राजा भैया की नेताजी से मुलाकात कुछ तो होगा खास

मुलायम सिंह यादव के करीबी रहे राजा भैया पिछले काफी समय से अपनी पार्टी को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। अखिलेश यादव सरकार में प्रभावी रहे राजा भैया के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की सरकार से भी नजदीकी की चर्चा सियासी गलियारों में रहती है। इधर, समाजवादी पार्टी लगातार छोटे दलों को अपने बैनर तले एकजुट करने में जुटी है। गुरुवार को सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव से उनकी मुलाकात को इसी परिप्रेक्ष्‍य में देखा जा रहा है। 

जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की है. राजा भैया ने ट्विटर पर तस्वीर शेयर कर के यह जानकारी दी है। चुनाव से पहले इस मुलाकात के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। इससे पहले राजा भैया ने एलान किया था कि उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी सौ से अधिक सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारकर मजबूती से चुनाव लड़ेगी,लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारा जाएगा।

रघुराज प्रताप सिंह ने कहा था कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी ने अभी तक 100 से अधिक सीटें चिन्हित की हैं जिन पर जल्द प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी जाएगी।पार्टी पूर्वांचल, पश्चिम व बुंदेलखंड में मजबूती से चुनाव लड़ेगी। किसी भी राजनीतिक पार्टी से गठबंधन होने की बात से इनकार करते हुए उन्होंने कहा था कि भविष्य में जैसी स्थितियां बनेंगी तब उन पर विचार किया जाएगा।दबंग छवि वाले राजा भैया कुंडा से 1993 से लगातार विधायक चुने जा रहे हैं। वह भी बिना किसी दल के सहयोग के वह पहली बार 1993 में वो कुंडा के विधायक चुने गए थे। उसके बाद से भदरी रियासत का यह राजकुमार कुंडा में अपराजेय है। राजा भैया के खिलाफ प्रतापगढ़ के कुंडा और महेशगंज पुलिस थाने के साथ-साथ प्रयागराज,रायबरेली और राजधानी लखनऊ में हत्या,हत्या का प्रयास,लूट,अपहरण समेत अन्य संगीन धाराओं के तहत कुल 47 मामले दर्ज हैं।

सूत्रों का कहना है कि बीती रात अखिलेश यादव से फोन पर उनकी बात हुई थी। इसके बाद आज उन्‍होंने लखनऊ में मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की। गौरतलब है कि पिछले दिनों राजा भैया ने कहा था कि उनकी पार्टी जनसत्‍ता दल लोकतांत्रिक यूपी में 100 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और वहां से कोई उम्‍मीदवार खड़ा नहीं करेगी जहां से योगी आदित्‍यनाथ उम्‍मीदवार होंगे। मुलायम सिंह यादव के करीबी रहे राजा भैया पिछले काफी समय से अपनी पार्टी को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। अखिलेश यादव सरकार में प्रभावी रहे राजा भैया के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की सरकार से भी नजदीकी की चर्चा सियासी गलियारों में रहती है। इधर, समाजवादी पार्टी लगातार छोटे दलों को अपने बैनर तले एकजुट करने में जुटी है। गुरुवार को सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव से उनकी मुलाकात को इसी परिप्रेक्ष्‍य में देखा जा रहा है। 

मुलायम ने सीएम की शपथ लेटे ही पोटा हटाया, बाद में मंत्री बने – अगस्त 2003 में मायावती के इस्‍तीफे के बाद मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के आधे घंटे बाद ही मुलायम सिंह यादव ने राजा भैया से पोटा हटा लिया था। इसके बाद उनकी मुश्किलें कम होती गईं और बाद में वे मुलायम सिंह सरकार में खाद्यान्‍न मंत्री बनाए गए।

पिछले चुनाव में राजा भैया ने किसको हराया था– राजा भैया ने 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के जानकी शरण को 1 लाख 3 हजार 647 वोट के अंतर से हराया था । राजा भैया को 1 लाख 36 हजार 597 और जानकी शरण को 32 हजार 950 वोट मिले थे। यह जीत उत्तर प्रदेश के विधानसभा में सबसे अधिक वोटों के अंतर से हुई जीतों में दूसरे नंबर पर थी।

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