सपा जिलाध्यक्ष की नीति में उलझी भाजपा

बहराइच में सपा जिला अध्यक्ष राम हर्ष यादव की नीति में उलझी भाजपा दिग्गज की रणनीति,बहराइच में नही हो सका निर्विरोध अध्यक्ष सपा भाजपा आमने सामने होगी सीधी टक्कर।

अखिलेश श्रीवास्तव


लखनऊ/बहराइच। बहराइच में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर चुनाव बड़ा दिलचस्प होता जा रहा है।एक दूसरे को पटकनी देने का खेल खेला जा रहा है।हालाकि भीतरघात की वजह से सपा कमजोर और भाजपा की आज की एक जुटता से भारी नजर आ रही है।समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष राम हर्ष यादव की कुशल रणनीति कूटनीति से बहराइच जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा सपा के बीच सीधा मुकाबला होना तय है।सपा जिला अध्यक्ष राम हर्ष यादव के पेच से बहराइच सपा का गढ़ मानी जाने वाली जिला पंचायत अध्यक्ष पद निर्विरोध नही हो सही हालाकि कुछ भीतर घातीयों के लिए ये चुनाव उनके गले का फांस बन गया है।इस चुनाव में कुछ लोग सोच रहे थे की सांप भी मर जायेगा लाठी भी बच जाएगी लेकिन सपा जिला अध्यक्ष की नीति से अब एक ही काम हो पायेगा या लाठी बचेगी या सांप मरेगा बाकी बहराइच की जनता को सब अच्छे से पता है की कौन कौन किस किस पाले में पहले से गणेश परक्रिमा व दर्शन कर प्रसाद खा चुका है।

भाजपा से जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर मंजू सिंह एवम सपा से नेहा अजीज ने अपना अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है।भाजपा की मंजू सिंह को पूर्व विधायक अरुण वीर सिंह भाजपा सांसद कैसरगंज बृज भूषण शरण सिंह का समर्थन हासिल है हालाकि आज भाजपा एक स्थान पर एकत्र होकर संदेश जरूर दिया की भाजपा एक मत से चुनाव जीत कर रहेगी।वही सपा ने आज एक जुटता दिखाई लेकिन कहावत हाथी के दांत दिखाने के और खाने के और होते है कुछ उसी तरह से सपा के अपने ही खास साथ खड़े है।जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर दिखावे की हार जीत का फैसला जिला पंचायत सदस्य पद पर चुनाव समाप्त होने के एक सप्ताह के अंदर ही तय हो गई थी।यही से शुरू हुई थी गणेश परक्रीमा प्रसाद खाकर अपने भगवान का शुक्रिया भी अदा किया था।अब उनके गले का फांस बना है ये चुनाव कुछ भी हो इस बार कुछ लोगो का चेहरा बेनकाब होने वाले है बदले समीकरण से आगामी दिनों में कुछ परिवर्तन दल बदल होने के आसार नजर आ रहे है।


भाजपा का टिकट मिलने से पहले ही मंजू सिंह के समर्थन में 42 सदस्य होने का दावा किया जा रहा था जबकि जिला पंचायत सदस्य की संख्या बहराइच में 63 है।आज जिस तरह नामांकन के बाद भाजपा एक स्थान पर खड़ी नजर आई उससे एक तरफा चुनाव होने के आसार है।भाजपा विधायक सुरेश्वर सिंह,भाजपा सांसद अक्षयबर लाल,भाजपा विधायक सुभाष त्रिपाठी,भाजपा सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी के प्रतिनिधि गौरव वर्मा,सुनील सिंह आदि की मौजूदगी से भाजपा प्रत्याशी पहले से अधिक मजबूत हो गई है।


वही सपा के जिला अध्यक्ष राम हर्ष यादव ने रणनीति बना कर किसी तरह से चुनाव में प्रत्यासी बनाकर मैदान में उतार दिया जिससे कमसे कम निर्विरोध नही हो सकी नही तो भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह के नीति तो मंडल में सभी सीटों पर निर्विरोध निर्वाचित घोषित कराने का था।तीन बलरामपुर,गोंडा,श्रावस्ती सीट निर्विरोध करवा कर भाजपा का परचम लहरा दिया।बहराइच सीट पर भी चुनाव मात्र औपचारिकता भर है कुछ चेहरे बेनकाब होंगे कुछ बचत का रास्ता खोजेंगे ये तो वक्त बतायेगा।कुल मिला कर देवी पाटन मंडल में भाजपा कैसरगंज सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने साबित कर दिया है की मंडल की राजनीति अब उनके बिना संभव नहीं।आगामी दिनों में सभी चारो जिले के राजनैतिक महत्वाकांक्षा उन्ही के आस पास होकर गुजरेगी।मंडल के विकाश पुरुष एक मात्र नेता भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह ही है ये इस चुनाव में मंडल से लेकर संगठन तक को एहसास करवा दिया।

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