योगी सरकार के आंकडे फर्जी दावे बेदम -अशोक सिंह

सरकारी नौकरियां देने के योगी सरकार के आंकड़े भ्रामक। सदन में नौकरियों के भर्ती मामले में योगी सरकार सवालों के जवाब क्यों गोलमोल दे रही है।पुलिस सिपाही भर्ती के 35 हजार से अधिक चयनितों का अभी तक मेडिकल भी नहीं हुआ, नियुक्ति दूर की बात। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में समूह क, ख, ग कब विज्ञापन हुए कब नियुक्तियां हुई बताये सरकार।स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ की कमी, सरकार झूठ बता रही भर्तियां की।सरकार के दावे बेदम, फर्जी आंकड़ों के बल पर गुमराह न करे सरकार



लखनऊ।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के संयोजक अशोक सिंह ने 4.50 लाख सरकारी नौकरियां देने के योगी सरकार के आंकड़े को हवा हवाई बताते हुए कहा कि वर्तमान सत्र में नौकरियों के भर्ती मामले में योगी सरकार कोई जवाब देने को तैयार नही हुई, इसी तरह सूचना के अधिकार के तहत मांगी सूचना देने में भी वह बच रही है, इसका सीधा मतलब है कि भर्तियों के बताये जा रहे आंकड़े यथार्त के धरातल पर नहीं बल्कि हवा में है। योगी सरकार अपने पूरे शासनकाल में हर मामले में फर्जी आंकड़े पेश कर गुमराह करने का काम कर रही है। योगी सरकार द्वारा विभागवार भर्तियों की सूची को आंकड़ों की झूठ क्रीड़ा बताते हुए कहा कि काम न करने वाली योगी सरकार फर्जी आंकड़ेबाजी में चैंपियन आफ चैंपियन साबित हुई है।


  श्री सिंह ने कहा कि योगी सरकार द्वारा बताया जा रहा है कि पुलिस सिपाही के पद पर 1.43 लाख भर्तियां की गयी जबकि इसी भर्ती के 35568 चयनित सिपाहियों का अभी तक मेडिकल भी नही हुआ, जिसके लिये चयनित अभ्यर्थी एक साल से अधिक हो जाने के बाद भी मडिकल से वंचित है और वह अभ्यर्थी मेडिकल व नियुक्ति की मांग को लेकर लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे है नियुक्ति तो दूर की बात है। इसी तरह अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में समूह क, ख, ग की भर्तियों के कब विज्ञापन आये किसी को पता नहीं फिर कब और कैसे नियुक्तियां हुई यह सरकार को सामने आकर बताना चाहिये। सरकार के मंत्री भर्तियों के मामले में मुह खोलने को तैयार नहीं सिर्फ विज्ञापन और सत्ताधारी दल के नेता झूठा प्रलाप कर गुमराह कर रहे है।


योगी सरकार हर कदम पर झूठ बोल रही है, स्वास्थ्य विभाग डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है, उसके बाद भी सरकार झूठ बता रही है कि उसने भर्तियां की है। जिला अस्पतालों से लेकर पीएचसी और सीएचसी में न डॉक्टर्स है न पैरामेडिकल स्टाफ हालात इतने बदतर है कि सफाईकर्मियांे को इलाज करने के साथ टांके तक लगाने पड़ रहे पूरे कोरोना काल से लेकर अब तक पीएचसी और सीएचसी में ताले लटकते रहते है।


अशोक सिंह ने कहा कि  ग्राम पंचायत अधिकारियांे की भर्ती का परिणाम आने के बाद उसे निरस्त करना सरकार का बेरोजगारों के विरुद्ध अत्याचार सबने देखा, सहायक शिक्षक के प्रदेश में लगभग 1.37 लाख रिक्त पद के सापेक्ष 69 भर्तियां हुई लेकिन उसमें पिछड़ो का अधिकार हड़पने में योगी सरकार ने कोई संकोच नहीं किया अभ्यर्थी इसी भर्ती में 22 हजार पद जोड़ने की मांग को लेकर आंदोलित है, उनपर योगी जी लाठी डंडे पुलिस से चलवाकर उनकी आवाज और न्यायोचित मांगो का दमन करने पर उतारू है। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों के मामले में योगी सरकार बहुत सफाई के साथ झूठ प्रस्तुत करने का दुस्साहस कर रही है, जबकि जमीनी सच यह है कि उसके दावे बेदम, फर्जी आंकड़ों के है। उंन्होने कहा कि वह प्रदेशवासियों को गुमराह करने का काम बंद करें।

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