फिर भी मैं पांच बार का विधायक बाहर हूं-रामनारायण मीणा

कांग्रेस मुख्यालय में मंत्री की जनसुनवाई से ज्यादा लोग तो मेरे घर पर समस्याओं के निदान के लिए आते हैं।फिर भी कांग्रेस कल्चर मराजस्थान के सैनिक कल्याण मंत्री राजेंद्र गुढ़ा के असंतुष्ट बयानों को लेकर 15 जुलाई को फर्स्ट इंडिया न्यूज़ चैनल पर रात 8 बजे बिग फाइट के लाइव प्रोग्राम में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक रामनारायण मीणा, भाजपा विधायक रामलाल शर्मा तथा राजनीतिक विश्लेषक के तौर पर मैंने भी भाग लिया। 15 जुलाई को जयपुर में कांग्रेस मुख्यालय पर सैनिक कल्याण मंत्री राजेंद्र गुढा ने जनसुनवाई की। जनसुनवाई के दौरान ही गुढा ने कहा कि मैं कांग्रेस सरकार में मंत्री तो हूं लेकिन मैं कांग्रेस कल्चर में फिट नहीं हूँ।

एस0 पी0 मित्तल

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के स्नेह के कारण मैं कांग्रेस को समर्थन दे रहा हूँ। मालूम हो कि गुढ़ा बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए हैं। गुढा के इस बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक रामनारायण मीणा ने अपनी पार्टी का पक्ष प्रभावी तरीके से रखा, लेकिन साथ ही कहा कि कांग्रेस मुख्यालय में मंत्री की जनसुनवाई से ज्यादा लोग तो मेरे निर्वाचन क्षेत्र के आवास पर अपनी समस्याओं के निदान के लिए आते हैं। जबकि मेरे पास तो मंत्री पद भी नहीं है। मीणा ने कहा कि मैं प्रदेश के किसी भी कोने में जाऊं। मेरे स्वागत के दो सौ लोग एकत्रित हो ही जाएंगे। मेरी लोकप्रियता प्रदेशभर में है और मैं 10-12 विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव जीतने की स्थिति में हूँ।

राजेंद्र गुढा तो सिर्फ एक ही विधानसभा सीट से चुनाव जीतते हैं। मैं जन्मजात कांग्रेसी हूँ। इंदिरा गांधी के जमाने से राजनीति कर रहा हूँ। मैं कांग्रेस का एक अनुशासित सिपाही हूँ, इसलिए मंत्री गुढा के बयान पर कोई बड़ी टिप्पणी नहीं करना चाहता, लेकिन यह सही है कि जो विधायक स्वयं को कांग्रेस कल्चर का नहीं मानते वे तो मंत्री हैं और पांच बार का विधायक तथा जन्मजात कांग्रेसी सरकार से बाहर हैं। किस विधायक को मंत्री बनाया जाए, यह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का विशेषाधिकार है, लेकिन जनभावनाओं का तो ख्याल रखना ही चाहिए। लाइव डिबेट में भाजपा विधायक रामलाल शर्मा ने कहा कि राजेंद्र गुढ़ा ने पिछला चुनाव बसपा के टिकट पर जीता था। अब चूंकि कांग्रेस सरकार अंतिम दौर में है, इसलिए राजेंद्र गुढा कांग्रेस से पीछा छुड़ाना चाहते हैं। शर्मा ने कहा कि विधानसभा चुनाव आते आते कांग्रेस संगठन और सरकार में भगदड़ मच जाएगी।

लाइव डिबेट में मेरा कहना रहा कि अशोक गहलोत जिन राजनीतिक हालातों में राजस्थान में कांग्रेस की सरकार चला रहे हैं, उसमें मुख्यमंत्री को शाबाशी मिलनी चाहिए। राजेंद्र गुढा ही नहीं, बल्कि कई मंत्री सरकार के खिलाफ बोलते हैं, लेकिन फिर भी सीएम गहलोत धैर्य दिखाते हैं। राजनीति में ऐसी संवेदनशीलता अशोक गहलोत जैसे राजनेता ही दिखा सकते हैं, जहां मंत्री गुढ़ा का कांग्रेस कल्चर से मेल नहीं खाने का सवाल है तो गुढा कल्चर कौन सा है, यह उन्हें ही बताना पड़ेगा। गहलोत सरकार में मंत्री बनने के बाद गुढा ने कहा था कि मैं बसपा से विधायक बना और अब समर्थन देकर कांग्रेस सरकार में मंत्री बन गया हूँ। गुढ़ा बसपा प्रमुख मायावती पर पैसे लेकर टिकट बांटने का आरोप भी लगा चुके हैं।

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