कोविड-19,वैक्सीन टीकाकरण गाइडलाइंस के अनुसार करें -मुख्यमंत्री


bकोविड-19 प्रोटोकाॅल के दिशा-निर्देशों तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जो व्यवस्थाएं तय की गई हैं, उनका शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए।टीम वर्क और अन्तर्विभागीय समन्वय के आधार पर वैक्सीनेशन अभियान को सफलतापूर्वक संचालित किया जाए।10 जनवरी, 2021 से प्रारम्भ होने वाले ‘मुख्यमंत्री आरोग्य मेले’ के दौरान आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र व्यक्तियों को गोल्डन कार्ड वितरण सम्बन्धी कार्यवाही की जाए।अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की स्वास्थ्य सुरक्षा राज्य सरकार की प्रतिबद्धता।


लखनऊ –
योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में प्रारम्भ होने जा रहे कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान की सभी तैयारियां सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड वैक्सीन सम्बन्धी टीकाकरण भारत सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार क्रमवार किया जाना है। इसमें किसी भी स्तर पर कोई परिवर्तन न किया जाए। कोविड वैक्सीन प्राथमिकताओं के क्रम में सबको उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने कोविड वैक्सीनेशन के सम्बन्ध में सुरक्षित स्टोरेज, प्रभावी कोल्ड चेन सिस्टम, उपकरणों की उपलब्धता तथा सुगम ट्रांसपोर्टेशन व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी आज यहां अपने सरकारी आवास पर वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे।

इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि पिछले 10 महीनों के दौरान सबके सहयोग से कोविड-19 संक्रमण को नियंत्रित करने में जिस प्रकार सफलता मिली है, उसी प्रकार कोरोना वैक्सीनेशन अभियान को भी सफलतापूर्वक संचालित किया जाए। इसके लिए उन्होंने समय रहते सभी तैयारियां और व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन अन्तर्विभागीय समन्वय स्थापित करने के लिए नोडल अधिकारी तैनात करे। टीकाकरण स्थल पर निरीक्षण कर पर्याप्त स्थान, पेयजल की उपलब्धता, शौचालय इत्यादि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन एवं अन्य लाॅजिस्टिक्स की उपलब्धता रहे।

कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान के प्रथम चरण में 09 लाख हेल्थ केयर वर्कर्स का टीकाकरण किया जाना है। यह टीकाकरण लगभग 1500 स्थलों पर 3000 सत्रों के दौरान होगा। इनमें सरकारी और निजी क्षेत्रों के हेल्थ केयर वर्कर्स शामिल रहेंगे। द्वितीय क्रम में फ्रण्टलाइन वर्कर्स का टीकाकरण होगा, जिसमें केन्द्रीय व राज्य पुलिस बलों, राजस्व कर्मी तथा म्युनिसिपल वर्कर्स आदि सम्मिलित रहेंगे। इसके लिए लगभग 3000 स्थल और 6000 सत्र निर्धारित किए गए हैं। तीसरे चरण में 50 वर्ष की आयु से अधिक तथा कोविड प्रोटोकाॅल के अनुसार गम्भीर रोगों से पीड़ित 50 वर्ष आयु तक के लोगों को वैक्सीन उपलब्ध करायी जाएगी।

जनपद स्तर पर कोविड वैक्सीनेशन अभियान की जिम्मेदारी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी की होगी। इसमें किसी भी प्रकार की शिकायत व शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 प्रोटोकाॅल के दिशा-निर्देशों तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जो भी व्यवस्थाएं तय की गई हैं, उनका शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भारत ऐसा देश है, जहां पर कोविड-19 के सम्बन्ध में 02 वैक्सीन उपलब्ध हो गई हंै। उन्होंने इसके लिए वैज्ञानिकों की सराहना की।

टीकाकरण स्थल पर पर्याप्त स्थान, पेयजल की उपलब्धता, शौचालय इत्यादि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन एवं अन्य लाॅजिस्टिक्स की उपलब्धता रहे।वैक्सीनेशन के प्रथम चरण में 09 लाख हेल्थ केयर वर्कर्स, द्वितीय क्रम में फ्रण्टलाइन वर्कर्स, तीसरे चरण में 50 वर्ष की आयु से अधिक तथा कोविड प्रोटोकाॅल के अनुसार गम्भीर रोगों से पीड़ित 50 वर्ष आयु तक के लोगों को वैक्सीन उपलब्ध करायी जाएगी।जनपद स्तर पर कोविड वैक्सीनेशन अभियान की जिम्मेदारी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी की होगी।

कोविड-19 वैक्सीनेशन के सम्बन्ध में जागरूकता अभियान भी चलाया जाए। यह वैक्सीन सुरक्षित है और कोविड-19 के संक्रमण से रोकथाम के लिए है। इस सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की अफवाह पर अंकुश लगाया जाए। जनपद स्तर पर जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा शासन को अवगत कराते हुए मीडिया ब्रीफिंग की व्यवस्था की जाए। यह ध्यान रखा जाए कि मीडिया ब्रीफिंग तथ्यों पर आधारित और प्रभावी हो। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे अभियान के दौरान फील्ड विजिट करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टीम वर्क और अन्तर्विभागीय समन्वय के आधार पर वैक्सीनेशन अभियान को सफलतापूर्वक संचालित किया जाए। जिन जनपदों में कोविड वैक्सीनेशन की तैयारियों में कोई कसर रह गई है, उन जनपदों में भी व्यवस्थित तरीके से समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर पूरी सक्रियता के साथ संचालित रहें। कोविड केयर सेण्टर भी कार्यरत रहें। पब्लिक एडेªस सिस्टम द्वारा कोविड-19 संक्रमण के सम्बन्ध में लोगों को निरन्तर जागरूक व सतर्क किया जाता रहे। 10 जनवरी, 2021 से प्रारम्भ होने वाले ‘मुख्यमंत्री आरोग्य मेले’ की तैयारियां समय से पूरी करते हुए स्वास्थ्य व पोषण के सम्बन्ध में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। इस दौरान आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र व्यक्तियों को गोल्डन कार्ड वितरण सम्बन्धी कार्यवाही की जाए। अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की स्वास्थ्य सुरक्षा राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है।

मुख्यमंत्री ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान की तैयारियों की समीक्षा की।प्रदेश में प्रारम्भ होने जा रहे कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान की सभी तैयारियां सुनिश्चित किए जाने के निर्देश।कोविड वैक्सीन सम्बन्धी टीकाकरण भारत सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार किया जाए। कोविड वैक्सीनेशन के सम्बन्ध में सुरक्षित स्टोरेज, प्रभावी कोल्ड चेन सिस्टम, उपकरणों की उपलब्धता तथा सुगम ट्रांसपोर्टेशन व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश।
कोरोना वैक्सीनेशन अभियान को सफलतापूर्वक संचालित किया जाए।

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने कोविड वैक्सीनेशन अभियान की तैयारियों के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराते हुए जनपदीय अधिकारियों को वर्चुअल माध्यम से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस महानिदेशक श्री एच0सी0 अवस्थी ने सुरक्षा सम्बन्धी तैयारियों के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री जी को जानकारी दी।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने किसान प्रतिनिधियों, संगठनों से संवाद कर, उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान व गन्ना क्रय केन्द्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके पर्याप्त प्रबन्ध सुनिश्चित किए जाएं। गोआश्रय स्थलों की सुव्यवस्था करते हुए, उनका सफल संचालन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 50 लाख रुपए से अधिक की परियोजनाओं के सम्बन्ध में जिलाधिकारी व मण्डलायुक्त द्वारा समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित की जाए। टीम बनाकर इस कार्य को किया जाए। उन्होंने कहा कि जर्जर इमारतों, स्कूलों, चिकित्सालयों व सरकारी भवनों के सम्बन्ध में भी समीक्षा करते हुए कार्यवाही की जाए। जर्जर भवनों की समीक्षा करते हुए उनके ध्वस्तीकरण की कार्यवाही निर्धारित गाइडलाइंस के अनुसार की जाए। अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था व उपकरण उपलब्ध रहें। माफिया व पेशेवर अपराधियों के विरुद्ध निरन्तर कार्रवाई जारी रहे। इनकी अवैध सम्पत्तियों के सम्बन्ध में कार्यवाही की जाए।

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