Monday, January 26, 2026
Advertisement
Home उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश‘वन नेशन,वन राशन कार्ड योजना’ लागू करने वाला अग्रणी राज्य

उत्तर प्रदेश‘वन नेशन,वन राशन कार्ड योजना’ लागू करने वाला अग्रणी राज्य

242

देश में ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना’ लागू करने वाला उ0प्र0 अग्रणी राज्य।उ0प्र0 इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ परचेज (ई-पॉप) केमाध्यम से खरीद व्यवस्था लागू करने वाला देश का पहला राज्य आगामी सौ दिनों में प्राथमिकता के आधार परबेघरों और वंचित नागरिकों को भी राशन कार्ड की सुविधा दी जाए।अगले सौ दिनों में ग्राम पंचायतों को खाद्यान्न क्रय योजनामें संयोजित किया जाए और डोर स्टेप डिलीवरी की व्यवस्था की जाए।उचित दर की दुकानों को कॉमन सर्विस सेंटर केरूप में अधिकृत करने की दिशा में प्रयास शुरू किए जाएं दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरणप्रदान करने की सेवा को ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य एवं रसद विभाग ने पिछले पांच वर्षों में नवाचारों को बढ़ावा देकर और तकनीक के प्रयोग से लोगों के जीवन को आसान बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है। देश में ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना’ लागू करने वाला उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्य है। उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ परचेज (ई-पॉप) के माध्यम से खरीद व्यवस्था लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। इससे बिचौलियों को दरकिनार करने में सफलता मिली है। अन्नदाता किसानों से एमएसपी पर खरीद की जा रही है और उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से सीधे पैसे भेजे जा रहे हैं। प्रदेश में ई-पॉस मशीनों से खाद्यान्न वितरण से राशन वितरण में पारदर्शिता आई है। 15 करोड़ जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क राशन मिल रहा है।

आगामी सौ दिनों में प्राथमिकता के आधार पर बेघरों और वंचित नागरिकों को भी राशन कार्ड की सुविधा दी जाए। अगले सौ दिनों में ग्राम पंचायतों को खाद्यान्न क्रय योजना में संयोजित किया जाए और डोर स्टेप डिलीवरी की व्यवस्था की जाए। उचित दर की दुकानों को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में अधिकृत करने की दिशा में प्रयास शुरू किए जाएं। फोर्टीफाइड चावल वितरित करने के प्रयास किए जाएं। इससे कुपोषण के रोकथाम में मदद मिलेगी। साथ ही न्यूट्रीबेस्ड फूड बाजरा की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद और वितरण की व्यवस्था की जाए। आगामी पांच वर्षों में नगर विकास और ग्राम्य विकास विभाग के सहयोग से स्थायी उचित दर दुकानों का निर्माण कराने और उचित दर दुकानों को घनी बस्तियों से बाहर निकालकर परिवहन योग्य स्थान पर स्थानान्तरित कराने के प्रयास शुरू किए जाएं।