
अजय सिंह
लखनऊ/गोशाईंगंज। उत्तर प्रदेश में 10 प्रतिशत से अधिक आबादी होने के बाद भी निषाद समाज के साथ दोयम दर्जे का बर्ताव किया जा रहा है। इसके लिए निजस्वार्थ प्रेरित नेता दोषी हैं।निषाद समाज को राजपाट दिलाने का झूठा सपना दिखाकर एक नेता ने अपने परिवार के हित के लिए ही जुटा हुआ है। भोले भाले निषाद समाज की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहा है।बाप,बेटा भाजपा के सांसद,विधायक व एम एल सी बन गए हैं,कहाँ गई उनकी पार्टी ? गौशाईंगंज विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आलापुर केवटहिया में विश्राम निषाद के संयोजकत्व में आयोजित निषाद जनजागृति सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए समाजवादी पिछड़ावर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौ. लौटन राम निषाद ने कहा कि अपने परिवार की ही भलाई सोचने वाले निषाद नेताओं ने समाज को तबाही का शिकार बना दिया।याचक नहीं शासन सत्ता का हिस्सेदार बनकर समाज की भलाई के लिए काम करने के लिए निषाद समाज को अपने वोट की ताकत को पहचानना होगा। सभा को सम्बोधित करते हुए निषाद ने कहा कि भाजपा ने निषाद समाज से वादाखिलाफ़ी और निषाद पार्टी ने ठगी कर निषाद समाज को अधिकार विहीन कर दिया।
उन्होंने निषाद पार्टी के नाम पर निषाद समाज को झूठा सपना दिखाकर पारिवारिक लूटपाट कंपनी चलाने वाले संजय निषाद को चुनाव के समय ही निषाद आरक्षण व समाज के ऊपर हो रहा अन्याय दीखता है,भाजपा सरकार में संजय निषाद की दाल नहीं गल रही तो इस्तीफा क्यों नहीं दे देते, घड़ियालु आँसू बहाकर भोले भाले समाज को अब बेवकूफ न बनाएं। हमे चंदा व निषादराज की आरती का पैसा नहीं,आपका तन मन से सहयोग चाहिए। सम्मेलन को संबोधित करते हुए निषाद ने कहा कि पश्चिम बंगाल,दिल्ली, उड़ीसा में निषाद जातियों को अनूसूचित जाति का आरक्षण मिलता है,तो उत्तर प्रदेश,बिहार, झारखंड के निषाद,मल्लाह, केवट,बिंद,गोडिया आदि को क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि कोई राम को मानता है तो कोई रहीम को,हम डॉ. अम्बेडकर,फूले,शाहू,बीपी मंडल, कर्पूरी ठाकुर, पेरियार, जगदेव बाबू, पेरियार ललई सिंह यादव,रामचरणलाल निषाद, डॉ.जोगेंद्रनाथ मंडल, संत गाडगे महाराज,शिवदयाल चौरसिया, वीरांगना फूलन देवी जी को अपना आदर्श मानता हूँ।
हमारी आस्था फूले व फूलन देवी में है और वह हमारे लिए आदर्श व पूज्यनीया हैं।हमने सन ऑफ़ मल्लाह मुकेश सहनी की मदद से 25 जुलाई, 2021 को उनकी 20 वीं पुण्यतिथि पर उत्तर प्रदेश के 18 मंडलों में फूलन देवी जी की 18-18 फ़ीट की प्रतिमा लगवाने जा रहे थे ,जिसे संजय निषाद के इशारे पर प्रदेश सरकार ने नहीं लगने दिया।
उन्होंने जातिगत जनगणना की मांग करते हुए कहा कि जब जानवरों व पेड़ों की गणना कराई जाती है तो अगड़ों व पिछडों की क्यों नहीं?उन्होंने सरकारी उपक्रमों,संस्थानों के निजीकरण को पिछड़ा,दलित, वंचित विरोधी बताते हुए कहा कि यह आरक्षण व वंचित वर्गों के प्रतिनिधित्व विरोधी साज़िश है।जनगणना प्रपत्र में ओबीसी का कालम जोड़ने की भारत सरकार से मांग किया और कहा कि महिला आरक्षण बिल या नारी शक्ति वंदन अधिनियम ओबीसी,एससी, एसटी विरोधी है,कोटा में कोटा के बिना महिला आरक्षण स्वीकार नहीं, क्योंकि यह सामाजिक न्याय व समानता विरोधी है।ओबीसी, एससी,एसटी व बेटियों के सुरक्षा, संरक्षण व संस्थानिक उत्पीड़न व भेदभाव से मुक्ति के लिए यूजीसी बिल पास होना चाहिए।
ज़ब महिला आरक्षण बिल 22 सितम्बर 2023 हो पारित हो गया था तो अब भाजपा नाटकबाजी क्यों कर रही है? उन्होंने सवाल किया कि भाजपा महिलाओं के सशक्तिकरण व प्रतिनिधित्व की हितैषी है तो जहाँ 22 राज्यों में भाजपा व एनडीए की सरकार है तो 7-8 राज्यों में महिला मुख्यमंत्री क्यों नहीं बनाई,सिर्फ अर्द्धशासित दिल्ली का हो रेखा गुप्ता को क्यों? उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में सिर्फ 2 ही महिला हेमामालिनी व रेखा वर्मा को भाजपा उम्मीदवार बनाया गया, 26.या 27 महिलाओं को उम्मीदवार क्यों नहीं बनाया गया? भाजपा नारी वंदन की नहीं नारी क्रन्दन की समर्थक है।
चौधरी लौटन राम निषाद ने कहा कि भाजपा निषाद समाज के साथ वादाखिलाफी व निषाद जातियों के साथ सामाजिक राजनीतिक अन्याय कर रही है।कहा कि कहाँ गया भाजपा का वादा व भाजपा दृष्टि पत्र,फिशरमैन विज़न डाक्यूमेंट्स का संकल्प?निषाद ने कहा कि भाजपा ने मछुआरा दृष्टि पत्र का संकल्प व वादा पूरा नहीं किया।
सपा सरकार के आरक्षण प्रस्ताव व 5 अप्रैल को घोषित निषादराज जयंती के सार्वजनिक अवकाश को रद्द करने, सपा सरकार द्वारा मत्स्य पालन व बालू मोरम खनन पट्टा का अधिकार खत्म करने वाली भाजपा को श्रीराम- निषादराज की मित्रता के नाम पर निषाद समाज उसके बहकावे व भुलावे में नहीं आयेगा। कांठ की हांडी बार बार नहीं चढ़ती है।जब बिल्ली का मुंह गर्म दूध से जल जाता है,तो वह छाछ व मठ्ठा भी फूंककर पीती है।
अब भाजपा के वादे व संजय निषाद के झाँसे पर विश्वास नहीं।उन्होंने मझवार,तुरैहा, गोंड,बेल्दार,खैरहा,खोरोट की तरह निषाद मछुआरा जातियों के आरक्षण व परंपरागत पुश्तैनी पेशों की बहाली की मांग की।उन्होंने कहा कि निषाद कटपीस नहीं, थान वाली जातियों का समूह है। उत्तर प्रदेश की 403 में 194 सीटों पर निषाद,कश्यप,बिंद मतदाता निर्णायक हैं।उन्होंने कहा कि सपा ने निषाद समाज को मान -सम्मान पहचान व अधिकार दिया जिसे भाजपा व योगी सरकार ने छीन लिया। गोशाईंगंज विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आलापुर केवटहिया में विश्राम निषाद ऊर्फ निंहू निषाद के संयोजकत्व में आयोजित निषाद जनजागृति सम्मेलन को सर्वश्री श्रीनाथ निषाद,वेदप्रकाश निषाद, राम अवध निषाद, राजकुमार निषाद महाराज,शारदा प्रसाद निषाद,आशाराम निषाद एडवोकेट,सुरेन्द्र मांझी,परशुराम निषाद आदि ने सम्बोधित किया।
























