राज मिस्त्रियों के प्रशिक्षण से रोजगार के खुल रहे हैं नये द्वार

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राज मिस्त्रियों के प्रशिक्षण से रोजगार के खुल रहे हैं नये द्वार
राज मिस्त्रियों के प्रशिक्षण से रोजगार के खुल रहे हैं नये द्वार

राज मिस्त्रियों के प्रशिक्षण से उनके रोजगार के खुल रहे हैं नये द्वार। प्रशिक्षण पाकर कुशल राजमिस्त्री बन रहे ग्रामीण, मिल रहा रोजगार। गांवों में बनने वाले आवासों की नींव नारी शक्ति करेंगी मजबूत। 45 हजार राजमिस्त्रियों के साथ 7017 रानी मिस्त्रियां भी प्रशिक्षित। राज मिस्त्रियों के प्रशिक्षण से रोजगार के खुल रहे हैं नये द्वार

ब्यूरो निष्पक्ष दस्तक

लखनऊ। ग्राम्य विकास विभाग द्वारा ग्रामीण राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण देकर और अधिक कुशल, दक्ष और हुनरमंद बनाया जा रहा है, इससे मिस्त्रियों के लिए रोजगार के नये द्वार खुल रहे हैं और राज मिस्त्रियों के प्रशिक्षण से उनकी आय में बढ़ोतरी भी हो रही है, यही नहीं प्रधानमंत्री आवास योजना -ग्रामीण व मुख्यमंत्री आवास योजना -ग्रामीण के तहत बनाये जा रहे आवासों की गुणवत्ता में भी और अधिक सुधार भी होगा। ग्रामीण क्षेत्र के प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पुरूष / महिला को सर्टिफिकेशन के बाद बड़े जगहों एवं निर्माण एजेन्सियों में कार्य करने का अवसर मिलता है, जिससे उनकी कार्य क्षमता के उपयोग के साथ उन्हें बेहतर मजदूरी भी मिलती है। ग्राम्य विकास विभाग ग्रामीण परिवारों के उत्थान के लिए सतत् प्रयासरत है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अन्तर्गत रूरल मेसन ट्रेनिंग इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अंतर्गत 45 हजार राजमिस्त्रियों से अधिक ( पुरूष)तथा 7017 रानी मिस्त्रियों(महिला )को प्रशिक्षित किया जा चुका है। गांव के पुरुषों के साथ-साथ अब महिलाएं भी एक मजबूत आवास बनाने का कार्य कर रहीं है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रशिक्षण से ग्रामीण क्षेत्रों में राजमिस्त्रियों की पर्याप्त उपलब्धता से निर्माण कार्यों में तेजी आएगी तथा लोगों के लिए रोजगार के नये अवसर भी प्राप्त होंगे। विशेष बात तो यह भी है कि इस योजना में रानी मिस्त्रियों यानी महिलाओं को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पुरूषों के साथ महिला राजमिस्त्रियों का प्रशिक्षण एक महत्वपूर्ण कार्य है, जिससे महिला सशक्तीकरण एवं उनको आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिल रही है। जानकारी दे दें कि ग्रामीण क्षेत्रों में बन रहे प्रधानमंत्री आवास योजना -ग्रामीण के आवासों की गुणवत्ता सुनिश्चित कराने तथा घरों के निर्माण के लिए कुशल राजमिस्त्रियों उपलब्धता सुनिश्चित कराने के दृष्टिगत प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अन्तर्गत रूरल मेसन ट्रेनिंग का कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।

ग्राम्य विकास विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित कर जो राजमिस्त्री का प्रशिक्षण लेने के इच्छुक हो, को प्रशिक्षण देने की कार्यवाही की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्र में जो राजमिस्त्री पहले से राजगीरी का काम कर रहे होते हैं ,उन्हें 15 दिन का और जो व्यक्ति राजमिस्त्री का काम नहीं करते हैं या नहीं जानते हैं और प्रशिक्षण लेने के इच्छुक होते हैं , तो उन्हें 45 दिन का प्रशिक्षण देकर कुशल मिस्त्री बनाया जाता है। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एन०एस०डी०सी०) के ग्रामीण राजमिस्त्री अर्हता पैक (क्यू0पी0) के अनुसार दिया जा रहा है। आयुक्त, ग्राम्य विकास जी0एस0 प्रियदर्शी द्वारा अवगत कराया गया कि प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के निर्माण के परिप्रेक्ष्य में 45 हजार राजमिस्त्रियों(पुरूष) व 7017 महिला मिस्त्रियों को प्रशिक्षित किया गया है। प्रदेश में 36.57 लाख आवास आवंटित किए गए हैं, जिनमें 36.18 लाख पूर्ण हो गये हैं। पूर्णता की स्थिति लगभग 99 प्रतिशत है। राज मिस्त्रियों के प्रशिक्षण से रोजगार के खुल रहे हैं नये द्वार