राम मंदिर के निर्माण से लेकर चढ़ावे तक में घोटाला

डॉ0 उमा शंकर पाण्डेय

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय पूर्व मंत्री  ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा – आज बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य के लिए हम सब लोग यहाँ एकत्रित हुए हैं, क्योंकि जो आस्था का सैलाब या आस्था का एक वातावरण पूरे देश के अंदर भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस के लोगों ने खड़ा किया था, आज उसके साथ पूरी तरीके से छल किया जा रहा है। आस्था को पूरी तरीके से बेचा जा रहा है। जो धर्म के नाम पर आए और धर्म का पूरा सौदा कर लिया इन लोगों ने।

आप देख सकते हैं जो अभी वर्तमान की स्थिति सामने आई है अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि को लेकर, उसमें पूरे तरीके से, जबरदस्त तरीके से लूट हुई है और यह संगठित लूट है। यह कोई कहे कि कर्मचारियों ने लूट लिया या किसी छोटे व्यक्ति ने लूट लिया, ऐसा नहीं है, इसमें सब बड़े-बड़े लोग शामिल हैं। इन्हीं के एक पूर्व सांसद ने कहा कि “अगर मैं नाम लूँगा तो बड़े-बड़े लोग इसमें आ जाएंगे और मैं फँस जाऊँगा।” बोलिए, आप क्यों नहीं नाम ले रहे हैं?

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने  कहा  कि  आज आप देख सकते हैं कि इस ट्रस्ट में जो सबसे महत्वपूर्ण चीज़ है कि एक रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट नृपेंद्र मिश्रा, जो लगभग 5 वर्ष 3 महीने प्राइम मिनिस्टर के प्रमुख सचिव बनकर, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव बनकर काम किए, उनको ट्रस्ट का चेयरमैन बनाया जाता है। तो जिम्मेदार कौन है? जिम्मेदार सीधे-सीधे अगर कोई है तो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। अपने प्रधान सचिव को आपने बैठा दिया ले जाकर, अपने साथ काम करने वाले। और जो उसमें और भी जो लोग हैं, चाहे वो गोपाल राव हैं, पहले से वो विवादित व्यक्ति रहे हैं, बहुत तमाम विवाद में पहले से हैं वो। आप देख सकते हैं चंपत, जो सारा माल चंपत कर गए, निकल गए; चंपत निकाल लिया माल। फिर उसके एक और उसमें अनिल मिश्रा हैं। सारे लोग जो आरएसएस की पृष्ठभूमि के लोग हैं और जो लोग उनसे संबंधित लोग हैं, मोदी से संबंधित हैं, वो सभी लोग उसके अध्यक्ष और उसके मेंबर बने हुए हैं। और ड्राइवर, कर्मचारी—अरे, ये तो बहुत ही साधारण लोग हैं, उनसे यह सब कराया गया है। कराने वाले कौन लोग हैं? और यह तो मान लिया इन्होंने; एसआईटी गठित करके यह मान लिया कि गड़बड़ी तो हुई है जबरदस्त तरीके से। यह साबित करता है।

पहले इन्होंने चंदा चोरी के नाम पर, पूरी तरीके से जब राम जन्मभूमि का मुद्दा चल रहा था, उस समय इन लोगों ने शिला पूजन करा-कराके गाँवों में तमाम पैसे वसूले लोगों से। वो 1,400 करोड़ के ऊपर की चोरी है। उस समय भी बात उठी थी। उसमें उस समय के विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष थे अशोक सिंघल जी… वो पैसा कहाँ गया? उसका अभी तक कोई लेखा-जोखा नहीं आया जो चंदे के नाम पर यह पैसा खाए थे, चोरी कर ले गए। दूसरा, ज़मीन जो वहाँ की ज़मीनें हैं; रिकॉर्ड में है कि एक जो ज़मीन वहाँ पर ली गई, 2 करोड़ में… 2 करोड़ की ज़मीन 18.5 करोड़ में बेच दी गई। और वहाँ के जो मेयर तत्कालीन ऋषिकेश उपाध्याय, कहाँ कुछ हुआ? कोई जाँच आई सामने? हर चीज़ को दबाओ, दबाओ, ढक दो। आज उसी का कारण है कि यह पूरी तरीके से पूरा सिस्टम आज नहीं सालों से, यह लगभग 200 करोड़ तो दिख रहा है, मुझे लगता है काफी बड़ी तादाद में वहाँ पर संगठित लूट हुई है, संगठित! और भगवान राम का पैसा आप खा गए? जिस भगवान राम के नाम पर पूरे देश और दुनिया में डंका बजाया, जिस भगवान राम के नाम पर आपने पूरी तरीके से अपनी सारी जितनी दुकान है, इनकी सारी दुकान चलाने का काम किया और आज भगवान राम को ही आप पूरी तरीके से… आप जिस तरीके का चंदा चढ़ा, चंदा से लेकर चढ़ावे का पैसा, चढ़ावे का पैसा।

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हर आदमी, दिल में, घर में, हमारी माता जी, हमारी दादी-नानी, वो अपने आंचल में बाँधकर पैसा रखती थीं। उस समय बैग का चलन नहीं था, मैंने अपनी आँख से देखा है। वो चलन में वहाँ बाँधकर ले जाती थीं और खोलकर माथे से लगाकर वहाँ पर रखती थीं कि “यह हमारी तरफ से दान है।” चाहे 50 हो या 100 हो, उसमें 500 की नोट नहीं थी; 100 था, 50 था जो भी। आज उस चढ़ावे की आस्था को, चीज़ों को आपने लूट लिया। कहाँ हैं आपके सारे लोग जो बड़ी-बड़ी बात करने वाले? मैं निश्चित तौर से इतना कहना चाहूँगा कि आप इस पर तत्काल जो एसआईटी गठित है—उसका समय भी नहीं है कि एसआईटी कितने दिन में वो देगी रिपोर्ट, जाँच रिपोर्ट कितने दिन में देगी—यह एसआईटी रिपोर्ट एक हफ्ते के अंदर आनी चाहिए और इसकी पूरी तरीके से आप ऑडिट कराइए, जाँच कराइए।

जो एसआईटी है, एसआईटी में है कौन? मैंने पढ़ा उसमें; कौन मेन पंत हैं? कोई विजय विश्वास पंत हैं। इलाहाबाद के डीएम थे, कमिश्नर थे और कमिश्नर कब थे? जब वहाँ स्टैम्पीड (भगदड़) हुआ महाकुंभ में, यह उस समय कमिश्नर थे। और जब खुद व्यक्ति जो जाँच में फँसा हुआ है, वह व्यक्ति जाँच कर रहा है; यह दुर्भाग्यपूर्ण है। जो व्यक्ति खुद जाँच में फँसा हुआ है, इतनी बड़ी घटना घटी, उसको आज एसआईटी की जाँच दे दी गई है, वो जाँच करेंगे। इसका मतलब यह साबित होता है कि यह पूरे तरीके से केवल और केवल एक खानापूर्ति की गई है। हमारी मांग है कि माननीय उच्च न्यायालय के सिटिंग जज से उसकी जाँच कराई जाए और समयबद्ध, एक हफ्ते से ज़्यादा, एक हफ्ते से 10 दिन से ज़्यादा समय न देकर उसकी जाँच कराएँ और जाँच कराकर ऊपर कठोर कार्रवाई हो। और जितनी बड़ी-बड़ी मछलियाँ हैं, उनको गिरफ्तार करें, जेल भेजें। और पूरी तरीके से अगर इसके जिम्मेदार अगर कोई है तो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी हैं। मैं चाहूँगा कि मोना जी कुछ कहना चाहेंगी, तो आप बात करें।

कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा‘मोना’  ने कहा- मैं सिर्फ दो या तीन बातें इसमें जोड़ना चाहती हूं। जिस तरह से प्रभु राम में आस्था रखने वाले सनातन धर्म के करोड़ों लोगों की आस्था पर आज आघात किया है भारतीय जनता पार्टी ने, ये स्पष्ट हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी प्रभु राम की पुजारी नहीं है, प्रभु राम के नाम पर व्यापार किया है भारतीय जनता पार्टी ने।

ये तो मामला आज सामने आया है कि किस तरह से चंदे का घोटाला हुआ है। पर मैं आप लोगों को थोड़ा सा पीछे ले जाना चाहती हूं। जिस तरह से आज चढ़ावे के पैसे जिसकी कीमत 200 करोड़ के आस-पास है, पर इसकी पृष्ठभूमि देखिए। मैं तो यही कहूंगी कि जबसे ये ट्रस्ट बना था और जो ट्रस्ट में लोग थे, उनकी नीयत साफ नहीं थी और यही वजह थी कि जब अधिग्रहण हो रहा था जमीन का, उस वक्त भी, जैसा कि अध्यक्ष जी ने बताया कि वहाँ के मेयर के परिवार के लोगों ने किस तरह से सस्ती जमीन खरीद कर महंगी जमीन ट्रस्ट को बेची और ये आरोप विपक्ष ने नहीं लगाया था, ये आरटीआई में, ये आरोप की पुष्टि आरटीआई के माध्यम से हुई थी।

दूसरी बात, याद होगा आप लोगों को कि जहाँ पर प्रभु राम का मंदिर बना, उसके आस-पास सेना की भी जमीनें थी। उस जमीन को भी डी नोटिफाई करके किसको दी गई थी-बड़े-बड़े उद्योगपतियों की दी गई थी। बड़े-बड़े महात्माओं को, जिन्होंने उन जमीनों को लेने का प्रयास किया। ये सारी चीजें पब्लिक डोमेन में थी और वो भी किसकी जमीन थी, सेना की जमीन थी।

तो ये लगातार… उसमें नाम जो आए थे, अभी तो उसकी जांच और पुष्टि हो ही रही है, पर जिन भी लोगों के नाम आए, सेना की जमीन के साथ जिस तरह से उसको डी नोटिफाई करके गांव के गांव की बड़ी जमीन कई हेक्टेयर जमीन दे दी गई थी सस्ते दामों में। ये भी एक विवाद सामने आया था, पर वो भी बिना किसी जांच के, बिना किसी उसके आज उसका भी अस्तित्व कहाँ हैं, वो जांच कहाँ पर है, किसी को नहीं मालूम।

तीसरा- जब ये मंदिर का निर्माण हो रहा था। आप सब लोगों ने पढ़ा होगा, देखा होगा, आप लोगों के प्रेस के साथियों के माध्यम हम लोगों तक भी जानकारी पहुंची थी, कि पहली बरसात में वहाँ की जमीन, वहाँ की सड़क धंस गई थी, जो कई सौ करोड़ की लागत से बनी थी। पहली बरसात में गर्भगृह के अंदर पानी टपक रहा था।

क्या ये सनातन धर्म में विश्वास रखने वालों के साथ धोखा नहीं था? जिस तरह से हर स्तर पर जमीन अधिग्रहण से लेकर मंदिर के निर्माण, परिसर के निर्माण और फिर आज चढ़ावे का भी घोटाला किया है। ये स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी की नीयत और उससे जुड़े हुए लोगों की, ये उन्हीं के संगठन के लोग हैं, उन्हीं से जुड़े हुए लोग है, उनकी नीयत ना पहले साफ थी, ना आज साफ थी और मैं इसको दोबारा दोहराऊंगी, इसको मैं कह रही हूं कि भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा प्रभु राम के नाम का व्यापार किया है।

अंत में अपनी बात पर जोर डालते हुए मैं इतना ही कहूंगी, दोहराते हुए हमारे माननीय अध्यक्ष ने जो कहा कि इसकी जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में होनी चाहिए और समय अवधि तय होनी चाहिए। अनिश्चितकाल की जो अवधि इन्होंने दे दी है, वो हमारी मांग है, यही दो मांग हैं कि निश्चित समय में हो और हाईकोर्ट के सिटिंग जज से हो और आज ही एक प्रकरण और सामने आया है। 1,250 श्रीराम शिलाएं गायब हो चुकी हैं और उसमें से कई तो ऐसी शिलाएं थी, जो कि बहुत कीमती थी और वो केवल और केवल आस्था के नाम पर प्रभु राम की धरोहर थी, भारतीय जनता पार्टी या उनसे जुड़े हुए घोटालेबाजों की नहीं थी।

तो ये बड़ा विषय है और जिस तरह से धोखा दिया है उन्होंने इस देश के सनातन और प्रभु राम के नाम पर आस्था रखने वालों पर, इसका अब पर्दा उठ चुका है, पर जांच सामने आनी चाहिए। जो लोग इसमें दोषी हों, उनके ऊपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। धन्यवाद।      

एक प्रश्न पर कि जो चंपत राय बंसल जी हैं, ये प्रवीण तोगड़िया के बड़े नजदीक माने जाते हैं, उसके बाद मोदी जी के नजदीक हुए और अभी तक इनके खिलाफ एफआईआर नहीं हुई है, जांच उन्हीं अधिकारियों को सौंपी गई हैं, जो खुद विवादित रहे हैं, तो आप क्या कहेंगे? अजय राय ने कहा- मैंने तो आपको बता दिया कि जो व्यक्ति खुद जांच में फंसा है, जो कमिश्नर प्रयागराज, जो महाकुंभ में व्यक्ति था, जिसकी पूरी भूमिका उसमें रही है, जिसने उकसाया लोगों को कि जल्दी-जल्दी स्नान कर लो, नहीं तो फिर, आपने देखा रिकोर्ड-वीडियो आए थे। उस व्यक्ति को जांच दी गई है, एसआईटी की जांच, वो भगवान के चोरों की जांच करने के लिए दी गई है। जिसकी खुद की जान फंसी हुई है, उसको जांच अधिकारी बना दिया गया है। इससे साबित होता है कि पूरे तरीके से  जांच प्रभावित होगी।

हमारी मांग है कि तत्काल हाईकोर्ट सीटिंग जज से जांच कराई जाए और आपने कहा चंपत राय बंसल जी हैं, चंपत राय बंसल जी मोदी जी के खास हैं अब। वो समय भूल गए, इसलिए मैंने कहा कि कोई जिम्मेदार अगर कोई है, तो सीधे-सीधे इसमें जांच नरेंद्र दामोदर दास मोदी, क्योंकि सभी उनके नजदीकी लोग तो उसमें बैठे हैं। चाहे वो नृपेंद्र मिश्रा हो, जिनके साथ पांच साल से ऊपर काम किया हो, चाहे चंपत राय बंसल जी हों,  चाहे जितने भी लोग उसमें हैं, सब लोग उनके नजदीकी हैं। अब मोदी जी विदेश चले गए घूमने, विदेश टहल रहे हैं। इससे साबित होता है कि चीजों को भटकाने के लिए आप काम कर रहे हैं। इसमें प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए और सीधे-सीधे नरेंद्र दामोदर दास मोदी के ही बैठाए हुए लोग वहाँ पर हैं, जो पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।

एक अन्य प्रश्न पर कि जो तमाम लोग हैं, जो राम मंदिर को चला रहे हैं, उनको सरकार के द्वारा अपॉइंट किया गया है, इनको कैसे हटाएंगे, इनका कार्यकाल कब तक है, इसको लेकर क्लेरिटी आनी चाहिए? अजय राय ने कहा- नहीं, देखिए क्लेरिटी तो अभी जो जांच रिपोर्ट को उन्होंने एसआईटी किया है, कोई टाइम बाउंड है क्या? टाइम बाउंड भी नहीं किया उसको और इतनी बड़ी घटना घटी है, पूरे देश और दुनिया में हलचल है कि भगवान राम के नाम पर आने वाले लोग, जिन्होंने इतने दिन भगवान राम के नाम पर अपनी दुकान चलाई, आज सारी चीजें सामने आ गई। उसके बाद भी कोई जांच रिपोर्ट कब तक आएगी, 10 दिन में आएगी, 15 दिन में आएगी, कोई पता ही नहीं है। तो ये इससे साबित हो रहा है कि पूरी तरीके से जो आपने बात कही है, निश्चित तौर से तय होना चाहिए और इसमें तय होना चाहिए कि इसमें कोई भी ऐसा व्यक्ति, इसमें जो भी आए ट्रस्ट में, ट्रस्ट में इसमें परम पूज्य शंकराचार्य जी और जो धर्म से जुड़े लोग हैं, जो अलग-अलग धर्म के अपने हिंदू धर्म के, जो सनातन धर्म के लोग बड़े स्तर पर बैठे हैं, उनको इस ट्रस्ट में शामिल करना चाहिए।

इसी संदर्भ में आराधना मिश्रा ने कहा- दूसरी चीज इसमें मैं एक जोड़ना चाहती हूं कि जितनी भी जैसे ये 1,250 शिला जो चोरी हुई या जो भी मंदिर की संपत्ति है, उसका कोई ब्यौरा नहीं है। सबसे बड़ी बात ये है कि ये तो एंट्री होनी चाहिए थी, इसका एक लेजर तैयार होना चाहिए था कि ये जो भी संपत्ति किसी भी तरह की आती है, चाहे वो चढ़ावे के नाम पर हो या जो लोग श्रद्धा से वहाँ दे जाते हैं, बहुत सारी चीजें हैं। ये आपको सुनकर आश्चर्य होगा कि कोई भी लेजर वहाँ पर नहीं तैयार है, जिसके बारे में वो जानकारी दे सके कि कितनी तरह की चीजें या कितनी संपत्तियां वहाँ पर आई हैं। कोई लेजर नहीं है, अनअकाउंटेड है।

एक अन्य प्रश्न पर कि मुख्यमंत्री का एक बयान आया है इसी सिलसिले में कि जिन लोगों ने राम भक्तों पर गोली चलाई, उन्हें साधु-संतों की याद आ रही है, इस पर कांग्रेस का क्या रिएक्शन है? अजय राय ने कहा- गोली चलवाने वाला तो वहाँ पर अध्यक्ष बना हुआ है। कौन था? गोली चलवाने के जो आदेश दिए, जिस अधिकारी ने, उसका मुख्यमंत्री जी जरा बता दें। मुख्यमंत्री बता दें कि गोली चलवाने वाले व्यक्ति को अध्यक्ष बनाया है और ट्रस्ट का चेयरमैन कौन है, ये बता दें जरा?

एक अन्य प्रश्न पर कि मुख्यमंत्री का एक कल का बयान बड़ा वायरल हो रहा है, जिसमें वो कह रहे हैं कि माफिया का सफाया करना उनका सबसे प्रिय विषय है, हो सकता है आपने देखा हो कि वो लखनऊ की एक जमीन को खाली करवाने को लेकर एक कहानी बता रहे हैं कि डीजीपी उनके पास आए और फिर वो जमीन उन्होंने खाली करवाई है, ये उनका बड़ा उनका प्रिय विषय है? अजय राय ने कहा- अब देखिए, मैं इतना ही कहूंगा कि योगी जी अगर ये बात कह रहे हैं, सारे माफिया तो भारतीय जनता पार्टी के एमपी बने हुए हैं, एमएलसी बने हैं, एमएलए बने हैं। उनको सीआईएसएफ की सुरक्षा मिली हुई है। उनके साथ पूरा एस्कॉर्ट चल रहा है, सिक्योरिटी चल रही है। मेरे चुनाव में मंच पर चढ़कर रामचरितमानस का पाठ कर रहे थे, 2024 में मोदी जी के लिए रामचरितमानस पढ़ रहे थे ये लोग। शर्म आनी चाहिए इनको, योगी जी को शर्म आनी चाहिए, गेरुआ वस्त्र पहन कर झूठ बोल रहे हैं और सारे अपराधियों को, सारे माफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे का अपहरण करने वाला व्यक्ति एमएलसी बनकर, निर्विरोध एमएलसी बनकर भारतीय जनता पार्टी का मेंबर है, दुर्भाग्यपूर्ण है।

इसी संदर्भ में आराधना मिश्रा ने कहा- इसमें इस पर भी जवाब दे दें माननीय मुख्यमंत्री जी कि जो सबसे बड़ा अपराध किया है आज की तारीख में, जिन्होंने प्रभु राम की संपत्ति को ही लूट लिया, ऐसे माफियाओं के ऊपर क्या कार्रवाई करेंगे? बुलडोजर चलेगा, कब चलेगा? इससे बड़ा, इससे जघन्य अपराध आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं हो सकता।

इसी संदर्भ में अजय राय ने पुन: कहा- थोड़ा सा भी अगर उनके अंदर संत का भाव है, तो मिश्रा जी ने कहा ना कि भाई, अगर संत हो सबसे बड़े, तो भक्त हो भगवान के। उसी के नाते गेरुआ पहना है आपने, उसी के नाते मुख्यमंत्री बने हैं। तो भाई बुलडोजर चलवाइए ना और अभी तक ईडी ने एंट्री नहीं की उसमें। बड़ा आश्चर्य हो रहा है कि अभी जो चढ़ावा चोरी हुई है, उसमें अभी तक ईडी की एंट्री क्यों नहीं हुई? अब तक तो हर जगह ईडी की एंट्री हो जाती है, अभी तक नहीं हुई है, इस पर तत्काल हो। तुरंत दिखावे के लिए क्या कुछ करने वाले हैं ये लोग?

एक अन्‍य प्रश्‍न पर कि आपके एक सहयोगी हैं इमरान मसूद साहब, जो कह रहे हैं कि 403 सीटों पर आप लोगों की तैयारी है। तो क्या वाकई में कांग्रेस यूपी की सभी सीटों पर लड़ने की तैयारी कर रही है? अजय राय ने कहा कि देखिए, मैं इतना ही कहूँगा कि जो बात आ रही है सामने, आप यह देख सकते हैं कि जो भगवान राम के नाम पर आए पूरे देश में, आज भगवान राम की ही शिलाएं चोरी हो रही हैं। 1,250 शिलाएं आई हैं, अब कितनी गायब हो चुकी होंगी? कितने दान से लेकर अभी तक चल रहा है। अब चढ़ावा… एक तो पहले चंदा चोरी किया, उसके बाद ज़मीन चोरी करके बेचा, अब चढ़ावा चोरी करा रहे हैं। तो यह तो पूरी तरीके से अब तो हिंदू समाज समझ चुका है ना कि जिनको हम लोगों ने वोट दिया, आगे बढ़ाया, देश का प्रधानमंत्री बनाया, मुख्यमंत्री बनाया, उन्हीं के संरक्षण में भगवान की जो आस्था के नाम पर चोरी हो रही है, वो सारी चीज़ें आ गईं। तो मैं समझता हूँ यह तो सब चीज़ें सामने आ चुकी हैं।

और निश्चित जो हमारे सांसद ने कहा है, हम लोग संगठन सृजन के माध्यम से जो संगठन की हमारी तैयारी है, वह हम पूरी तरीके से अपनी 403 विधानसभाओं में संगठन सृजन के माध्यम से कर रहे हैं। अब नेतृत्व निर्णय लेगा कि किसके साथ लड़ना है, कैसे लड़ना है; वह तो राष्ट्रीय नेतृत्व का निर्णय है। हमारा जो काम है—संगठन सृजन, संगठन को मजबूत करना है। यूपी में कैसे मजबूत हो, हम लोग उस पर काम कर रहे हैं।

एक अन्‍य प्रश्‍न पर कि ओवैसी को आप लोग क्या मानते हैं, सेकुलर मानते हैं या बीजेपी की बी-टीम मानते हैं? क्योंकि आपके नेता तो बीजेपी की बी-टीम कहते आए हैं। आराधना मिश्रा ने कहा कि देखिए, जो नेतृत्व निर्णय ले रहा है… ओवैसी जी की एंट्री जहाँ-जहाँ भी हुई, वहाँ-वहाँ पर हमारे नेतृत्व ने एक सशक्त निर्णय लिया, ताकि इस देश के संविधान को हम बचा सकें। और इस देश के संविधान को बचाना, इस देश को बचाना कांग्रेस की पहली प्राथमिकता है।

एक अन्‍य प्रश्‍न पर कि लगातार क्योंकि कांग्रेस पार्टी यह सवाल खड़े कर रही है और अब री-एग्जामिनेशन भी होने जा रहा है, उससे ठीक पहले गवर्नमेंट ने रेस्ट्रिक्शन लगा दिया है टेलीग्राम के एक्सेस पर, क्योंकि उसके थ्रू ही जो पेपर लीक था वो हुआ था। इस पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है? क्या आप एक्चुअली सेटिस्फाइड हैं जिस तरीके से गवर्नमेंट ये सब स्टेप्स ले रही है? दूसरी चीज़ इसी से जुड़ी यह है कि पेपर को भी तमिलनाडु तक पहुँचाने के लिए इंडियन एयरफोर्स के जो विमान हैं, उनका इस्तेमाल किया जा रहा है। इस पर आप क्या कहना चाहेंगी? आराधना मिश्रा ने कहा कि देखिए, कितनी दुखद है यह बात कि आज नीट के एग्जाम के लिए… जहाँ पर पूरी दुनिया में जो एग्जाम्स होते हैं, किसी भी एंट्रेंस एग्जाम्स, वो स्मूथली हो जाते हैं। पर दुखद है कि भारत में अगर हमें एग्जाम कराना है तो उसमें हमें आर्मी का और एयरफोर्स का और मिलिट्री का सहयोग लेना पड़ेगा। कहाँ है हमारी आईबी? कहाँ है हमारी रॉ? कहाँ पर हमारी इंटेलिजेंस है? क्यों फेल हो जाती है? और एक नहीं, लगातार नीट के एग्जाम के पेपर और कई और एग्जाम्स के पेपर लीक होते चले जा रहे हैं। कौन जिम्मेदार है? जो नौजवान जिन्होंने इसकी वजह से आत्महत्याएं कीं, जो परिवार के पेरेंट्स परेशान हैं, आखिर उनकी जवाबदेही किसकी है? यह तो जवाबदेही प्रधानमंत्री जी की है ना?

तो सबसे बड़ी बात यह है कि आज यह परिस्थिति आई, इसलिए आई क्योंकि पहले लोग… ऐसे लोगों को आपने नीट के जैसे एग्जाम्स को कराने की जिम्मेदारी दी जिन पर पहले भी आरोप लग चुके हैं। और जब इसके पहले 2024 में पेपर लीक हुआ था तो कोई कार्रवाई नहीं की गई थी, आज भी वह पेंडिंग है। शायद अगर कार्रवाई की होती तो एक नजीर बन गई होती और इसकी पुनरावृत्ति नहीं होती। पर आज फिर भी केवल और केवल जो शिथिलता है—या तो सहयोग है सरकार का, और या उनकी शिथिलता है या उनकी निष्क्रियता है या उनकी असफलता है, जो भी कह लीजिए—इसका अगर कोई जिम्मेदार है तो केवल और केवल भारतीय जनता पार्टी की सरकार इसके लिए जिम्मेदार है।

एक अन्‍य प्रश्‍न पर कि राहुल गांधी कोटा जा रहे हैं पूरा यह यूथ मूवमेंट, स्टूडेंट्स मूवमेंट को लेकर, बताया जा रहा है प्रयागराज भी जाएंगे; तो उसकी क्या योजना है और आपको क्या लगता है कि उत्तर प्रदेश का युवा इससे जुड़ पाएगा इस पूरी मुहिम से? आराधना मिश्रा ने कहा कि बिल्कुल और जुड़ रहा है। लगातार राहुल जी उन युवाओं से मिल रहे हैं जो इस मूवमेंट में हमारे साथ हैं और आवश्यकता है। आज हिंदुस्तान देश का सबसे युवा देश है, सबसे ज़्यादा संख्या आबादी हमारे युवाओं की है। और अगर उस युवा के भविष्य को हम सुरक्षित नहीं रख सकते, तो शायद जो लोग आज सत्ता में बैठे हैं, उनको एक मिनट भी बैठने का अधिकार नहीं है; इस्तीफा दे देना चाहिए। पर जिस तरह से लगातार पेपर लीक होते जा रहे हैं, केवल नीट के और भर्तियों के नहीं, आप उत्तर प्रदेश को देख लीजिए। एक लंबी लिस्ट है जहाँ पर सरकार में पेपर लीक हो जाते हैं, परीक्षाएँ नहीं हो पा रही हैं। लाखों पद जो सृजित हैं सरकार के, वो केवल इसलिए नहीं भर पा रहे और वो भी स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण डिपार्टमेंट्स में, क्योंकि उनके पेपर लीक हो चुके हैं और सरकार सक्षम नहीं है उनकी परीक्षाएँ कराने के लिए।

तो यह एक पृष्ठभूमि सरकार ने, एक यह नया ट्रेंड शुरू कर दिया है। और यह एक जिम्मेदारी है; राहुल गांधी जी लोकसभा के लीडर ऑफ अपोजिशन हैं। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा इस देश की सुरक्षा के लिए, इस देश को एक रखने के लिए और इस देश के भविष्य के लिए लड़ाई लड़ी है। इसका इतिहास चाहे वो आज़ादी की लड़ाई से लेकर के अभी तक शहादतें दी हैं। तो यह हमारी पहली जिम्मेदारी है। और हम लोग, मैं और अध्यक्ष जी, राहुल जी 10 तारीख को, जो समय अभी आया है—10 जुलाई को प्रयागराज आ रहे हैं। वहाँ पर हम लोग उनका स्वागत करेंगे और एक बड़ा आयोजन होगा, क्योंकि हमेशा से पूर्वांचल का सेंटर रहा है प्रयागराज, तो एक बड़ा आयोजन वहाँ पर होगा।

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