सपा की जनसभाओं में उमड़ते जनसैलाब से विपक्ष में दहशत

भाजपा अपना जनसमर्थन खोने से डरी है इसलिए तथ्यहीन झूठे और भ्रामक प्रचार की आड़ में राजनीति करना चाहती है। भाजपा ने अपने पूरे कार्यकाल में जनहित का कोई काम नहीं किया। एक यूनिट बिजली का उत्पादन नहीं किया। अस्पतालों का शिलान्यास और लोकार्पण कर दिया पर उनमें चिकित्सा की कोई व्यवस्था नहीं की। एम्बूलेंस सेवा 108, महिलाओं के लिए 102 सेवा और 1090 वूमेन पावर लाइन सब बर्बाद कर दी गई।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि समाजवादी पार्टी की जनसभाओं में उमड़ते जनसैलाब और विपक्ष में बढ़ती स्वीकार्यता के चलते भाजपा खेमें में खलबली मची हुई है। उत्तर प्रदेश में भाजपा की जमीन खिसक चुकी है यह सच सभी को दिखाई पड़ने लगा है। हार के डर से भाजपा नेतृत्व बौखलाया हुआ है। इससे वह अब साजिशों पर उतर आई है। सीबीआई, ईडी, आईटी, का ही अब उसे सहारा रह गया है क्योंकि जनता ने तो उसे पहले से ही खारिज कर दिया है।

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के महज दो से तीन माह का ही वक्त बचा है और प्रदेश के सभी सियासी दलों के बीच खींचतान तेज हो गई है। भाजपा के दिग्गज नेता खुले तौर पर कह रहे हैं कि इस बार उनकी पार्टी 300 से ज्यादा सीटें हासिल करेगी और योगी आदित्यनाथ एक बार फिर से प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे। वहीं,विपक्षी दल सत्ता दल के इस दावे को खोखला बताते हुए अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। इस बीच उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर एक और ओपिनियन पोल सामने आया है, जिसमें योगी की साख लगातार नीचे जाती दिखयी पड़ रही है।मुख्यमंत्री योगी की छवि मुस्लिम विरोधी के रूप में ऊभर रही है तो दूसरी तरफ युआ बेरोजगारी की मार से मार खा रहा है। किसान की व्यथा किसी से छिपी नहीं है आय दोगुनी के लिए उसने सत्ता परिवर्तन किया था सत्ता परिवर्तन से किसान की आधी हो गई है। आगामी चुनाव में कृषि प्रधान उत्तर प्रदेश परिवर्तन के मूड में नज़र आ रहा है। इसी बीच हाइकोर्ट की अपील की कोविद की स्थिति को देखते हुए क्यों न चुनाव को आगे बढ़ा दिया जाइ यह सुन लोगो में आक्रोश भी नज़र आ रहा है।

अखिलेश यादव ने कहा- बीजेपी को उत्तर प्रदेश में हार का डर है। इसी वजह से ऐश्वर्या से पूछताछ की गई, जया बच्चन ने संसद में जो भी कहा वो बिल्कुल सही था। अखिलेश ने आगे कहा कि वे ऐश्वर्या को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, चुनाव से पहले ही क्यों पूछताछ की गई है।अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि ‘सपा सरकार में एटा व अन्य जिलों में प्रस्तावित बिजली के कारखाने अगर बन गए होते तो आज यूपी के लोगों को देश की सबसे महंगी बिजली नहीं खरीदनी पड़ती। सपा की सरकार बनने पर खेती, घरेलू बिजली, उद्योग व कारोबार को उम्मीद से ज्यादा राहत देंगे। सभी को नियमित और सस्ती दरों पर बिजली देने का संकल्प हम दोहराते हैं।


कोरोना काल में भाजपा सरकार की संवेदनहीनता के फलस्वरूप हजारों लोगों की मौत अस्पतालों में इलाज, दवा, आक्सीजन के अभाव में हो गई। श्रमिकों का तमाम दुश्वारियों से पाला पड़ा। आम जनता को डीजल-पेट्रोल, रसोई गैस सहित खाने पीने की चीजों की महंगाई याद है। दलितों, पिछड़ों को आरक्षण के साथ हुई साजिशें याद है। नौजवानों को लैपटाप, टेबलेट देने का वादा झूठा साबित हुआ। भाजपा ने खुद अपने संकल्प पत्र को ही कूड़े के ढेर में फेंक दिया है।भाजपा कानून व्यवस्था के मोर्चे पर पूरी तरह विफल रही है। इस सरकार ने फर्जी इन्काउण्टर और पुलिस हिरासत में मौतों का रिकार्ड बनाया है। न्यूयार्क की तर्ज पर यूपी डायल 100 सेवा बर्बाद कर दी है। महिलाओं, बच्चियों से दुष्कर्म की घटनाएं थम नहीं रही हैं। सच तो यह है कि भाजपा ने अपनी कोई योजना नहीं चलाई, समाजवादी पार्टी के कामों को ही अपना बता रही है। वह केवल षडयंत्र, अन्याय, अत्याचार और भ्रष्टाचार ही करती रही है। प्रदेश की जनता इसे भूल नही सकती। सन् 2022 के विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा को सत्ता से बाहर कर अपना हिसाब चुकता कर समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने के लिए संकल्पित है।

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