Friday, January 16, 2026
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लखनऊ में भू- माफियाओं का तांडव! पुलिस की धमक से छीनी जा रही जमीन

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लखनऊ में भू- माफियाओं का तांडव! पुलिस की धमक से छीनी जा रही जमीन
लखनऊ में भू- माफियाओं का तांडव! पुलिस की धमक से छीनी जा रही जमीन

यूपी की राजधानी लखनऊ से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ जमीन बेचने के बाद अब बची हुई जमीन पर भी जबरन कब्जे का आरोप लगाया गया है। पीड़ित का कहना है कि दबाव केवल बिल्डरों की ओर से नहीं, बल्कि पुलिस का नाम लेकर उसे डराया-धमकाया जा रहा है। सवाल यह है कि क्या लखनऊ में भू-माफियाओं के आगे कानून बेबस होता जा रहा है? लखनऊ में भू- माफियाओं का तांडव! पुलिस की धमक से छीनी जा रही जमीन

यूपी की राजधानी लखनऊ से एक सनसनीखेज़ आरोप…जहाँ जमीन बेचने के बाद अब बची ज़मीन भी छीनने का आरोप! पीड़ित का कहना—बिल्डर नहीं, पुलिस से मिल रही धमकी! क्या लखनऊ में भू-माफियाओं के आगे कानून बेबस है? जी हां, यह मामला है लखनऊ की सदर तहसील का…बीबीडी थाना क्षेत्र के नरेन्दी गांव से, जहाँ गांव निवासी राम सहाय ने बिल्ड स्टाइल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अंशू उपाध्याय और अमित चौधरी को अपनी सात बिस्वा जमीन विधिवत रूप से बेची थी। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती…राम सहाय के पास कुल जमीन थी साढ़े ग्यारह बिस्वा, जिसमें से सात बिस्वा बिक चुकी, और साढ़े चार बिस्वा जमीन आज भी राम सहाय की है। आरोप है कि इसी बची हुई जमीन पर अब दबंग बिल्डरों की नज़र है… और आरोप और भी गंभीर तब हो जाता है जब पीड़ित कहता है— बीबीडी पुलिस की धमक दिखाकर जबरन कब्जा कराया जा रहा है! राम सहाय ने कि हमने सात बिस्वा जमीन बेची थी, बाकी जमीन हमारी है, लेकिन अब कहा जा रहा है कि सब छोड़ दो,नहीं तो झूठे मुकदमे में फंसा देंगे…

राम सहाय के अनुसार, उनके पास कुल साढ़े ग्यारह बिस्वा जमीन थी, जिसमें से सात बिस्वा जमीन बिक चुकी है, जबकि साढ़े चार बिस्वा जमीन आज भी उनके नाम दर्ज है। आरोप है कि अब इसी शेष जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। पीड़ित का कहना है कि दबंग बिल्डरों द्वारा बीबीडी पुलिस का नाम लेकर जमीन छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है। राम सहाय का आरोप है कि हमने सिर्फ सात बिस्वा जमीन बेची थी, बाकी जमीन हमारी है। अब कहा जा रहा है कि सब छोड़ दो, नहीं तो झूठे मुकदमों में फंसा दिया जाएगा।” डर के कारण राम सहाय न तो पुलिस के पास जा पा रहे हैं और न ही प्रशासन के पास। उनका कहना है कि वह लगातार भय के माहौल में जी रहे हैं।

पुत्र प्रदीप कुमार ने कहा कि पुलिस का नाम लेकर धमकाया जा रहा है,हम डर के साए में जी रहे हैं। उन्होंने कहा पुलिस का नाम लेकर हमें धमकाया जा रहा है। पूरा परिवार डर के साए में जी रहा है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सुरेश (नरेन्दी): ने कहा कि यह खुला अन्याय है, अगर पीड़ित को न्याय नहीं मिला तो गांव के लोग सड़क पर उतरेंगे।

फिलहाल पीड़ित राम सहाय न्याय की गुहार लगा रहा है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या समय रहते कार्रवाई होती है, या फिर एक और गरीब किसान भू-माफिया सिस्टम का शिकार बनकर रह जाएगा। सवाल बड़ा है— क्या राजधानी लखनऊ में बिल्डरों के आगे गरीब किसान की जमीन सुरक्षित नहीं? क्या पुलिस का नाम लेकर कब्जा कराना अब आम बात हो गई है? पीड़ित न्याय की गुहार लगा रहा है, अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है या फिर एक और गरीब भूमाफिया सिस्टम का शिकार बन जाएगा। लखनऊ में भू- माफियाओं का तांडव! पुलिस की धमक से छीनी जा रही जमीन