तीन दिन में रैन बसेरों को संचालित करें- योगी

मुख्यमंत्री के अगले तीन दिन में रैन बसेरों को संचालित करने के निर्देश रैन बसेरों में कोविड-19 की जांच की व्यवस्था आवश्यक रूप से की जाए।मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में रैन बसेरों के संचालन के सम्बन्ध में शासन द्वारा दिशा-निर्देश जारी।शीत लहर से बचाव हेतु समस्त तैयारियां 10 नवम्बर, 2020 तक प्रत्येक दशा में पूर्ण कर रैन बसेरों का संचालन सुनिश्चित करें।आश्रयहीन व्यक्तियों हेतु रैन बसेरों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाय, कोई भी व्यक्ति रात में सड़क अथवा फुटपाथ पर सोने के लिए बाध्य न हो।रैन बसेरों, शेल्टर होम में रुकने वालों के लिए गद्दे, कम्बल, स्वच्छ पेयजल, शौचालय एवं किचन आदि का निःशुल्क प्रबन्ध किया जाय। समस्त चिकित्सालयों, मेडिकल कालेजों, बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों,श्रमिकों के कार्य स्थलों, एवं बाजारों में अनिवार्य रूप से रैन बसेरे संचालित किये जाएं।रैन बसेरों के आस-पास अलाव जलाने की व्यवस्था की जाए।रैन बसेरों का सेनिटाइजेशन प्रतिदिन अनिवार्य रूप से कराया जाए, प्रत्येक रैन बसेरे पर सैनेटाइजर की पर्याप्त व्यवस्था की जाय।प्रत्येक रैन बसेरे के लिए एक उपयुक्त वरिष्ठता का नोडल अधिकारी नामित किया जाय, समस्त रैन बसेरों में केयर टेकर भी तैनात किये जाएं।


लखनऊ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले तीन दिन में रैन बसेरों को संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सालयों तथा मेडिकल काॅलेजों मे भी रैन बसेरे की व्यवस्था की जाए। रैन बसेरों में स्वच्छता तथा सेनिटाइजेशन सहित सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। रैन बसेरों के संचालन में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने रैन बसेरों में कोविड-19 की जांच की व्यवस्था आवश्यक रूप से किए जाने के निर्देश भी दिए हैं।

आज यहां देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में रैन बसेरों के संचालन के सम्बन्ध में शासन द्वारा दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अपर मुख्य सचिव राजस्व द्वारा एक परिपत्र के माध्यम से समस्त जिलाधिकारियों एवं मण्डलायुक्तों को शीत लहर से बचाव हेतु समस्त तैयारियां 10 नवम्बर, 2020 तक प्रत्येक दशा में पूर्ण कर रैन बसेरों का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

अपर मुख्य सचिव राजस्व द्वारा जारी परिपत्र में वैश्विक महामारी कोविड-19 से उत्पन्न स्थिति तथा ठंड एवं शीतलहरी से उत्पन्न होने वाली समस्याओं के दृष्टिगत निराश्रित, असहाय एवं कमजोर वर्ग के असुरक्षित व्यक्तियों को राहत पहुंचाने के लिए की व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। परिपत्र में उल्लेख है कि आश्रयहीन व्यक्तियों हेतु रैन बसेरों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाय, कोई भी व्यक्ति रात में सड़क अथवा फुटपाथ पर सोने के लिए बाध्य न हो। इन रैन बसेरों, शेल्टर होम में रुकने वाले कमजोर वर्ग के लोगों को ठण्ड से बचाने के लिए आवश्यक समस्त उपाय जैसे-गद्दे, कम्बल, स्वच्छ पेयजल, शौचालय एवं किचन आदि का प्रबन्ध निःशुल्क किया जाय तथा इन रैन बसेरों के आस-पास अलाव जलाने की व्यवस्था की जाए।

उ0प्र0 भारत स्काउट और गाइड के स्थापना दिवस के अवसर पर संस्था की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को 07 नवम्बर, 2020 को लखनऊ स्थित उनके सरकारी आवास पर स्कार्फ
पहनाकर उन्हें सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री /अध्यक्ष उ0प्र0 भारत स्काउट और गाइड डॉ0 महेन्द्र सिंह तथा लोक सेवा आयोग उ0प्र0 के अध्यक्ष/ मुख्यायुक्त उ0प्र0 भारत स्काउट और गाइड डॉ0 प्रभात कुमार।

प्रत्येक रैन बसेरे के लिए एक उपयुक्त वरिष्ठता का नोडल अधिकारी नामित किया जाय, जिस पर रैन बसेरे के संचालन का उत्तर दायित्व होगा। समस्त रैन बसेरों में केयर टेकर भी तैनात किये जाएं, जिसका नाम, पदनाम मोबाइल नम्बर रैन बसेरों के गेट पर अवश्य दर्शाया जाय। रात्रि में जनपद के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा रैन बसेरों का औचक निरीक्षण अवश्य किया जाय। रैन बसेरों के केयर टेकर के पास निरीक्षण रजिस्टर भी रखा जाए जिसमें निरीक्षण अधिकारी अपनी टिप्पणी भी अंकित करें।

समस्त चिकित्सालयों, मेडिकल कालेजों, बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों, श्रमिकों के कार्य स्थलों, एवं बाजारों में अनिवार्य रूप से रैन बसेरे संचालित किये जाएं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम एवं विकास प्राधिकरण आदि विभागों का भी अपेक्षित सहयोग लिया जाए। रैन बसेरों में ऐसे जरूरतमन्द व्यक्तियों, जिनके पास ठहरने की सुविधा नहीं है तथा विशेष रूप से जो चिकित्सा एवं रोजगार आदि के लिए बाहर से आये हैं उन्हें खुले में अथवा फुटपाथ एवं सड़कों के डिवाइडर पर न सोना पड़े, बल्कि निकटस्थ रैन बसेरा में रहने की पूर्ण सुविधा उपलब्ध करायी जाय।

रैन बसेरा में समस्त सुविधाएं अच्छी व गुणवत्ता पूर्ण हों तथा इसमें साफ सफाई, साफ-सुथरे बेड शीट, कम्बल, गरम पानी तथा सुरक्षा आदि की व्यवस्था की जाय।कोविड-19 के दृष्टिगत रैन बसेरों में भी कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन सुनिश्चित किया जाय। रैन बसेरों का सेनिटाइजेशन प्रतिदिन अनिवार्य रूप से कराया जाए। प्रत्येक रैन बसेरे पर सैनेटाइजर की पर्याप्त व्यवस्था की जाय। रैन बसेरों में सोशल डिस्टेसिंग का अनिवार्य रूप से पालन किया जाय।

रैन बसेरे में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को निःशुल्क मास्क उपलब्ध कराया जाए। रैन बसेरों में सोशल डिस्टेंसिंग के अनुपालन में कठिनाई के दृष्टिगत आवश्यकतानुसार रैन बसेरों की संख्या बढ़ायी जाय। रैन बसेरोें में महिलाओं एवं पुरुषों के सोने व शौचालय आदि की भी अलग-अलग व्यवस्था की जाए।

शीतलहरी एवं ठण्ड से बचाव कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए। स्थानीय समाचार पत्रों, इलेक्ट्राॅनिक मीडिया आदि के माध्यम से इससे सम्बन्धित सूचनायें प्रसारित करायी जाएं, ताकि शासन द्वारा जन-सामान्य को ठण्ड से बचाने के लिए किए जा रहे व्यापक उपायों की जानकारी आम-जन को हो सके। शीत लहर के दौरान इससे बचाव हेतु रैन बसेरों के आस-पास एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर समय से पर्याप्त अलाव प्रतिदिन जलाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ।

शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में राहत कार्यो के कियान्वयन संबंधी सूचना/विवरण यथा-कम्बल वितरण, अलाव जलाना एवं संचालित रैन बसेरों की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने जाने की स्थिति तथा विवरण, राहत आयुक्त कार्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाए। प्रत्येक रैन बसेरे के स्वबंजपवद की जियो टैगिंग तथा फोटोग्राफ्स ‘आपदा प्रहरी एप’ के माध्यम से अपलोड किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

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