
अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने देश की विदेश नीति को कमजोर कर दिया है। भाजपा सरकार ने देश की विदेश नीति गिरवी रख दी है। पहली बार है, जब हमारी विदेश नीति विदेश के लोग तय कर रहे है। देश के सामने गंभीर चुनौतियां है। देश के बड़ी संख्या में लोग युद्ध क्षेत्र में फंसे हैं। मंहगाई बढ़ती जा रही है। इसके साथ तमाम बड़े मुद्दे है, जिन पर संसद में चर्चा होनी चाहिए।
बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान सोमवार को संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि इस सरकार ने विदेश नीति को नीलाम कर दी है। बात आत्मनिर्भर होने की होती है। अमेरिका हमारी सरकार को आर्डर कर रहा है। डिक्टेट कर रहा है। कितने दिन तेल खरीदना है, कहां से खरीदना है, यह दूसरा देश तय कर रहा है।देश के सामने इस समय कई गंभीर चुनौतियां खड़ी हैं। बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए हैं, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता परेशान है और जरूरी वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार युद्ध को लेकर अपनी राय साफ करे। सरकार का क्या पक्ष है। युद्ध प्रभावित देशों में बड़ी संख्या में भारतीय फंसे हुए हैं। नौकरी, पेशा, कामकाजी लोग और पर्यटक फंसे है। जो पत्रकार फंसे है, वो कैसे लौटेंगे? इन सबकी सुरक्षित वापसी का प्रश्न है। मंहगाई बढ़ती जा रही है। लोगों के सामने संकट की स्थिति है। इन मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। विदेश नीति, युद्ध क्षेत्रों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा, महंगाई और अन्य राष्ट्रीय समस्याओं—पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए, ताकि देश की जनता को राहत मिल सके और सरकार जवाबदेह बने।























