किसानों के खिलाफ षड़यंत्र आखिर क्यों ?

  • तीनों काले कृषि कानूनों के निरस्त होने पर आज के दिन को कांग्रेस ने पूरे प्रदेश में ’’किसान विजय दिवस’’ के रुप में मनाया।
  • किसान आन्दोलन में शहीद हुए किसानों के परिजनों को सरकार आर्थिक मदद, एम0एस0पी0 की गारण्टी योजना एवं उनके लिए अध्यादेश लाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
  • किसानों के खिलाफ षड़यंत्र रचकर आखिर सरकार को क्या हासिल हुआ?
  • अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण है कि 700 किसानों की शहादत पर भी प्रधानमंत्री जी के मुख से शहीद किसानों के लिए श्रद्धांजलि का एक शब्द भी नहीं निकला।  



लखनऊ।
कृषि कानूनों की वापसी को किसान संघर्ष की जीत बताते हुए कांग्रेस ने आज पूरे प्रदेश में ’’किसान विजय दिवस’’ मनाया। इस उपलक्ष में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में शहीद किसानों की आत्मा की शान्ति के लिए दीप जलाये गये एवं उनके चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित करके दो मिनट का मौन रखा गया।शहीद किसानों को श्रद्धांजलि देने के बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा किसान पिछले 1 साल से आंदोलनरत है । 700 से ज्यादा किसानों की शहादत अब तक हो चुकी है । राहुल गांधी जी ने लगातार सदन से लेकर सड़क तक किसानों के समर्थन में आवाज उठाया । कांग्रेस के प्रमुख नेताओं ने इन तीनों काले कानूनों से किसानों का होने वाले नुकसान से निरन्तर आगाह किया। राहुल गांधी जी ने हरियाणा पंजाब एवं अन्य प्रदेशों में ट्रैक्टर रैली करके तानाशाही मोदी सरकार को आगाह किया कि इन तीनों काले कानूनों से देश की अर्थव्यवस्था एवं किसानी पर बुरा असर पड़ेगा ।


कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि 700 से ज्यादा किसानों की शहादत के बाद भी प्रधानमंत्री के मुख से शहीद किसानों के लिए श्रद्धांजलि के एक शब्द नहीं निकले, लगातार केंद्र सरकार ने और स्वयं प्रधानमंत्री ने किसान आंदोलन को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कभी आंदोलनजीवी, कभी खालिस्तानी और कभी मवाली कहकर अन्नदाताओं का जो घोर अपमान किया है, उसकी भरपाई कैसे होगी प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखकर मांग की हैं कि प्रधानमंत्री जी आपके बगल में बैठे गृहराज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के पुत्र ने जो पिछले समय लखीमपुर में गाड़ियों से कुचलकर किसानों की निर्मम हत्या कर दी थी एवं आपके सरकार की एजेन्सी ने जांच की थी। उस एजेन्सी ने बताया कि आशीष मिश्रा का उस घटना में हाथ है।

फोरेन्सिक रिपोर्ट में साफ-साफ लिखा है कि उसकी बन्दूक से ही घटना को अन्जाम दिया गया है। इतने सारे साक्ष्य के बाद भी गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी का बरखास्त ना होना, उनके खिलाफ कार्यवाही ना होना यह साबित करता है कि सरकार कातिलों को संरक्षण देकर कातिलों के साथ खड़ी है।प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि आदरणीय प्रियंका गांधी जी ने अपने पत्र के माध्यम से मांग की है कि किसान आन्दोलन में जिन 700 किसानों ने अपनी शहादत दी है उनके परिवार जनों को आर्थिक मदद दी जाये। एम0एस0पी0 की गारन्टी योजना बनाई जाये और जो तीन काले कानून है उनके लिए अध्यादेश लाने की व्यवस्था सरकार द्वारा सुनिश्चित की जाये। इन सभी मांगों को सरकार शीघ्र से शीघ्र पूरा करे।

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