गोरखपुर में औद्योगिक विकास की अपार सम्भावनाएं: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने गीडा, गोरखपुर में चैम्बर आफ इण्डस्ट्रीज के नवनिर्मित उद्योग भवन का लोकार्पण किया।उद्यमियों, निवेशकों तथा उद्योगपतियों को दी जा रही सुविधाओं तथा सुरक्षा के वातावरण से प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश हुआ।कोरोना कालखण्ड में तकनीक से जुड़कर औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाया गया।परम्परागत उद्योग बड़े निवेश का आधार‘एक जनपद, एक उत्पाद‘ योजना को बढ़ावा दिया गया।

हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण, उन्नत टूल किट्स तथा बैंकों से ऋण उपलब्ध कराया जा रहा,प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरन्तर कार्य किया जा रहा।इन्फ्रास्ट्रक्चर औद्योगिक विकास की आधारशिला,उद्योगों को विकसित करने हेतु गीडा को लैण्ड बैंक बढ़ाने के निर्देश।बैंकर्स को उद्योगों के साथ जोड़ा जाए,औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सभी को मिलकर सकारात्मक भूमिका के साथ आगे आना होगा।उद्योगों के विकास हेतु गोरखपुर में 300 एकड़ भूमि भीटी रावत में प्रस्तावित।


लखनऊ,
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उद्यमियों, निवेशकों तथा उद्योगपतियों को दी जा रही सुविधाओं तथा सुरक्षा के वातावरण से प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश हुआ है। उन्होंने कहा कि सद्प्रयासों से विकास की प्रक्रिया को गति दी जा सकती है। कोरोना कालखण्ड में तकनीक से जुड़कर औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाया गया है। आज गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के औद्योगिक सेक्टर में चैम्बर आॅफ इण्डस्ट्रीज के नवनिर्मित उद्योग भवन के लोकार्पण अवसर पर व्यक्त किए। उन्होंने गीडा परिसर में वृक्षारोपण भी किया। उन्हांेने कहा कि पूर्वी उ0प्र0 में चैम्बर आॅफ इण्डस्ट्रीज, औद्योगिक विकास की प्रमुख संस्था है। वर्ष 1989 में गीडा की स्थापना के पश्चात चैम्बर आॅफ इण्डस्ट्रीज का भवन होने की मांग की गयी थी, जिसका आज नवनिर्मित उद्योग भवन के रूप में लोकार्पण हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परम्परागत उद्योग एक बड़े निवेश का आधार है। इसे  विकसित करने हेतु नीति भी प्रख्यापित की गयी है। ‘एक जनपद, एक उत्पाद‘ योजना को बढ़ावा दिया गया है। गोरखपुर में इस योजना के तहत टेराकोटा को चयनित किया गया है। उन्होंने कहा कि कुम्हारों को अपने हस्तशिल्प विकसित करने हेतु अप्रैल से जून तक तालाबों से निःशुल्क मिट्टी निकालने की अनुमति दी गयी, जो उनके लिए काफी उपयोगी सिद्ध हुई। परिणामस्वरूप कारीगरों ने मिट्टी के बर्तन व्यापक तौर पर तैयार किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहित करने हेतु उन्हें प्रशिक्षण, उन्नत टूल किट्स तथा बैंकों से ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरन्तर कार्य किया जा रहा है। गोरखपुर की प्रत्येक महानगर से कनेक्टिविटी है। प्रदेश में 07 एयरपोर्ट क्रियाशील हैं और 14 पर कार्य चल रहा है। जनपद कुशीनगर में अन्र्तराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाया जा रहा है। प्रदेश में एक्सप्रेस-वे का जाल फैला हुआ है। उन्होंने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर औद्योगिक विकास की आधारशिला होती है।

मुख्यमंत्री ने उद्योगों को विकसित करने हेतु गीडा को लैण्ड बैंक बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्हांेंने कहा कि गोरखपुर में औद्योगिक विकास की अपार सम्भावनाएं हैं। उद्यमियों की समस्याओं का समय-सीमा के अन्दर निस्तारण किया जाए। बैंकर्स को उद्योगों के साथ जोड़ने तथा व्यापार की सुगमता को बनाए रखने के दृष्टिगत नियमों में सरलीकरण के साथ शुचिता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने औद्योगिक विकास को ऊंचाइयों पर पहुंचाने, स्थानीय स्तर पर रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह आॅनलाइन करने के निर्देश दिए।

मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री डा0 दिनेश शर्मा एवं चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ श्री बिपिन रावत, दिनांक 04 दिसम्बर 2020 को महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज, गोरखपुर में गोरक्षपीठाधीश्वर युगपुरुष ब्रह्मलीन महन्त दिग्विजयनाथ जी महाराज एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ जी महाराज के जन्म शताब्दी वर्ष के संस्थापक-सप्ताह समारोह-2020 के अवसर पर।

सफलता का कोई शाॅर्टकट नहीं होता। सफलता हेतु परिश्रम, लगन एवं सकारात्मक सोच होना आवश्यक है। वास्तविक कार्यों को समयबद्ध ढंग से किया जाए और निवेश को आसान बनाने के लिए शासन की नीतियों के अनुरूप कार्य किया जाए। चुनौतियों से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि उसका मुकाबला करना चाहिए। विकास के लिए सकारात्मक सोच आवश्यक है। नकारात्मक सोच विकास में बाधा होती है। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सभी को मिलकर सकारात्मक भूमिका के साथ आगे आना होगा।

गोरखपुर के मण्डलायुक्त ने मण्डल में औद्योगिक विकास की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उद्योगों के विकास हेतु गोरखपुर में 300 एकड़ भूमि भीटी रावत में प्रस्तावित की गई है। उद्यमियों की समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण की कार्यवाही की जा रही है।चैम्बर आफ इण्डस्ट्रीज के अध्यक्ष ने अपने स्वागत सम्बोधन में कहा कि पूर्वांचल में औद्योगिक विकास के लिए उनकी संस्था समर्पित है। मुख्यमंत्री जी के कुशल निर्देशन में प्रदेश में औद्योगिक विकास का वातावरण सृजित हुआ है।इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, उद्यमीगण सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button