
राकेश यादव
कन्नौज। कन्नौज जिला जेल में अधीक्षक के पद पर लंबे समय से नियुक्ति न होने के कारण व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। जेल प्रशासन की निगरानी और संचालन से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा, कैदियों की सुविधाओं और प्रशासनिक कार्यों में आ रही चुनौतियों को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ रही है। ऐसे में अधीक्षक विहीन जेल की स्थिति चर्चा का विषय बनी हुई है और व्यवस्था को सुचारु बनाने की मांग तेज हो रही है।
बीते जनवरी माह में कन्नौज जेल से दो बंदियों की फरारी के करीब दो माह जेल अधीक्षक को निलंबित किया गया। इसके बाद से यह जेल जेलर के भरोसे चल रही है। जेल की व्यवस्थाओं को मुंह चिढ़ाती यह तस्वीरें जेल की बदहाल व्यवस्था को खुद ही बयां कर रही हैं। जेल में दूर दराज इलाकों से बंदियों से मुलाकात करने आए परिजनों के पीने के पानी की जो व्यवस्था की गई है। वह आपके सामने है। जानकारों का कहना है कि इस जेल में हजारों रुपए की लागत से लगाया गया साइन बोर्ड जमीन प पड़ा हुआ है। प्रभारी अधीक्षक ने कमाई (वसूली) के आगे इसे समुचित स्थान पर लगाना तक मुनासिब नहीं समझा। उधर प्रभारी अधीक्षक जेलर सूबेदार सिंह और कानपुर परिक्षेत्र डीआईजी प्रदीप गुप्ता से जब बात करने का प्रयास किया गया तो किसी का भी फोन नहीं उठा।























