
चौ.लौटनराम निषाद
गोपालन नांबियार-सुशीला गोपालन केरल के गोपालन नांबियार-
सुशीला गोपालन दो बार एक साथ लोकसभा चुनाव जीते थे। भारतीय संसद के इतिहास में पहली बार केरल के दंपत्ति एक साथ सांसद चुने गए थे। चौथी लोकसभा (1967-1971) में एके गोपालन नांबियार और सुशीला गोपालन एक साथ जीत कर संसद पहुंचे थे। दोनों सीपीएम से सांसद चुने गए थे। ए.के. गोपालन नांबियार को एकेजी के नाम से जाना जाता है। वह एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और संसद में विपक्ष के पहले नेता थे।ए.के. गोपालन 1952 से 1977 तक पालघाट (केरल) से लगातार सांसद चुने जाते रहे थे।वहीं, ए.के. गोपालन की पत्नी सुशीला गोपालन पहली बार 1967 में चिरयनकिल (केरल) से लोकसभा के लिए चुनी गईं।सुशीला एक प्रमुख मार्क्सवादी और ट्रेड यूनियनवादी थीं।दंपत्ति सीपीएम के सदस्य थे। विधानसभा-लोकसभा में पति-पत्नी की जोडी
सत्येन्द्र नारायण सिन्हा-किशोरी सिन्हा
सत्येन्द्र नारायण सिन्हा और किशोरी सिन्हा दो बार एक साथ लोकसभा पहुंचे। बिहार के सत्येन्द्र नारायण सिन्हा और उनकी पत्नी किशोरी सिन्हा दो बार लोकसभा चुनाव एक साथ जीतकर संसद पहुंचे थे। सत्येंद्र नारायरण सिन्हा बिहार के औरंगाबाद जिले के एक शाही परिवार से ताल्लुक रखते थे। जिन्हें छोटे बाबू के नाम से भी जाना जाता था।नारायण 1952 से छह बार औरंगाबाद से लोकसभा के लिए चुने गए। सत्यनारायण तीन बार कांग्रेस, एक बार कांग्रेस (ओ) और दो बार जनता पार्टी से सांसद चुने गए थे। जबकि पत्नी किशोरी 1980 और 1989 लोकसभा में उनके साथ थीं। किशोरी वैशाली लोकसभा सीट से सांसद से चुनी गई थीं। 1980 में सत्येंद्र नारायरण सिन्हा और किशोरी सिन्हा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (इंदिरा) से सांसद चुने गए थे। जबकि 1989 में जनता पार्टी से चुनाव जीतकर एक साथ संसद पहुंचे थे।
पप्पू यादव-रंजीता रंजन
पप्पू यादव पत्नी रंजीत रंजन के साथ दो बार लोकसभा चुने गए।बिहार के राजेश रंजन (पप्पू यादव) और उनकी पत्नी रंजीत रंजन भी दो बार एक साथ सांसद बने थे। पप्पू यादव और रंजीत एक और दिलचस्प जोड़ी है। पूर्णिया के डॉन के नाम से मशहूर पप्पू यादव 2004 में उपचुनाव में राजद के टिकट पर मधेपुरा से सांसद चुने गए थे। जबकि उनकी पत्नी रंजीत रंजन लोक जन शक्ति पार्टी के टिकट पर बिहार के सहरसा से चुनी गईं थीं। वहीं, दूसरी बार 2014 के आम चुनाव में इस जोड़े ने अलग-अलग पार्टियों से जीत हासिल की।रंजीत रंजन ने कांग्रेस के टिकट से सुपौल से जीत हासिल की। वहीं, पति पप्पू यादव ने राजद के टिकट से मधेपुरा लोकसभा सीट से जीतकर सांसद बने थे।अधिकांश समय जेल में रहने वाले पप्पू यादव कई राजनीतिक पार्टी से उम्मीदावर बनकर 1991, 1996, 1999, 2004 और 2014 में बिहार के अलग-अलग लोकसभा सीट से चुनाव जीता।वह निर्दलीय, एसपी, लोक जनता पार्टी, राजद के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं। आपराधिक छवि होने के बावजूद पप्पू यादव 2015 में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले सांसदों में से एक बने थे। जबकि पप्पू यादव की पत्नी रंजीत रंजन का जन्म मध्य प्रदेश में पंजाबी परिवार में हुआ था। रंजीत को खेलों में रुचि थी। रंजीत कई दलों का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
धर्मेंद्र -हेमामालिनी
धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की जोड़ी भी पहुंची थी संसद,लेकिन सदन अलग थे। बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र यादव और उनकी पत्नी हेमा मालिनी भी एक साथ सांसद रह चुके हैं। लेकिन दोनों के सदन अलग-अलग थे।धर्मेंद्र यादव 2004 में राजस्थान की लोकसभा सीट बीकानेर से सांसद चुने गए थे। जबकि वर्तमान में तीसरी बार मथुरा से सांसद हेमा मालिनी 2003 में राज्य सभा सांसद मनोनीत हुई थीं।
अखिलेश यादव- डिंपल यादव एक साथ सांसद
यूपी से दूसरे दंपत्ति अखिलेश यादव और डिंपल यादव एक साथ लोकसभा सांसद चुने गये हैं।लोकसभा चुनाव 2024 में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव एक साथ सांसद बने हैं।उत्तर प्रदेश से एक साथ सांसद बनने वाले अखिलेश और डिंपल दूसरे सांसद दम्पत्ति हैं।इस बार अखिलेश यादव कन्नौज तो डिंपल यादव मैनपुरी लोकसभा सीट से जीती हैं। यह जोड़ी अब संसद में एक साथ दिखेगी। डिंपल यादव ने 2 लाख 21 हजार 639 वोटों से भाजपा प्रत्याशी जयवीर सिंह को हराया है। डिंपल यादव लगातार तीसरी बार सांसद चुनी गई हैं। वहीं, अखिलेश यादव ने भाजपा प्रत्याशी सुब्रत पाठक को 1 लाख 70 हजार 922 वोटों से हराया है। अखिलेश यादव इसके पहले तीन बार सांसद चुने जा चुके हैं।
मधु दंडवते और प्रमिला दंडवते विधानसभा-लोकसभा में पति-पत्नी की जोडी
प्रोफेसर मधु दंडवते भारत के रेल मंत्री और वित्त मंत्री रहे हैं। वो साल 1971 से 1991 तक 5 बार लोकसभा सांसद चुने गए। 1980 के लोकसभा चुनाव में वो महाराष्ट्र से जनता पार्टी के टिकट पर राजापुर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए।वहीं उनकी पत्नी प्रमिला दंडवते बॉम्बे नॉर्थ सेंट्रल सीट से जनता पार्टी के टिकट पर ही चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंची।
चौधरी चरण सिंह और गायत्री देवी
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह तीन बार लोकसभा चुनाव जीते।साल 1980 में वो उत्तर प्रदेश की बागपत लोकसभा सीट से चुनाव जीते। उसी लोकसभा चुनाव में उनकी पत्नी गायत्री देवी भी कैराना सीट से चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंची।दोनों पति-पत्नी 7वीं लोकसभा के दौरान 1980 से 1984 के दौरान एक ही सदन के सदस्य रहे।
विधानसभा में पति-पत्नी की जोड़ी-
हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन-
झारखंड के हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन दोनों ही वर्तमान में विधानसभा के सदस्य हैं। हेमंत सोरेन साल 2019 में विधानसभा का चुनाव जीते और राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। वहीं कल्पना सोरेन ने इसी साल हुए विधानसभा उपचुनाव में गांडेय विधानसभा सीट से जीतकर विधानसभा पहुंची है।
उत्तम कुमार रेड्डी और पद्मावती रेड्डी-
साल 2023 के तेलंगाना विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेता एन. उत्तम कुमार रेड्डी और उनकी पत्नी पद्मावती रेड्डी चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचे।पति-पत्नी की ये जोड़ी कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने हैं। उत्तम कुमार रेड्डी तेलंगाना की हुजूरनगर विधानसभा सीट से चुनाव जीते और उनकी पत्नी पद्मावती रेड्डी कोडाद विधानसभा सीट से विधानसभा पहुंची हैं।
विश्वजीत राणे और दिव्या राणे-
विश्वजीत राणे ने 2022 के गोवा विधानसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर वालपोई विधानसभा सीट से चुनाव जीता था। वहीं, उनकी पत्नी दिव्या राणे भी भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर पोरिम निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची थीं।
आतानासियो मोन्सेरात और जेनिफर मोन्सेरात-
गोवा विधानसभा चुनाव 2022 में बीजेपी के आतानासियो मोन्सेरात ने पणजी विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी।वहीं, उनकी पत्नी जेनिफर भाजपा के टिकट पर तलेगांव से जीती थीं। जेनिफर मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के पहले कार्यकाल के दौरान गोवा कैबिनेट में एकमात्र महिला मंत्री थीं।
कौशल यादव और पूर्णिमा यादव-
कौशल यादव और पूर्णिमा यादव की जोड़ी तो सबसे अनोखी रही, क्योंकि ये दोनों ही पति पत्नी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतकर एक साथ विधानसभा पहुंचे थे। साल 2005 के विधानसभा चुनाव में कौशल यादव गोबिंदपुर विधानसभा क्षेत्र और पूर्णिमा यादव नवादा विधानसभा क्षेत्र से जीतकर विधायक बने।
कुलदीप बिश्नोई और रेणुका बिश्नोई-
फिलहाल बीजेपी में शामिल हो चुके कुलदीप बिश्नोई और उनकी पत्नी रेणुका बिश्नोई भी एक साथ विधानसभा के सदस्य रहे हैं। कुलदीप बिश्नोई हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के बेटे हैं। उन्होंने हरियाणा जनहित कांग्रेस बनाई थी और इसी पार्टी से कुलदीप बिश्नोई और रेणुका बिश्नोई ने साल 2014 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी। कुलदीप बिश्नोई ने हिसार जिले के आदमपुर से और उनकी पत्नी रेणुका बिश्नोई हांसी विधानसभा सीट से जीत हासिल कर विधानसभा पहुंचे थे।
सीएम सुक्खू- कमलेश ठाकुर-
हिमांचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर के शपथ लेने के बाद हिमाचल विधानसभा के सदन में इतिहास बन गया है। विधानसभा में पहली बार पति और पत्नी की जोड़ी एक साथ नजर आई। ये जोड़ी अब मॉनसून सत्र में विधानसभा के एक साथ नजर आएगी। इससे पहले सदन में पिता-पुत्र पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह की जोड़ी नजर आ चुकी है। जो वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद सदन में एक साथ दिखे थे। विधानसभा-लोकसभा में पति-पत्नी की जोडी






















