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100 में 90 शोषित हैं 90 भाग हमारा है-जगदेव प्रसाद
गुजरात में कोली समाज की राजनीति में दबी है आवाज़ In Gujarat, the voice of Koli society is suppressed in politics.
Nishpaksh Dastak - 0
गुजरात में एक तिहाई वोट शेयर वाले कोली समाज की राजनीति में दबी हुई है आवाज़।
गुजरात। गुजरात की आबादी का एक तिहाई हिस्सा...
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डाक विभाग ने रविवार को भी पहुँचाई लोगों तक राखी
डाक विभाग ने रविवार को भी पहुँचाई लोगों तक राखी, डाकिया बाबू को लोगों ने कहा शुक्रिया रक्षाबंधन पर्व पर किसी भाई की कलाई सूनी न रहे, इसके लिए डाक विभाग ने रविवार को भी राखी डाक के वितरण के लिए विशेष प्रबंध किए।
लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के अधीन लखनऊ, फैज़ाबाद, रायबरेली, बाराबंकी, सीतापुर, अम्बेडकरनगर जनपदों में डाकियों ने रविवार को लोगों के घर राखी डाक पहुँचाईउक्त जानकारी लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ कृष्ण कुमार यादव ने दीपोस्टमैनों ने लगभग 10 हजार लोगों को राखी डाक रविवार को पहुँचाई । राखी मिलने से प्रसन्न लोगों ने भी दिल खोलकर डाक विभाग की इस पहल की सराहना की और डाकिया बाबू का शुक्रिया व्यक्त कियारक्षाबंधन की सुबह भी डाक विभाग प्राप्त राखी डाक को लोगों तक पहुंचाएगा।
डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि, ऐसे तमाम लोग जो आपदा की इस घड़ी में कोरोना वॉरियर्स के रूप में काम कर रहे हैं और घर से दूर हैं, उन तक भी बहनों द्वारा भेजी गई राखी डाकियों द्वारा पहुँचाई गई। लखनऊ पुलिस के कोविड केयर हेल्प डेस्क में कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों से लेकर डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ तक को रविवार को राखी डाक वितरित की गई। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के चलते शहर में भी बहनें अपने भाईयों को स्पीड पोस्ट द्वारा ही राखी और गिफ्ट भेज रही हैं। अकेले लखनऊ के डाकघरों से अब तक एक लाख से ज्यादा राखी डाक भेजी जा चुकी हैं, वहीं लगभग दो लाख राखी डाक का लखनऊ में वितरण किया जा चुका है। इस साल एक नया ट्रेंड भी देखने को मिल रहा है कि बहनें राखियों के साथ भाईयों को मास्क, सैनिटाइजर व गिलोय भी भेज रही हैं। लखनऊ जीपीओ से अपने भाई को राखी भेजने वाली आकांक्षा कहती हैं कि, रक्षा सूत्र के साथ-साथ कोरोना संक्रमण से बचाव में मास्क, सैनिटाइजर व गिलोय जैसी चीजें भाई की रक्षा करेंगी।
गोमतीनगर में रहने वाले राहुल कुमार ने बताया कि वे अपनी बहन द्वारा भेजी गई राखी अब तक न प्राप्त होने पर मायूस हो चले थे, पर संडे की सुबह जब पोस्टमैन ने घर पर आकर राखी का लिफाफा दिया तो खुशी का ठिकाना न रहा।
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