72वें गणतंत्र ने महामारी से बचाव का उपहार दिया

मुख्यमंत्री ने 72वें गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण किया।मातृभूमि के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले अमर शहीदों तथा देशभक्तों को नमन किया तथा भारतीय संविधान के निर्माताओं को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।हमारा संविधान भारत के प्रत्येक नागरिक को बिना किसी भेदभाव समान अवसर प्रदान करता।संविधान निर्माताओं ने पूरे देश की भावनाओं को संविधान में समाहित किया।भारतीय संविधान ने देश की संस्कृति, परम्परा तथा विरासत को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया।प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में कोरोना के खिलाफ जंग में जो रणनीति बनायी गयी, उससे लोगों की जान भी बची और विकास कार्यक्रम भी संचालित किये गये।


लखनऊ – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज 72वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर यहां अपने सरकारी आवास पर ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उन्होंने मातृभूमि के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले अमर शहीदों तथा देशभक्तों को नमन किया तथा भारतीय संविधान के निर्माताओं को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। भारत का संविधान हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने उन कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक करता है, जो एक नागरिक के रूप में देश के प्रति हमारे लिए आवश्यक हैं।


    हमारा संविधान भारत के प्रत्येक नागरिक को बिना किसी भेदभाव समान अवसर प्रदान करता है। संविधान के लागू हो जाने के बाद देश के प्रत्येक नागरिक ने भारतीय संविधान की ताकत का एहसास भी किया है। संविधान निर्माताओं ने पूरे देश की भावनाओं को संविधान में समाहित किया। भारतीय संविधान ने देश की संस्कृति, परम्परा तथा विरासत को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया है।

विगत लगभग 10 महीनों से पूरा देश वैश्विक महामारी कोरोना से जूझ रहा है। बड़े-बड़े देशों की इन्फ्रास्ट्रक्चर व स्वास्थ्य की स्थिति हमारे देश से काफी अच्छी है, लेकिन इन देशों में कोरोना से बड़ी जनहानि हुई। कोरोना के दृष्टिगत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा समय से लिए निर्णयों तथा निरन्तर संवाद से हमारे देश की स्थिति बेहतर रही है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में कोरोना के खिलाफ जंग में जो रणनीति बनायी गयी उससे लोगों की जान भी बची और विकास कार्यक्रम भी संचालित किये गये। इन सभी कार्याें में देश के नागरिकों ने अनुशासन का जो परिचय दिया वह अत्यन्त सराहनीय है। उन्होंने कहा कि भारत एक नये विश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।

यह गणतंत्र दिवस हम सभी के लिए कोरोना जैसी महामारी से बचाव का उपहार लेकर आया है। भारत एक मात्र ऐसा देश है, जिसने कोरोना के 02 स्वदेशी वैक्सीन विकसित किए हैं। देश में कोरोना वैक्सीनेशन अभियान का शुभारम्भ 16 जनवरी, 2021 से किया गया है। प्रदेश में अभियान के पहले चरण के दौरान हेल्थ वर्कर्स का टीकाकरण कार्य प्रगति पर है। आगामी 28 व 29 जनवरी को भी हेल्थ वर्कर्स का वैक्सीनेशन किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा 15 फरवरी, 2021 से कोरोना वाॅरियर्स को भी इस टीकाकरण अभियान से जोड़े जाने पर विचार किया जा रहा है।

यह गणतंत्र दिवस हम सभी के लिए कोरोना जैसी महामारी से बचाव का उपहार लेकर आया।भारत एक मात्र ऐसा देश है, जिसने कोरोना के 02 स्वदेशी वैक्सीन विकसित किए,प्रदेश सरकार द्वारा बसन्त पंचमी के अवसर पर ‘अभ्युदय योजना’ का शुभारम्भ किया जाएगा।लाॅकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री जी ने गरीब कल्याण पैकेज के माध्यम से भारत को स्वावलम्बी और सशक्त राष्ट्र बनाने के लिए आत्मनिर्भर भारत का जो मंत्र दिया, उसमें ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ जैसी योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान।पिछले 06 वर्षांेे में किसानों के लिए जिस प्रकार के कार्यक्रम चलाये गये हैं, उससे किसानों की स्थिति में काफी सुधार आया।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया। लाॅकडाउन के दौरान डोरस्टेप डिलीवरी के कार्यांे में पी0आर0पी0-112 ने सराहनीय कार्य किया। कोरोना कालखण्ड में 1.25 करोड़ श्रमिकों और कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। प्रधानमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश के कोरोना प्रबन्धन की प्रशंसा की। विश्व की सर्वाेच्च स्वास्थ्य संस्था डब्ल्यू0एच0ओ0 ने उत्तर प्रदेश के कोरोना प्रबन्धन को सराहा। उन्होंने कहा कि टीमवर्क से कार्य करने पर परिणाम भी अच्छे मिलते हैं। इसलिए आज उत्तर प्रदेश एक नई दिशा की ओर अग्रसर हो रहा है।


    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा बसन्त पंचमी के अवसर पर ‘अभ्युदय योजना’ का शुभारम्भ किया जाएगा। प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रतिभाग करने वाले प्रदेश के युवाओं के लिए इस योजना के अन्तर्गत निःशुल्क कोचिंग दी जाएगी। विगत लगभग 04 वर्षाें के दौरान 04 लाख युवाओं को सरकारी सेवा से जोड़ा गया है।

लाॅकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री ने गरीब कल्याण पैकेज के माध्यम से भारत को स्वावलम्बी और सशक्त राष्ट्र बनाने के लिए आत्मनिर्भर भारत का जो मंत्र दिया है उसमें ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ जैसी योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। पूर्व में ओ0डी0ओ0पी0 व परम्परागत उद्योगों को हाशिये पर रख दिया गया था। वर्तमान राज्य सरकार ने इनकी महत्ता को समझते हुए इसे आगे बढ़ाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि राज्य में अवस्थापना सुविधा और सुरक्षा का एक बेहतर माहौल तैयार किया गया है, जिसके कारण बड़ी संख्या में निवेशक उत्तर प्रदेश की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

   पिछले 06 वर्षांेे में किसानों के लिए जिस प्रकार के कार्यक्रम चलाये गये हैं उससे किसानों की स्थिति में काफी सुधार आया है। किसानों के हितों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना आदि योजनाओं को संचालित किया जा रहा है। स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार किसानों को लागत का डेढ़ गुना लाभ एम0एस0पी0 के माध्यम से दिया जा रहा है।

    प्रदेश में 02 करोड़ 35 लाख से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से लाभान्वित किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से प्रत्येक किसान को 06 हजार रुपये की धनराशि सालाना उनके खाते में प्रेषित की जा रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। प्रदेश सरकार द्वारा गन्ना किसानों का 01 लाख 15 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। कोरोना कालखण्ड में प्रदेश की 119 चीनी मिलों को कुशलतापूर्वक संचालित किया गया।


     मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी में चैरी-चैरा की घटना का विशेष महत्व है। प्रदेश सरकार द्वारा इस घटना का शताब्दी वर्ष मनाने का निर्णय लिया गया है। आगामी 04 फरवरी को जनपद गोरखपुर में इसका शुभारम्भ किया जाएगा।

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