
मुख्य सचिव से राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय, नई दिल्ली के प्रशिक्षु अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी.गोयल से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर अधिकारियों को राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, विकास योजनाओं और शासन की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अनुभवों और नीतिगत विषयों पर भी चर्चा की।
लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल से राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय, नई दिल्ली के सैन्य अधिकारियों एवं भारत तथा विभिन्न देशों के प्रशिक्षु सैन्य अधिकारियों से शिष्टाचार भेंट कर संवाद किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सुरक्षा, सुशासन तथा विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। इस भेंट में भारतीय सशस्त्र सेनाओं के तीनों अंगों के प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ-साथ मालदीव, ब्राजील, श्रीलंका, आर्मेनिया तथा मंगोलिया के सैन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव ने प्रशिक्षु अधिकारियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश देश का हृदय है। उत्तर प्रदेश ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में आधारभूत संरचना, उद्योग, कृषि, पर्यटन और कौशल विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तीव्र गति से कार्य करते हुए देश की आर्थिक विकास यात्रा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। राज्य सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अर्थव्यवस्था को 12 प्रमुख सेक्टर्स में वर्गीकृत कर इन पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य में हवाई एवं सड़क संपर्क में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों के समग्र विकास तथा आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से उत्तर प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना है। इसके तहत अपराधियों और माफियाओं के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है, जिससे प्रदेश में भयमुक्त और सुरक्षित वातावरण स्थापित हुआ है तथा निवेश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हैं।
मुख्य सचिव ने बताया कि निवेश को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। बेहतर कानून-व्यवस्था और निवेश-अनुकूल माहौल के कारण उत्तर प्रदेश निवेशकों के लिए प्रमुख गंतव्य के रूप में उभरा है तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इस दौरान पीएम सूर्यघर, एमएसएमई, डिफेंस कॉरिडोर, सीएम युवा आदि योजना एवं विभिन्न विकासात्मक पहलों पर भी विस्तार से चर्चा की । कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के प्रशिक्षु अधिकारियों द्वारा मुख्य सचिव को स्मृति-चिन्ह भेंट किया गया।






















