492 साल बाद श्रीराम के भव्य स्वागत को तैयार अयोध्या

  • सोलह श्रृंगार से पहले सरयू के पावन जल से हो रहाअयोध्‍या का स्‍नान।
  • फायर ब्रिगेड और नगर निगम की गाडि़यों के साथ सैकड़ों कर्मचारी भी जुटे।
  • 492 साल बाद अपने राम के भव्य स्वागत को तैयार हो रही अयोध्या।

अयोध्‍या, भगवान राम के स्‍वागत में दीपोत्सव से पहले सोलह श्रृंगार करने से पहले अयोध्‍या का सरयू के पावन जल से स्‍नान होगा। बुधवार से शुरू हुआ अयोध्‍या के स्‍नान का यह सिलसिला करीब 24 घंटे तक चलेगा। 492 साल बाद राम मंदिर के शिलान्‍यास के साथ दीपोत्‍सव के लिए सज कर तैयार हो रही अयोध्‍या में सब कुछ खास है । अयोध्‍या के हर कोने को सजा कर तैयार किया जा रहा है । अयोध्‍या के चारो तरफ तोरण द्वार बनाए जा रहे हैं । सभी तोरण द्वारा को एक खास और आकार और रंग से सजाया जा रहा है।

अयोध्‍या में सफाई और धुलाई का काम शुरू कर दिया गया । फायर ब्रिगेड के 10 फायर टेंडर समेत नगर निगम की दर्जन भर से ज्‍यादा गाडि़यों के जरिये अयोध्‍या की धुलाई की जा रही है । गलियों और कोने वाले इलाकों में सैकड़ों कर्मचारी सफाई और सजावट की व्‍यवस्‍था में जुटे हैं । अयोध्‍या को तैयार करने और सजाने का सिलसिला रात में भी चलता रहेगा । 492 साल बाद आए इस मौके को सरकार और प्रशासन के साथ हर राम भक्त अपने भीतर संजो लेना चाहता है । यही कारण है कि अयोध्‍या को सजाने, संवारने के इस अभियान में स्‍थानीय लोग, साधु,संत और समाज सेवी भी अपने स्‍तर पर जुटे हुए हैं । अयोध्‍या नगरी भगवान श्रीराम के भव्य स्वागत का इतिहास रचने जा रही है

अयोध्‍या में दीपोत्‍सव की हर छोटी बड़ी तैयारी पर योगी सरकार की पैनी नजर है । अयोध्‍या के इस महाआयोजन की शुरुआत करने वाले मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ खुद एक एक चीज पर अफसरों से बातचीत कर रहे हैं । धुलाई अभियान की निगरानी कर रहे प्रशासनिक अधिकारियों की टीम अयोध्‍या के अलग अलग हिस्‍सों में तैनात रह कर तैयारियों का जायजा ले रही है।

जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने बताया कि तैयारियों को समय पर और गुणवत्‍ता के साथ पूरा किया जा रहा है। धुलाई का काम शुरू कर दिया गया है। नगर निगम और फायर विभाग के टैंकर धुलाई कर रहे हैं। इसके अलावा बड़ी संख्‍या में कर्मचारी और स्‍थानीय लोग भी अयोध्‍या को तैयार करने में अपनी भूमिका अदा कर रहे हैं।

अयोध्या में 24 घाटों पर 6 लाख दीये प्रज्जवलित किए जायेंगे । जिसमें 29 हजार लीटर तेल से अयोध्या दीयों की रोशनी से जगमग होगी। इसमें 6 लाख दीये में 7.5 लाख रूई का इस्तेमाल भी होगा। राम मंदिर बनने के निर्णय के बाद से दीपोत्सव के लिए रामनगरी के साधु-संत और सभी भक्त उत्साहित हैं। अयोध्या में त्रेतायुग जैसी दिवाली मनाने की परंपरा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 में शुरू की थी, तब से हर साल यहां दीप प्रज्जवलन का नया रिकॉर्ड बन रहा है।

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