हेमंत सोरेन के निर्णय का स्वागत

झारखंड में अभी तक ओबीसी को मात्र 14 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा था।परन्तु ऐतिहासिक निर्णय करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसे 27 प्रतिशत करते हुए पिछड़ावर्ग के साथ न्याय का कदम उठाए हैं।भारतीय ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ.लौटनराम निषाद ने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बधाई देते हुए निर्णय का स्वागत किया है।झारखण्ड में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू हो गया है। पहले यहाँ सिर्फ 14 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण था। आरक्षण कोटा में वृद्धि के बाद अत्यंत पिछड़ा को 15 प्रतिशत व पिछड़ा वर्ग को 12 प्रतिशत, एसटी को 28 प्रतिशत एवं एससी का आरक्षण कोटा 12 हो गया है।उन्होंने ओबीसी का कोटा बढ़ाकर 14 से 27 प्रतिशत व एससी /एसटी का कोटा 2-2 प्रतिशत बढ़ाकर क्रमशः 26 से 28 व 10 से 12 प्रतिशत कर दिया है।सामाजिक न्याय के क्षेत्र में हेमंत सोरेन का यह ऐतिहासिक व साहसिक निर्णय है।


भारतीय ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ.लौटनराम निषाद ने छत्तीसगढ़ व राजस्थान के मुख्यमंत्री से अपने राज्य में ओबीसी के आरक्षण कोटा को विस्तारित कर 27 प्रतिशत करने की अधिसूचना जारी करने की अपील की है।बताया कि 50 प्रतिशत से अधिक आबादी वाले ओबीसी समुदाय को छत्तीसगढ़ में 13 प्रतिशत व राजस्थान में 21 प्रतिशत ही आरक्षण है।मध्यप्रदेश में भी ओबीसी को 14 प्रतिशत ही आरक्षण कोटा है।पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 27 प्रतिशत किये थे,लेकिन कोर्ट का हथौड़ा चल गया।उन्हीने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ओबीसी हैं,उन्हें भी 50.9 प्रतिशत ओबीसी को 27 प्रतिशत कोटा देने का कदम उठाना चाहिए।तमिलनाडु में 50 प्रतिशत, केरल में 40 प्रतिशत, पुड्डुचेरी में 34 प्रतिशत, कर्णाटक में 32 प्रतिशत, बिहार में 33 प्रतिशत, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना में 29 प्रतिशत, गुजरात,उत्तर प्रदेश, दिल्ली,गोवा,चंडीगढ़, उड़ीसा, असम, अंडमान निकोबार द्वीप समूह में 38 प्रतिशत, दमन दीव में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण कोटा है।

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