भाजपा से डरी-सहमी जनता

 भाजपा का डर हर दिन बढ़ता जा रहा है। डरी-सहमी भाजपा विपक्ष के प्रति ज्यादा से ज्यादा असहिष्णु और आक्रामक होती जा रही है। विपक्ष को बदनाम करने की साजिशें तेज हो रही हैं। अब तो जनता पूरी तरह भाजपा के खिलाफ विपक्ष के साथ खड़ी है। 


     भाजपा के राज में नौजवानों को सबसे ज्यादा प्रताड़ित किया जा रहा है। भाजपा सरकार के निर्दयी राज में 4 लाख नौकरियों और एक करोड़ रोजगार का सच आज 69000 भर्ती के मामले में मांग कर रहे,अभ्यर्थियों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार से सामने आ रहा है। प्रदेश में 2018 से जारी 68500 एवं 69000 शिक्षकों की भर्ती में दलितों-पिछड़ों के आरक्षण में भारी घोटाला किया गया। 

एक गाँव में एक बूढ़ी अम्मा के घर बिल्ली ने बच्चे दिए। बच्चे जन्म लेते ही बोलने लगे।
भाजपा जीतेगी…… भाजपा जीतेगी.. !!यह आश्चर्यजनक घटना पहले सारे गाँव, फिर सारे जिले और फिर सारे प्रदेश में फैल गई…..!!!10-12 दिन बाद भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल उस गाँव में यह जानने आया कि, घटना सही है अथवा गलत…!!

बूढ़ी अम्मा के घर जाकर प्रतिनिधिमंडल ने बिल्ली के बच्चे दिखाने को कहा। बूढ़ी अम्मा ने झोपड़ी के भीतर से बिल्ली के बच्चे लाकर आँगन में उनके सामने रख दिए।बिल्ली के बच्चे चिल्ला रहे थे,
सपा जीतेगी……., सपा जीतेगी……,

भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने बूढ़ी अम्मा से कहा : -सारे प्रदेश में इन बच्चों की चर्चा है कि, पैदा होने के बाद से ही ये भाजपा जीतेगी’ के नारे लगा रहे हैं।लेकिन अभी तो ये सपा जीतेगी’ के नारे लगा रहे हैं। आखिर इनकी बोली क्यों बदल गयी ?

बूढ़ी अम्मा हाथ जोड़कर बोली : 

बेटा, उस समय इनकी आँखे नहीं खुली थीं। 
अब इनकी आँखें खुल चुकी हैं…!!!

           …म्याऊँ….

     मुख्यमंत्री जी मंच से नौकरी-रोजगार के सत्य से परे आंकड़े देते नहीं थकते जबकि बेरोजगार उनके द्वार पर शासन-प्रशासन की हिंसा के शिकार हो रहे हैं। होर्डिंग लगाने वाले मुख्यमंत्री जी उनके होर्डिंग क्यों नहीं लगवा देते जिनको उन्होंने नौकरियां-रोजगार दिया है? भाजपा की एनकाउंटर संस्कृति में कुछ पुलिस वाले भी बेरहम हो गए हैं। शिक्षक भर्ती के प्रदर्शनकारियों की गर्दन पर हाथ डालने वाले प्रशासन को उत्तर प्रदेश के बेरोजगार युवक सन् 2022 में जवाब देंगे। 


    सच तो यह है कि केन्द्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने पिछड़ों के साथ धोखा और छल किया है। आरक्षण खत्म करने का षड्यंत्र किया जा रहा है। भाजपा जातीय जनगणना नहीं कराना चाहती क्योंकि भाजपा का बुनियादी चरित्र सामाजिक न्याय के विरुद्ध है। गरीब-किसान, श्रमिक उसकी प्राथमिकता में नहीं है। केवल पूंजी घरानों और कारपोरेट दुनिया से ही उनका वास्ता है। इसमें दो राय नहीं कि सन् 2022 में होने वाला चुनाव देश के भविष्य की दशा-दिशा भी तय करेगा। यह चुनाव वंचित और युवा वर्ग को अपने संविधान तथा सम्मान बचाने का ऐतिहासिक अवसर है। समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर ही प्रदेश में खुशहाली आएगी और समाज के हर वर्ग का मान-सम्मान सुरक्षित होगा।         

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