Friday, March 27, 2026
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भूगर्भ जल प्रबंधन अधिनियम-2019 का उल्लंघन पर करें वैधानिक कार्यवाही-जिलाधिकारी

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अयोध्या। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद की कार्यकारी समिति की बैठक की। बैठक में भूगर्भ जल विभाग के पोर्टल पर कृषि-ध्घरेलू उपयोक्ता, औद्योगिक, व्यवसायिक व वेधन अभिकरण के प्राप्त पंजीकरण व अनापत्ति प्रमाण पत्रों के आवेदनों पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित सभी आरओ प्लांटों को चिन्हित करने के साथ ही सभी पर अनिवार्य रूप से फ्लो मीटर लगवाने के निर्देश दिए।सहायक अभियंता भूगर्भ जल ने बताया कि जनपद में भूगर्भ जल विभाग के पोर्टल ( upgwdonline.in ) पर अब तक पंजीकरण व अनापत्ति प्रमाण पत्र हेतु कृषक उपयोक्ताध्घरेलू उपयोक्ता, औद्योगिक, व्यवसायिक व वेधन अभिकरण के कुल 152 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिसमें कूप पंजीकरण हेतु 144 आवेदन, बेधन अभिकरण के पंजीकरण हेतु 02 आवेदन  तथा कूप हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र के नवीनीकरण हेतु 06 आवेदन प्राप्त हुए हैं। सहायक अभियंता भूगर्भ जल ने आगे बताया कि जिलाधिकारी महोदय के निर्देशों के क्रम में जनपद में क्रियाशील 25 आरओ प्लांटों को अब तक चिन्हित कर सभी को अनिवार्य रूप से फ्लो मीटर लगाने तथा नियमों का अनुपालन करने हेतु नोटिस जारी की जा चुकी है जिसमें से 04 आरओ प्लांटों के संचालक नियमों के अनुपालन करने हेतु अब तक संपर्क किया है।

जिस पर जिलाधिकारी ने बाकी 21 आरओ प्लांटों का निरीक्षण कर फ्लो मीटर न लगाने और नियमों की अनदेखी करने के कारण उन्हें बंद कराने के निर्देश दिए। इसी के साथ ही जिलाधिकारी ने जनपद के अन्य सभी आरओ प्लांटों को चिन्हित कर फ्लो मीटर लगवाने तथा नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के समस्त औद्योगिक व व्यवसायिक इकाइयों जिनके द्वारा  एक निश्चित सीमा (दस हजार लीटर) से अधिक भू-जल का उपयोग किया जा रहा है उनके लिए भूगर्भ जल विभाग से भूगर्भ जल प्रबंधन अधिनियम-2019 में विहित मानकों को पूरा करते हुए अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य है। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी इकाई द्वारा भूगर्भ जल प्रबंधन अधिनियम-2019 में विहित मानकों को पूर्ण न करने अथवा अधिनियम का उल्लंघन की स्थिति में उसके संचालक पर 02 से 05 लाख का अर्थदंड अथवा 06 माह से 01 वर्ष तक का कारावास अथवा दोनों भी हो सकता है। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को भूगर्भ जल संरक्षण एवं जल संचयन संबंधित दिशा निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने तथा इसका उल्लंघन करने वालों पर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अनीता यादव, सहायक अभियंता भूगर्भ जल विभाग व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं विभिन्न इकाइयों के संचालकध्प्रतिनिधि उपस्थित रहे।