महंगाई बड़ी चुनौती नहीं-वित्त मंत्री

महंगाई बड़ी चुनौती नहीं, नौकरियों का सृजन और आर्थिक समानता प्राथमिकता।

अजय सिंह

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि महंगाई का दवाब सबसे बड़ी चुनौती नहीं है. बल्कि ज्यादा से ज्यादा नौकरियां का सृजन और आर्थिक समानता के लक्ष्य को हासिल करना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. वित्त मंत्री ने यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल आइिया समिट को संबोधित करते हुए कहा, कुछ प्राथमिकताएं लाल अक्षर वाली होती हैं जिसमें उन्होंने कहा कि नौकरियों का सृजन, समान धन वितरण यानि आर्थिक समानता और देश को विकास के पथ पर आगे लेकर जाना लाल अक्षर वाली प्राथमिकताओं में शामिल है।उन्होंने कहा कि उस लिहाज से देखा जाए तो महंगाई लाल अक्षर वाली प्राथमिकताओं में शामिल नहीं है. उन्होंने का कि हमने पिछले कुछ महीनो में महंगाई पर काबू पाने में सफलता हासिल कर दिखाया है।

आपको बता दें वैश्विक कारणों से चलते जब कमोडिटी के दाम आसमान छूने लगे तो अप्रैल 2022 में खुदरा महंगाई दर 7.79 फीसदी पर जा पहुंचा है. जबकि जुलाई में ये घटकर 6.71 फीसदी पर आ गया है. महंगाई दर में बढ़ोतरी के बाद इसपर काबू पाने के लिए आरबीआई को 1.40 फीसदी रेपो रेट बढ़ाना पड़ा. तो सरकार को पेट्रोल डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को कम करना पड़ा। साथ में सरकार ने गेंहू, चीनी और आटा के एक्सपोर्ट पर रोक लगाया है। तो सरकार ने खाने के तेल के दामों में कमी लाने के लिए इंपोर्ट ड्यूटी घटाया है।

निवेश को आकर्षित करेगा भारत-

वित्त मंत्री ने कहा कि के विकास की रफ्तार को तेज करने के साथ दो लक्ष्यों को प्राथमिकता दी गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि नेशनल इंवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) को और प्रभावी कैसे बनाया जाए सरकार इसकी समीक्षा करेगी. उन्होंने कहा कि भारत लगातार निवेश को आकर्षित कर रहा है।

महंगाई बढ़ने के आसार-

वहीं, डॉयचे बैंक की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अगस्त में मुद्रास्फीति एक बार फिर बढ़कर 7 फीसदी के करीब पहुंच सकती है. अगर ऐसा होता है तो यह लगातार आठवां महीना होगा जब महंगाई दर 6 फीसदी से ऊपर रहेगी. गौरतलब है कि आरबीआई ने महंगाई को नियंत्रित करने के लिए 4 महीने में 3 बार रेपो रेट बढ़ाई है।

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