक विभाग ने रविवार को भी राखी डाक के वितरण के लिए विशेष प्रबंध किए।  लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के अधीन लखनऊ, फैज़ाबाद, रायबरेली, बाराबंकी, सीतापुर, अम्बेडकरनगर जनपदों में डाकियों ने  रविवार को लोगों के घर राखी डाक पहुँचाईउक्त जानकारी लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने दीपोस्टमैनों ने लगभग 10 हजार लोगों को राखी डाक रविवार को पहुँचाई ।  राखी मिलने से प्रसन्न लोगों ने भी दिल खोलकर डाक विभाग की इस पहल की सराहना की और डाकिया बाबू का शुक्रिया व्यक्त कियारक्षाबंधन की सुबह भी डाक विभाग प्राप्त राखी डाक को लोगों तक पहुंचाएगा।  डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि, ऐसे तमाम लोग जो आपदा की इस घड़ी में कोरोना वॉरियर्स के रूप में काम कर रहे हैं और घर से दूर हैं, उन तक भी बहनों द्वारा भेजी गई राखी डाकियों द्वारा पहुँचाई गई। लखनऊ पुलिस के कोविड केयर हेल्प डेस्क में कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों से लेकर डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ तक को रविवार को राखी डाक वितरित की गई। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के चलते शहर में भी बहनें अपने भाईयों को स्पीड पोस्ट द्वारा ही राखी और गिफ्ट भेज रही हैं। अकेले लखनऊ के डाकघरों से अब तक एक लाख से ज्यादा राखी डाक भेजी जा चुकी हैं, वहीं लगभग दो लाख राखी डाक का लखनऊ में वितरण किया जा चुका है। इस साल एक नया ट्रेंड भी देखने को मिल रहा है कि बहनें राखियों के साथ भाईयों को मास्क, सैनिटाइजर व गिलोय भी भेज रही हैं। लखनऊ जीपीओ से अपने भाई को राखी भेजने वाली आकांक्षा कहती हैं कि, रक्षा सूत्र के साथ-साथ कोरोना संक्रमण से बचाव में मास्क, सैनिटाइजर व गिलोय जैसी चीजें भाई की रक्षा करेंगी। गोमतीनगर में रहने वाले राहुल कुमार  ने बताया कि वे अपनी बहन द्वारा भेजी गई राखी अब तक न प्राप्त होने पर मायूस हो चले थे, पर संडे की सुबह जब पोस्टमैन ने घर पर आकर राखी का लिफाफा दिया तो खुशी का ठिकाना न रहा।

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डॉ.विजय गर्ग  आज के दौर में सुंदर दिखने की इच्छा केवल एक व्यक्तिगत पसंद नहीं रह गई है, बल्कि यह सामाजिक दबाव और प्रतिस्पर्धा का...