पुलिस पर बिना राजस्व टीम के ही विवादित संपत्ति पर कब्जा परिवर्तन कराने का लगा आरोप

अब्दुल जब्बार एडवोकेट

अलियाबाद(बाराबंकी)वैसे तो यदि कही भूमि विवाद है तो पुलिस बिना राजस्व टीम के कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी ऐसा शासनादेश है लेकिन ग्राम अलियाबाद थाना दरियाबाद तहसील रा0स0घाट जिला बाराबंकी में ऐसा मामला सामने आया है जहाँ बिना राजस्व टीम के ही दरियाबाद थाने की पुलिस ने विवादित स्थल पर बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के ही क़ब्ज़ा परिवर्तन करा दिया जबकि मामला दीवानी न्यायालाय में विचाराधीन है और न्यायालाय ने पक्षो को मौके पर यथास्थिति क़ायम रखने का आदेश भी दे रखा है।

बाराबंकी ज़िला के थाना दरियाबाद अंतर्गत ग्राम अलियाबाद निवासी जावेद पुत्र हबीब ने उच्च अधिकारियों से गुहार लगाकर अपनी फरियाद कही है कि उसके मकान के जानिब पश्चिम सहन है जिस पर बरामदा व कमरा बना है जिसमें उसका कब्जा पूर्वजों के समय से है।इस सम्पत्ति का मुकदमा दीवानी न्यायालय बाराबंकी मे मूल वाद सं0 256/91 मो0 जावेद आदि बनाम रोजन व नजावत आदि चल रहा है,जिसमें दीवानी न्यायालय द्वारा 15 अक्तूबर सन1997 को दोनों पक्षो को यथास्थिति का आदेश भी पारित किया गया है।जो आज भी प्रभावी है दीवानी न्यायालय में विचाराधीन वाद में दौरान मुकदमा नजावत के देहान्त के बाद उसके वारिसान व कायम मुकामान को फरीक मुकदमा बनाया गया है,इसलिए स्थगन आदेश मृतक नजावत के वारिसान पर भी लागू है।पीड़ित ने आरोप लगाया है कि दौरान मुकदमा स्थानीय थाना की मदद से दूसरे फरीक सत्तार पुत्र सुबराती व उनके पुत्र निवासी ग्राम पूरेकामगार मजरे अलियाबाद मौके पर आए और दबंगई के बल पर 02 फरवरी 2020 को मकान पर कब्जा करने का प्रयास किया और दरवाजा तोडकर अन्दर घुस आए और घर की महिलाओं से अभद्रता की आपत्ति करने पर मारा पीटा।पीड़ित ने बताया कि उसके द्वारा डायल 100 के बुलाने पर विपक्षीजन का अवैध कब्जा रुका था।

पीड़ित ने बताया कि विपक्षीजन ने पूर्व में उक्त मकान पर कब्जेदारी को लेकर उसकी माता की हत्या सन 2007 मे कर दी थी जिसका मामला न्यायालय में अभी भी विचाराधीन है।विपक्षीजन अपनी दबंगई के बल पर उसके मकान पर कब्जा कर लेने पर आमादा रहे और धमकियॉं देते रहे है कि पूर्व मे एक कत्ल किया है,एक दो कत्ल और करेगे,तो भी सजा उतनी ही होगी।पुलिस पर पीड़ित ने आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षीजनों की मदद मे स्थानीय पुलिस है जिससे विपक्षीजन के हौसले बुलन्द रहे हैं।

पीड़ित ने उच्च अधिकारियों को दिये गए शिकायती पत्र में आगे आरोप लगाया है कि दीवानी न्यायालाय के स्थगन आदेश के बावजूद 17 अगस्त 2020 को दिन में 4 बजे दरियाबाद थाने की पुलिस अचानक आयी और सबसे पहले उसको व उसके भाई को पकड़ कर अलियाबाद चौकी पर बैठा दिया और भद्दी भद्दी गालियां देकर घर की महिलाओं से अभद्रता करते हुए उसके मकान का सारा सामान विपक्षी जन के सहयोग से फ़ेंकवा कर विपक्षी जन का कब्जा करा दिया और महिलाओं को गालियां देते हुए कहा कि अगर तुम लोग क़ब्ज़ा करने का प्रयास करोगे तो तुम लोगों पर ऐसी धारा लगायेंगे कि जेल में सड़ जाओगे।

पीड़ित ने आरोप लगाते हुए बताया की उसका लगभग चार लाख का सामान विपक्षीजन उठा ले गए।पीड़ित ने बताया कि पूर्व में उसके शिकायती पत्र पर थाना दरियाबाद के उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार सिंह ने 3 मार्च सन 2019 को मौका मुआयना कर अपनी आख्या में उसका क़ब्ज़ा सन 2006 से दर्शाया था।

पीड़ित ने आरोप लगाते हुए कहा कि थाना दरियाबाद की पुलिस ने उससे दो लाख रुपये की मांग की थी जिसके लिए उसने असमर्थता जताई थी इसी कारण पुलिस ने दूसरे पक्ष से रुपये लेकर उसके मकान पर स्थगन आदेश के बावजूद उसका सामान फेंकवाकर दूसरे पक्ष का अवैध रूप से क़ब्ज़ा करा दिया।

पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से उसके मकान पर पूर्व की भांति उसे क़ब्ज़ा दिलाने तथा पूरे मामले की किसी उच्च अधिकारी से जाँच कराके दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्यवाही करने व उसका सामान विपक्षीजन से वापस दिलाये जाने की मांग की है।इस सम्बंध में क्षेत्राधिकारी राम सनेही घाट ने बताया कि मामले की जांच चल रही है वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

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