
भाजपा सरकार ने समाजवादी पार्टी की सरकार के समय के विकास परियोजनाओं को बर्बाद कर दिया। समाजवादी पार्टी की सरकार ने पर्यावरण और जनस्वास्थ्य को बेहतर करने के लिए साइकिल ट्रैक बनाया। साइकिलिंग को बढ़ावा दिया। भाजपा सरकार और विकास का छत्तीस का आंकड़ा है। जिस वेलोड्रोम पर साइकिल दौड़ती है वो भाजपा सरकार के 9 सालों में ठहरा हुआ है। अखिलेश यादव ने कहा है कि समाजवादी पार्टी सरकार में लखनऊ समेत अन्य शहरों में साइकिल ट्रैक बनाया गया। आगरा से इटावा के बीच 207 किलोमीटर साइकिल हाई-वे बनाया गया। यह साइकिल हाई-वे ताज महल को इटावा लायन सफारी से जोड़ता है। साइकिल ट्रैक समाजवादी पार्टी सरकार का विजनरी कार्य है। इसके जरिए समाजवादी सरकार पर्यावरण से लेकर ईधन खपत कम करने और साइकिलिंग से स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना था। समाजवादी पार्टी का चुनाव चिह्न साइकिल है। साइकिल को लेकर समाजवादियों का विशेष लगाव है। इसीलिए भाजपा साइकिल से नफरत करती है। भारत में 1 लाख साइकिलें 1951 में विदेशों से मंगाई गई थी। 1900 में इंग्लैंड-जापान से इसके कलपुर्जे मंगाए जाने लगे। 1953 में आगरा में साइकिल के कल पुर्जे बनाने का पहला कारखाना लगा था।
समाजवादी पार्टी ने अपने गठन के समय से ही साइकिल को चुनाव चिह्न के रूप में अपनाया है। पार्टी के संस्थापक श्रद्धेय श्री मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी विचारधारा को आम जनता, किसानों और पिछड़े वर्गों के हितों से जोड़कर देखा। साइकिल का प्रतीक इस विचारधारा के अनुरूप था, क्योंकि यह आम आदमी के जीवन, श्रम और संघर्ष को दर्शाता है।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने भी कई बार साइकिल यात्राओं के माध्यम से जनता से संवाद स्थापित किया और इस प्रतीक को नई पीढ़ी के बीच लोकप्रिय बनाया। साइकिल और समाजवादी पार्टी का रिश्ता केवल चुनावी पहचान तक सीमित नहीं है। यह रिश्ता उस विचारधारा, संघर्ष और जनसरोकार से जुड़ा है जिसे पार्टी अपने राजनीतिक दर्शन का आधार मानती है। साइकिल आम आदमी की यात्रा, मेहनत और उम्मीदों का प्रतीक है, और यही कारण है कि यह समाजवादी पार्टी की राजनीतिक पहचान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।






















