

प्रधानमंत्री के नेतृत्व व मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार के प्रयासों से आज उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य से उभरकर देश के विकास का ग्रोथ इंजन बनादलित, वंचित, पिछड़ा, कमजोर, गरीबों और महिलाओं को योजनाओं का लाभ मिलने से उनका जीवन स्तर ऊपर उठता, उनकी प्रतिभा और ऊर्जा का लाभ राज्य कोप्राप्त होता और राज्य विकास की नई ऊंचाईयों को प्राप्त करता।स्वामित्व योजना के माध्यम से आबादी की भूमि पर बसेगरीब को जमीन का मालिकाना अधिकार दिलाया, प्रदेश में एक करोड़से अधिक लोगों को स्वामित्व योजना का लाभ प्राप्त हुआमुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अन्तर्गत ब्याजमुक्त व गारण्टीमुक्त ऋण की व्यवस्था की गयी, प्रदेश सरकार मार्जिन मनी दे रही, प्रदेश में अबतक 01 लाख 30 हजार से अधिक युवा नये उद्यमी बने। स्नातक स्तर पर अध्ययनरत मेधावी बेटियों के लिए ‘उत्तर प्रदेश रानी। लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ के अन्तर्गत स्कूटी प्रदान करने की व्यवस्था की गयी।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के अन्तर्गत 90 हजार लाभार्थियोंके खातों में डी.बी.टी. के माध्यम से 900 करोड़ रु0 की अनुदान राशि अन्तरित की। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के लाभार्थियों को आवास स्वीकृति पत्रतथा लाइट हाउस प्रोजेक्ट के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चाभी प्रदान की। घर का सपना मनुष्य के जीवन की प्राथमिक शर्त होती,प्रधानमंत्री जी ने इसे पूरा करने की जिम्मेदारी अपने हाथों में ली। प्रधानमंत्री आवास योजना में अधिकांश लाभार्थी महिलाएं,प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए सही दिशा में कदम बढ़ा रही। प्रत्येक जिले में अवैध कब्जे वाली जमीन को कब्जामुक्त कराते हुए गरीबों के लिए हाइराइज बिल्डिंग का निर्माण कराने की पहल की जाए। मकान के साथ-साथ शौचालय, निःशुल्क विद्युतकनेक्शन तथा नल से शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाए। अधिवक्ता, चिकित्सक, शिक्षक, पत्रकार आदि जैसेअलग-अलग समूहों के लिए भी आवास का निर्माण होना चाहिए। डबल इंजन सरकार ने प्रदेश की 25 करोड़ की आबादी कोअपना परिवार मानकर योजनाओं का लाभ प्रदान किया, प्रदेशसरकार समाज के प्रत्येक तबके के लिए कार्य कर रही।
लखनऊ। हर एक व्यक्ति का होता है सपना, उसके पास घर हो अपना। अर्थात् सिर ढकने के लिए अपना घर हो। ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति होने के कारण मनुष्य के पास अपना पक्का मकान बनाने का सामर्थ्य है। विभिन्न श्रेणी के जीव शरण लेने के लिए कोई न कोई ठिकाना ढूढ़ते हैं। कोई गुफा बनाता है, कोई पत्थरों के नीचे रहता है, चिड़िया घोंसला बनाती हैं। घर का सपना मनुष्य के जीवन की प्राथमिक शर्त होती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उस प्राथमिक शर्त को पूरा करने की जिम्मेदारी अपने हाथों में ली है। परिणामस्वरूप, उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में अब तक लगभग 62 लाख परिवारों को आवास उपलब्ध करा चुके हैं। जब व्यक्ति समग्र दृष्टि से देखता है, तो स्वयं से ऊपर उठकर सबके बारे में सोचता है। वर्ष 2017 के पश्चात डबल इंजन सरकार ने प्रदेश की 25 करोड़ की आबादी को अपना परिवार मानकर प्रत्येक गरीब, गांव, युवा, महिला, अन्नदाता किसान व श्रमिकों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के अन्तर्गत 90 हजार लाभार्थियों को आज एक-एक लाख रुपये की प्रथम किस्त उपलब्ध करायी जा रही है।

आज यहां प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के अन्तर्गत 90 हजार लाभार्थियों को अनुदान राशि के अन्तरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने बटन दबाकर डी0बी0टी0 के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में कुल 900 करोड़ रुपये की अनुदान राशि अन्तरित की। इसके उपरान्त विभिन्न जनपदों के लाभार्थियों से वर्चुअल संवाद किया। मुख्यमंत्री ने 20 लाभार्थियों को आवास स्वीकृति पत्र प्रदान किये। उन्होंने कहा कि जनवरी, 2026 में 02 लाख 09 हजार लाभार्थियों को आवास की प्रथम किस्त प्रेषित की गयी थी, जिससे मकान बनने प्रारम्भ भी हो गये हैं। नया वित्तीय वर्ष प्रारम्भ होने के बाद शेष लोगों को भी आवास की सुविधा मिलने वाली है। जब नीयत साफ होती है, तो नियन्ता भी रास्ता प्रशस्त करता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि डबल इंजन सरकार लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप परिणाम देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद सहारनपुर में 10,214, प्रतापगढ़ में 7,991, शाहजहांपुर में 4,325, फिरोजाबाद में 4,266, प्रयागराज में 3,331, जालौन में 3,174, सीतापुर में 3,078, गोरखपुर में 3,063, बरेली में 3,017, अलीगढ़ में 2,883, बदायूं में 2,712, महाराजगंज में 2,701, मेरठ में 2,626, अमरोहा में 2,175, हरदोई में 1,895, बुलन्दशहर में 1,826, कुशीनगर में 1,562, बहराइच में 1,529, आगरा में 1,473, मऊ में 1,470, बांदा में 1,437, बिजनौर में 1,364, गाजियाबाद में 1,209, देवरिया में 1,138, गोण्डा में 1,121 लाभार्थियों सहित कुल 90 हजार लाभार्थियों को आवास की प्रथम किस्त के रूप में कुल 900 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि डी0बी0टी0 के माध्यम से सीधे उनके खाते में प्रेषित की गयी है। अब कोई मध्यस्थ नहीं है। तकनीक के माध्यम से एक क्लिक में धनराशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंच रही है। गरीबों और वंचितों के साथ समाज के अन्तिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को बिना भेदभाव योजना का लाभ दिलाने के भाव से कोई भी कल्याणकारी सरकार कार्य करती है, तो सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व व मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार के प्रयासों से आज उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य से उभरकर देश के विकास का ग्रोथ इंजन बना है।
प्रदेश सरकार गांव, गरीब, किसान, युवा, महिला और समाज के प्रत्येक तबके के लिए कार्य कर रही है। शारदीय नवरात्रि से पूर्व, गरीब को मकान मिलने से उनके सपनों को पंख लगाने का कार्य सरकार कर रही है। राशन की सुविधा, उज्ज्वला योजना के अन्तर्गत रसोईगैस कनेक्शन, आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत 05 लाख रुपये का स्वास्थ्य सुरक्षा कवच प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश में कुल 01 करोड़ 06 लाख वृद्धजनों, निराश्रित महिलाओं व दिव्यांगजनों को 12 हजार रुपये वार्षिक पेंशन की सुविधा का लाभ बिना भेदभाव दिया जा रहा है। हमारे लिए 25 करोड़ आबादी का राज्य ही हमारा परिवार है। कभी चेहरा देखकर योजना का लाभ नहीं दिया गया। दलित, वंचित, पिछड़ा, कमजोर, गरीबों और महिलाओं को योजनाओं का लाभ मिलता है, तो उसका जीवन स्तर ऊपर उठता है। उसकी प्रतिभा और ऊर्जा का लाभ राज्य को प्राप्त होता है और राज्य विकास की नई ऊंचाईयों को प्राप्त करता है। व्यक्ति की आमदनी बढ़ने से राज्य की आमदनी भी बढ़ती है और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सुधार होता है। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में राशन वितरण की निगरानी प्रदेश स्तर से की जाती है, और यदि कहीं गड़बड़ी पायी जाती है, तो उस दुकान को निरस्त कर राशन वितरण की जिम्मेदारी उस गांव के महिला स्वयं सहायता समूह को दे दी जाती है। प्रधानमंत्री आवास योजना में अधिकांश लाभार्थी महिलाएं हैं। इससे स्पष्ट होता है कि प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए सही दिशा में कदम बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गांव में आबादी की भूमि पर जब कोई गरीब मकान बना लेता था, तो मकान टूटने पर दोबारा मकान बनाना उनके लिए कठिन होता था। गांव के दबंग मकान नहीं बनाने देते थे। प्रधानमंत्री ने स्वामित्व योजना के माध्यम से आबादी की भूमि पर बसे गरीब को जमीन का मालिकाना अधिकार दिलाया। अब कोई उन्हें हटा नहीं सकता। प्रदेश में एक करोड़ से अधिक लोगों को स्वामित्व योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। जो पहले वंचित था, आज वह उस भूमि का मालिक हो गया है। पहले ठेला, खोमचा व रेहड़ी जैसे स्ट्रीट वेण्डरों के बारे में कोई नहीं सोचता था। वह हमेशा प्रताड़ित होते थे। बीमार होने पर उनको कोई सुविधा नहीं मिलती थी। आज पी0एम0 स्वनिधि योजनान्तर्गत उनके लिए लोन की व्यवस्था है। यदि गांव या नगर का कोई युवा अपना स्वयं का कारोबार करना चाहता है, तो मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अन्तर्गत ब्याजमुक्त व गारण्टीमुक्त ऋण की व्यवस्था की गयी है। इसमें प्रदेश सरकार मार्जिन मनी दे रही है। प्रदेश में अब तक 01 लाख 30 हजार से अधिक युवा इस सुविधा का लाभ लेकर नये उद्यमी बने हैं। इसके साथ, वर्ष 2026-27 के बजट में कई अन्य योजनाएं भी जुड़ी हैं। स्नातक स्तर पर अध्ययनरत मेधावी बेटियों के लिए ‘उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना’ के अन्तर्गत स्कूटी प्रदान करने की व्यवस्था की गयी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों के जीवन को खुशहाल बनाने के लिए शारदीय नवरात्रि से पूर्व उन्हें आवास की सुविधा दी गयी है। विभिन्न जनपदों के लाभार्थियों से संवाद के दौरान महिला लाभार्थियों को मकान मिलने की खुशी स्पष्ट देखने को मिली। पहली किस्त मिलने के बाद उनके आवास का निर्माण प्रारम्भ हो जाएगा। 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने के पश्चात नयी डिमाण्ड भेजी जाए तथा एक लाख रुपये की दूसरी किस्त की व्यवस्था की जाए, ताकि तेजी से आवास का निर्माण हो सके। उन्होंने कहा कि इन लाभार्थियों को सस्ती दरों पर सामग्री उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक जनपद में एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए। मकान के साथ-साथ शौचालय निर्माण भी सुनिश्चित किया जाए। मकान बनने के साथ ही निःशुल्क विद्युत कनेक्शन दिया जाए। इसके साथ ही, नल से शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले में अवैध कब्जे वाली जमीन को कब्जामुक्त कराते हुए गरीबों के लिए हाइराइज बिल्डिंग का निर्माण कराने की पहल की जाए। ऐसे क्षेत्रों में गरीबों के साथ अधिवक्ता, चिकित्सक, शिक्षक, पत्रकार आदि जैसे अलग-अलग समूहों के लिए भी आवास का निर्माण होना चाहिए। यदि पत्रकार के लिए प्रत्येक नगर में सस्ती कीमत में मकान मिल जाए, तो उनके लिए भी ठिकाना हो जाएगा। इससे समाज में यह संदेश जाएगा कि माफिया के कब्जे से मुक्त करायी गयी जमीन पर गरीब के साथ अधिवक्ता, चिकित्सक, शिक्षक, पत्रकार का मकान बन रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि व रामनवमी की बधाई दी। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रत्येक गरीब का सपना होता है कि उसका अपना पक्का मकान हो। इस सपने को पूरा करने के लिए डबल इंजन सरकार पूरी तरह गरीबों के साथ खड़ी है। जब तक प्रत्येक गरीब के पास अपना पक्का मकान नहीं हो जाता, तब तक प्रधानमंत्री आवास योजना अनवरत चलती रहेगी।
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि प्रदेश में अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के अन्तर्गत 21 लाख 35 हजार लोगों को आवास की सुविधा दी जा चुकी है। किसी व्यक्ति के सिर पर अपनी छत होने का सपना जब पूरा होता है, तब उसकी खुशी का ठिकाना नहीं होता। नगर विकास मंत्री अरविन्द कुमार शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में गरीबों का कल्याण करने वाली सरकार है। विकास के दृष्टिगत राज्य सरकार का रवैया सर्वसमावेशी व सर्वस्पर्शी है। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा लाइट हाउस प्रोजेक्ट के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चाभी प्रदान की। इस अवसर पर नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरु सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।























