
महापुरुषों को न पढ़ने के कारण भटका हुआ है बहुजन समाज,शिक्षा विकास व राजनीति अधिकार प्राप्ति का प्राप्ति का साधन-लौटनराम निषाद
लखनऊ/अयोध्या। गौशाईंगंज विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत तारुन विकास खंड के तारापुर -टिकरी में प्रेमनाथ चौरसिया के द्वारा विशाल सामाजिक समागम का आयोजन किया गया। बतौर मुख्य अतिथि सभा को सम्बोधित करते हुए गौशाईंगंज के सपा प्रत्याशी चौ. लौटनराम निषाद ने कहा कि शिक्षा विकास का मूल आधार और राजनीति अधिकार प्राप्ति का साधन है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के बिना तरक्की असम्भव है। संकल्प होना चाहिए कि आधी रोटी खाएंगे, बेटा बेटी को पढ़ाएंगे। बहुजन समाज के लोग यदि अपने महापुरुषों को पढ़ लिए होते हम जातीय स्वाभिमान में न बंधकर वर्गीय संवेदना व स्वाभिमान से आबद्ध होते और वर्चस्ववादी मनुवादी ताकतों के षड्यंत्र व
अन्याय के शिकार नहीं होते।
निषाद ने कहा कि यदि चौरसिया समाज के लोग बाबू शिवदयाल चौरसिया को, निषाद समाज के लोग बाबू रामचरनलाल निषाद, छेदीलाल साथी को, यादव समाज के लोग बीपी मंडल, पेरियार ललई सिंह यादव, नेता जी , सयाजी गाययकवाड़ को,पाल समाज के लोग पेरियार ईवी रामास्वामी नायकर, कुर्मी पटेल समाज के लोग छत्रपति शाहू जी महाराज को, मौर्य कुशवाहा बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा को, माली सैनी समाज के लोग ज्योतिबा फूले को, प्रजापति समाज के लोग संतराम बीए प्रजापति को, कलवार जायसवाल समाज के लोग चंद्रिका प्रसाद जिज्ञासु को, लोधी समाज के लोग स्वामी ब्रह्मानंद लोधी को, जाट समाज के लोग चौ. महाराज सिंह भारती को, नाई समाज के लोग जननायक कर्पूरी ठाकुर को, धोबी समाज के लोग संत गाडगे महाराज को पढ़ लेते तो अंधविश्वास, ढोंग पाखंड से मुक्त हो रचनात्मक दिशा में चलते, पिछड़े बिछुड़े उजड़े नहीं होते और जातीय स्वाभिमान में सीमित न हो वर्गीय रूप से एकजुट होते। उन्होंने कहा कि शिवदयाल चौरसिया जी कहते थे-हम चौरसिया हैं, सामाजिक असमानता को चौरस करके मरूंगा।
समाजवादी पार्टी पिछड़ावर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव जगन्नाथ पाल ने कहा कि सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने गौशाईंगंज की जनता क़े मनमाफिक लौटनराम निषाद को उम्मीदवार बनाकर भेजे हैं जो सामाजिक न्याय क़े प्रबल समर्थक व पीडीए महापुरुषों की विचारधारा क़े अनुयायी हैं, इन्हें ऐतिहासिक जीत दिलाकर विधानसभा भेजना है। चौरसिया समाज क़े जगन्नाथ मेला को दुर्गा प्रसाद चौरसिया,राकेश चौरसिया,रामतेज वर्मा,शिवप्रकाश चौरसिया,अंजन चौरसिया,रमेश चंद्र चौरसिया, श्रीचंद्र चौरसिया आदि ने सम्बोधित किया।






















