
राजेन्द्र चौधरी
मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए अखिलेश यादव ने कहा है कि लोकसभा निर्वाचन 2024 के सातवें चरण के अंतिम मतदान के दिन मतदाताओं ने भाजपा के विरुद्ध मतदान कर सत्ता से हटाने के लिए पूरी तरह से अपना पूरा आक्रोश निकाल दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा की पराजय की पटकथा लिखने के साथ ही मतदाताओं ने केन्द्र की सत्ता में आने का मार्ग समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन के लिए प्रशस्त कर दिया। अखिलेश यादव ने कहा कि महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बासगांव, घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर एवं राबर्ट्सगंज लोकसभा क्षेत्र में भाजपा का पूरी तरह से सफाया हो गया। प्रधानमंत्री जी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में भी मतदाताओं ने उनके प्रति घोर उदासीनता दिखाई।इस बार के लोकसभा चुनाव में प्रथम चरण से ही सत्ता परिवर्तन की लहर दिखी। भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण अन्याय,अत्याचार, महंगाई,भ्रष्टाचार और बेतहाशा बेरोजगारी से क्षुब्ध मतदाताओं ने भाजपा के खिलाफ जमकर वोट डाला। महंगाई से बुरी तरह परेशान जनता ने भाजपा हटाओं अभियान के तहत पश्चिम से लेकर पूरब तक भाजपा का पूरी तरह से सूपड़ा साफ कर दिया। भाजपा का पूरी तरह से सफाया-अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने कहा कि संविधान और लोकतंत्र बचाने के लिए समाजवादी पीडीए इंडिया गठबंधन के पक्ष में पश्चिम से जो हवा चली थी वह सातवें चरण में सुनामी में बदल गयी। किसान, नौजवान, व्यापारी, शिक्षक, कर्मचारी, अधिवक्ता, सहित समाज के सभी वर्गों ने भाजपा को हटाने के लिए वोट डाला। जब मतदान का अंतिम चरण था, भाजपा शासन-प्रशासन का आदतन दुरुपयोग करने से बाज नहीं आई। सत्ता के बल पर मतदाताओं को डराने धमकाने, मतदान में बाधा डालने के साथ पोलिंग एजेंट को धमकाने या भगा देने की तमाम शिकायतें भाजपा के खिलाफ दर्ज हुई है।
मिर्जापुर छानवे विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 430, 431 पर प्रशासन ने सीसीटीवी क्यों बंद करा दिया? धीमी गति से मतदान के खिलाफ आवाज उठाने पर पडरौना में पूर्व प्रधान को गिरफ्तार करा दिया गया। बलिया में खराब ईवीएम में मतदान कराया गया। शिकायत पर महिला को धक्का मार कर बाहर कर दिया गया। वाराणसी के रोहनियां विधानसभा क्षेत्र में बूथ संख्या 191, 192, 193 पर कांग्रेस के बटन पर टेप लगा दिया गया। बरहज के भाजपा विधायक स्वयं चुनाव प्रक्रिया के खिलाफ समाजवादियों को धमकाते रहे। फर्जी मतदान की भी शिकायतें बदस्तूर जारी रहीं। अखिलेश यादव ने कहा कि कई जगह समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं से अभद्रता की गई और उन्हें गिरफ्तार किया गया। प्रशासन की मंशा समाजवादी पार्टी के समर्थकों को मतदान न करने देने की थी। खेद है कि निर्वाचन आयोग कार्रवाई के मामले में बहुत सुस्त रहा। स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए आयोग के कार्यों में जो पारदर्शिता दिखनी चाहिए थी, उसका अभाव लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। फिलहाल जनता जागरूक है, उसने स्वयं जगह-जगह प्रतिरोध किया है। भाजपा का पूरी तरह से सफाया-अखिलेश यादव























