Wednesday, February 11, 2026
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सुरक्षित नारी,सक्षम युवा,खुशहाल किसान,हर हाथ को काम एवं नकनीकी निवेश का बजट

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सुरक्षित नारी,सक्षम युवा,खुशहाल किसान,हर हाथ को काम एवं नकनीकी निवेश का बजट
सुरक्षित नारी,सक्षम युवा,खुशहाल किसान,हर हाथ को काम एवं नकनीकी निवेश का बजट

बजट थीम ‘सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान, हर हाथ को काम तथा नकनीकी निवेश से समृद्ध होता उ0प्र0’। यह बजट प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत@2047 की संकल्पनाओं को समर्पित। उ0प्र0 ने पॉलिसी पैरालिसिस से उबरकर अनलिमिटेड पोटेंशियल स्टेट के रूप में स्वयं को प्रस्तुत किया। प्रदेश में रूल ऑफ लॉ का वातावरण निर्मित, यही रियल ग्रोथ की गारण्टी।  विगत 09 वर्षों में प्रदेश का बजट तीन गुना से अधिक बढ़ा, वर्तमान सरकार का यह 10वां बजट, किसी मुख्यमंत्री को 10वां बजट प्रस्तुत करने का यह प्रथम अवसर। 02 लाख करोड़ रु0 से अधिक की धनराशि कैपिटल एक्सपेंडीचर हेतु। इन 09 वर्षों में एक भी टैक्स नहीं लगाया गया, कर चोरी, लीकेजेज आदि को रोक कर कुशल वित्तीय प्रबन्धन से प्रदेश को बीमारू राज्य से अर्थव्यवस्था का ब्रेक-थ्रू तथा रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में स्थापित करने में सफलता प्राप्त हुई। उ0प्र0 में बेरोजगारी दर 2.24 प्रतिशत से कम करने में सफलता प्राप्त हुई।

प्रदेश में ‘स्टेट डाटा अथॉरिटी’ का गठन किया जाएगा, आर्टिफिशियल इन्टेलीजेंस तथा अन्य सेक्टर में कार्य करने के लिए डाटा सेण्टर क्लस्टर की स्थापना का प्राविधान। मेडटेक व डीपटेक के लिए ए0आई0 मिशन की घोषणा से स्किल्ड युवा को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जा सकेंगे। प्रदेश में ए0आई0 सेण्टरआफ एक्सीलेंस, ए0आई0 डाटा लैब्स तथा साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन सेण्टर की स्थापना हेतु बजट में धनराशि की व्यवस्था। सिटी इकोनॉमिक जोन, एस0सी0आर0, काशी-मीरजापुर इकोनॉमिक जोन, प्रयागराज-चित्रकूट इकोनॉमिक जोन, कानपुर-झांसी इकोनॉमिक जोन क्लस्टर डेवलपमेण्ट की नई कार्रवाई को आगे बढ़ाने के प्राविधान।

‘ईज ऑफ डूईंग बिजनेस‘ में प्रदेश चीफ अचीवर्स स्टेट के रूप में,कृषि को इनकम बेस्ड व वैल्यू एडीशन मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने के लिए बजट में प्राविधान। डीजल से संचालित 23 लाख ट्यूबवेल को फेजवाइज सोलर पावर से जोड़ने की घोषणा।‘एग्री एक्सपोर्ट हब्स‘ के रूप में नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट को विकसित करने की कार्रवाई आगे बढ़ायी गयी। यू0पी0 एग्रीज के विस्तार तथा इसे ए0आई0 टूल्स के माध्यम से सशक्त बनाने की घोषणा। ‘मुख्यमंत्री जोखिम प्रबन्धन एवं पशुधन बीमा योजना’ के अन्तर्गत 85 प्रतिशत तक प्रीमियम राज्य सरकार देगी।

गंगा एक्सप्रेस-वे का विस्तार प्रयागराज से मीरजापुर, वाराणसी, चन्दौली, सोनभद्र के शक्तिनगर तक तथा मेरठ से हरिद्वार तक किया जाएगा। ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुज़ीन योजना’ के अन्तर्गत स्थानीय खाद्य पदार्थों की ब्राण्डिंग हेतु बजट में व्यवस्था। प्रत्येक जनपद में दो-दो सी0एम0 कम्पोजिट विद्यालय की स्थापना की जाएगी, ड्रीम स्किल लैब क्लस्टर हेतु धनराशि की व्यवस्था। प्रदेश सरकार स्टेम ए0आई0 मिशन से राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों और टेक्निकल इन्स्टीट्यूशन को जोड़ने जा रही, डिजिटल इण्टरप्रेन्योरशिप योजना आगे बढ़ाएगी।

प्रदेश सरकार ने ‘महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना‘ के लिए धनराशि की व्यवस्था की, जो शी-मार्ट की तर्ज पर कार्य करेगी, ‘महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड‘ योजना घोषित, बालिकाओं के लिए निःशुल्क सेनेटरी नैपकिन की व्यवस्था, प्रत्येक जनपद में श्रमजीवी महिला छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक मण्डल में एक स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित किया जाएगा, स्पोर्ट्स कॉलेज स्पेसिफिक स्पोर्ट्स के लिए सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स के रूप में विकसित किये जाएंगे।

महिला गाइड प्रशिक्षण के लिए लगने वाले 10 हजार रु0 के लाइसेन्स शुल्क को माफ किया गया।एस0जी0पी0जी0आई0 देश का पहला सेन्टर होगा, जहां टर्शियरी के बाद क्वाटरनरी हेल्थ केयर सेन्टर की स्थापना की जाएगी।

लखनऊ।  आज उत्तर प्रदेश का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट सदन में प्रस्तुत किया गया है। प्रदेश ने विगत 09 वर्षों के दौरान अपना परसेप्सन बदलने में सफलता प्राप्त की है। राज्य ने पॉलिसी पैरालिसिस से उबरकर अनलिमिटेड पोटेंशियल स्टेट के रूप में स्वयं को प्रस्तुत किया है। यह बजट इन्हीं भावों का प्रतिनिधित्व करता है। विगत 09 वर्षों में प्रदेश का बजट तीन गुना से अधिक बढ़ा है। आज 09 लाख 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रस्तुत हुआ है। ‘सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान, हर हाथ को काम तथा नकनीकी निवेश से समृद्ध होता उत्तर प्रदेश’ के लिए समर्पित यह बजट नव वर्ष के नवनिर्माण की नई गाथा को देशवासियों के सामने प्रस्तुत करता है।

बजट की हाइलाईट्स के अनुसार, 43,565 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि केवल नई योजनाओं के लिए प्रस्तावित की गयी है। 02 लाख करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि कैपिटल एक्सपेंडीचर के लिए है। परिसम्पत्तियों के नवनिर्माण, इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेण्ट तथा अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण में इसकी बड़ी भूमिका होती है और यहीं से रोजगार सृजन होता है। विगत 09 वर्षों में वर्तमान सरकार का 10वां बजट है। ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी मुख्यमंत्री को 10वां बजट प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हुआ है। इन 09 वर्षों में एक भी टैक्स नहीं लगाया गया। प्रदेश में कर चोरी, लीकेजेज आदि को रोक कर कुशल वित्तीय प्रबन्धन से प्रदेश को बीमारू राज्य से अर्थव्यवस्था का ब्रेक-थ्रू तथा रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में स्थापित करने में सफलता प्राप्त हुई है।

वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश की ऋणग्रस्तता 30 प्रतिशत से अधिक थी, उसे हम 27 प्रतिशत लाने में सफल हुए हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में इसे 23 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य है। भारतीय रिर्जव बैंक ने तय किया है कि किसी भी राज्य की ऋणग्रस्तता उसकी जी0एस0डी0पी0 की 30 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल है, जिसने अपने वित्तीय प्रबन्धन को एफ0आर0बी0एम0 की तय सीमा के अधीन रखा है। यह हमारा कुशल वित्तीय अनुशासन प्रदर्शित करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश वेलफेयर व इन्फ्रास्ट्रक्चर की योजनाओं को धरातल पर उतारने के साथ प्रत्येक सेक्टर में ऊंचाईयों को प्राप्त करते हुए विकास के नये प्रतिमान स्थापित कर रहा है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। राज्य देश की टॉप-थ्री अर्थव्यवस्था में एक है। उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी दर 2.24 प्रतिशत से कम करने में सफलता प्राप्त हुई है। वर्ष 2017 से पूर्व बेरोजगारी दर 17 से 19 प्रतिशत तक थी। वर्तमान बजट की सोच युवाओं के प्रति समर्पित है। प्रदेश में होने वाली ग्रोथ युवाओं के रोजगार से सम्बन्धित होनी चाहिए। इस पर ध्यान देते हुए एम0एस0एम0ई0, स्टार्टअप, ओ0डी0ओ0पी0 योजनाओं के अन्तर्गत स्थानीय उद्यमियों को ट्रेण्ड किया जा रहा है। निवेश की नई योजनाओं के साथ प्रदेश को इन्वेस्टमेण्ट डेस्टीनेशन तथा इम्प्लॉयमेण्ट जेनरेटर के रूप में बड़ी भूमिका के साथ आगे बढ़ाने का प्रयास है।

प्रदेश में अक्सर देखने को मिलता था कि अलग-अलग विभाग अलग-अलग समय में अलग-अलग डाटा प्रस्तुत करते थे। वर्तमान सरकार ने तय किया कि प्रदेश में ‘स्टेट डाटा अथॉरिटी’ का गठन किया जाएगा। यह अथॉरिटी रियल टाइम डाटा और रियल टाइम मॉनिटरिंग के साथ भविष्य की योजनाओं को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगी। आज के बजट में इमर्जिंग टेक्नोलॉजी से सम्बन्धित अनेक घोषणाएं हुई हैं। आर्टिफिशियल इन्टेलीजेंस तथा अन्य सेक्टर में कार्य करने के लिए डाटा सेण्टर क्लस्टर की स्थापना का प्राविधान किया गया है। मेडटेक व डीपटेक के लिए ए0आई0 मिशन की घोषणा से स्किल्ड युवा को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जा सकेंगे।

इस बजट में आई0टी0 एण्ड इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के प्रोत्साहन के लिए विशेष प्राविधान किये गये हैं। ‘उत्तर प्रदेश ए0आई0 मिशन’ की शुरूआत की जा रही है। प्रदेश में ए0आई0 सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस, और ए0आई0 डाटा लैब्स तथा साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन सेण्टर की स्थापना हेतु बजट में धनराशि की व्यवस्था की गयी है। सिटी इकोनॉमिक जोन, एस0सी0आर0, काशी-मीरजापुर इकोनॉमिक जोन, प्रयागराज-चित्रकूट इकोनॉमिक जोन, कानपुर-झांसी इकोनॉमिक जोन क्लस्टर डेवलपमेण्ट की नई कार्रवाई को आगे बढ़ाने के प्राविधान इस बजट में किये गये हैं।

वर्ष 2017 में ‘ईज ऑफ डूईंग बिजनेस‘ में प्रदेश की रैंकिंग 13-14 पर थी। वर्तमान सरकार ने पहले 03 वर्षों में इसे दूसरे नम्बर पर लाने में सफलता प्राप्त की। प्रदेश ने चीफ अचीवर्स स्टेट के रूप में स्वयं को स्थापित किया। अब जन-विश्वास सिद्धान्त के रूप में निवेशकों के लिए ‘सिंगल विण्डो‘ के माध्यम से लाइसेंसिंग, पंजीकरण आदि की कार्यवाही को अधिक सहज व सरल बनाने की दिशा में कदम उठाये गये हैं।

प्रदेश में डिजिटल इण्टरप्रेन्योरशिप योजना को आगे बढ़ाने की दिशा में बजट में प्राविधान किये गये हैं। इन कार्यां में हमें सफलता तब प्राप्त हुई है, जब प्रदेश में रूल ऑफ लॉ का वातावरण निर्मित किया गया। यही रियल ग्रोथ की गारण्टी है। स्मार्ट पुलिसिंग व त्वरित न्याय व्यवस्था प्रत्येक व्यक्ति व निवेशक को सुरक्षा तथा भरोसेमन्द वातावरण प्रदान करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करती है। इससे प्रदेश में रोजगार सृजित हुआ है। पहले कोई सोचता भी नहीं था कि प्रदेश में 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त होंगे। प्रदेश का एम0एस0एम0ई0 सेक्टर फिर से विकसित होकर 03 करोड़ से अधिक युवाओं के लिए रोजगार की सम्भावनाएं विकसित करेगा। आज यह सब उत्तर प्रदेश में दिखाई दे रहा है।

अन्नदाता किसान भारत जैसे कृषि प्रधान देश की अर्थव्यवस्था और उसके विकास की धुरी हैं। हमारा किसान केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास का भागीदार भी है। अब किसानों को अन्नदाता से उद्यमी बनाने की दिशा में नये प्रयास किये जा रहे हैं, ताकि वह प्रदेश के विकास में सक्रिय साझेदार बनें। कृषि को इनकम बेस्ड व वैल्यू एडीशन मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने के लिए इस बजट में प्राविधान किया गया है।

प्रदेश में सिंचाई की क्षमता में अभूतपूर्व विस्तार किया गया है। प्रदेश में 40 लाख ट्यूबवेल में से विद्युत से संचालित 16 लाख ट्यूबवेल के लिए निःशुल्क बिजली की व्यवस्था की गयी। डीजल से संचालित शेष 23 लाख ट्यूबवेल को फेजवाइज सोलर पावर से जोड़ने के लिए एक बड़ी योजना की घोषणा इस बजट में हुई है। इस योजना में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, महिला एवं सीमान्त किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान और अन्य किसानों के लिए 80 प्रतिशत अनुदान की घोषणा की गयी है। योजनान्तर्गत सोलर पैनल क्लस्टर व इण्डिविजुअल रूप से आगे बढ़ाते हुए इसमें पी0एम0 कुसुम योजना को भी सम्मिलित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्तरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष-2026 के उपलक्ष्य में बजट में एफ0पी0ओ0 को अतिरिक्त सुविधा से फैसिलिटेट करने के लिए रिवॉल्विंग फण्ड की व्यवस्था की गयी है। प्रदेश में गन्ना के साथ तिलहनी व दलहनी अन्तःफसली खेती को बढ़ावा देने के लिए इस बजट में प्राविधान किये गये हैं। प्रदेश के किसानों के उत्पादों को निर्यात में सहायता प्रदान करने के लिए ‘एग्री एक्सपोर्ट हब्स‘ के रूप में नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट को विकसित करने की कार्रवाई आगे बढ़ायी गयी है। प्रदेश में कृषि व बागवानी उत्पादों की गुणवत्ता व उत्पादन में वृद्धि हेतु भी बजट में प्राविधान किये गये हैं।

वर्ल्ड बैंक के साथ मिलकर यूपी एग्रीज के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा रहा है। यू0पी0 एग्रीज के विस्तार तथा इसे ए0आई0 टूल्स के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए बजट में बड़ी घोषणा की गयी है। विश्व की सबसे बड़ी अन्न भण्डारण योजना के लिए इस बजट में 02 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद्यान्न भण्डारण की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रदेश में वेयरहाउस व बड़े-बड़े गोदाम बनें, इसके लिए विशेष सब्सिडी की व्यवस्था पॉलिसी के तहत राज्य में पहले से संचालित है। उस पॉलिसी के दायरे में जो भी निवेशक, निवेश करना चाहेगा, उसे सरकार प्रोत्साहित करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुओं को बीमा सुरक्षा देने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री जोखिम प्रबन्धन एवं पशुधन बीमा योजना’ के अन्तर्गत 85 प्रतिशत तक प्रीमियम राज्य सरकार देगी। लैण्डलॉक्ड स्टेट के रूप में उत्तर प्रदेश की प्रगति देश में बहुत बेहतर है। प्रदेश में मछुआरों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए ‘स्टेट ऑफ द आर्ट होलसेल फिश मण्डी’ और ‘फिश प्रोसेसिंग सेण्टर’ के लिए भी धनराशि की व्यवस्था की गई है। प्रदेश सरकार वर्ल्ड फिशरीज प्रोजेक्ट सेण्टर की स्थापना के कार्य को आगे बढ़ा रही है, जो सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में कार्य करेगा। प्रदेश की 04 चीनी मिलों की क्षमता संवर्धन के कार्य को आगे बढ़ाने के लिए बजट में व्यवस्था की गयी है।

बजट में आगरा-लखनऊ-हरदोई-फर्रुखाबाद की गंगा एक्सप्रेस-वे से कनेक्टिविटी के लिए धनराशि की व्यवस्था की गई है। गंगा एक्सप्रेस-वे का विस्तार प्रयागराज से मीरजापुर, वाराणसी, चन्दौली, सोनभद्र के शक्तिनगर तक तथा मेरठ से हरिद्वार तक किया जाएगा। इसके लिए बजट में घोषणा की गई है। पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे को गाजीपुर से चन्दौली, सोनभद्र के शक्तिनगर तक ले जाने का कार्य किया जाएगा। यू0पी0 बायोफ्यूल प्लास्टिक केंद्र को विकसित करने की कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया है। एफ0डी0आई0 फॉर्च्यून-500 के अन्तर्गत आने आने वाली कम्पनियों के लिए विशेष प्राविधान की घोषणा बजट में की गयी है।

एम0एस0एम0ई0 सेक्टर को प्रोत्साहित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुज़ीन योजना’ के अन्तर्गत स्थानीय खाद्य पदार्थों की ब्राण्डिंग के लिए बजट में व्यवस्था की गयी है। पुराने कम्बल/ऊन कारखानों के आधुनिकीकरण के लिए इस बजट में धनराशि की व्यवस्था की गयी है। प्रत्येक जनपद में हब एण्ड स्पोक मॉडल पर स्किल डेवलपमेण्ट के बड़े केन्द्र विकसित करने के कार्य को सरकार आगे बढ़ा रही है। इसके तहत सभी जनपदों में सरदार वल्लभभाई पटेल इन्प्लॉयमेण्ट जोन 50 एकड़ से लेकर 100 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित किये जाएंगे। उत्तर प्रदेश के युवाओं को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने के लिए ‘स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना’ के अन्तर्गत टैबलेट/स्मार्टफोन वितरण के कार्यक्रम के लिए धनराशि की व्यवस्था इस बजट में की गयी है।

उत्तर प्रदेश ने शिक्षा के क्षेत्र में कई मॉडल दिए हैं, जिनमें ऑपरेशन कायाकल्प, अटल आवासीय विद्यालय प्रमुख हैं। अटल आवासीय विद्यालयों की तर्ज पर बेसिक शिक्षा परिषद के अन्तर्गत प्रत्येक जनपद में दो-दो सी0एम0 कम्पोजिट विद्यालय की स्थापना हेतु बजट में धनराशि का प्राविधान किया गया है। आवश्यकतानुसार विभिन्न विकास खण्डों में कस्तूरबा गांधी विद्यालयों का विस्तार किया जाएगा। प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षणेतर कर्मचारियों के लिए आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर कैशलेस उपचार की व्यवस्था बजट में की गयी है। इस कैसलेस उपचार व्यवस्था से सभी प्रकार के शिक्षकों को हमने जोड़ा है। बजट में बालिकाओं के लिए निःशुल्क सैनेटरी नैपकिन की व्यवस्था की गई है। ड्रीम स्किल लैब क्लस्टर के लिए भी धनराशि की व्यवस्था इस बजट में की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस का उपयोग माध्यमिक स्तर से ही हम करना प्रारम्भ करें, इसके लिए बजट में धनराशि की व्यवस्था की गई है। टेक्निकल एजुकेशन के क्षेत्र में प्रदेश सरकार ने शिक्षा, कौशल, तकनीक के सशक्त त्रिकोण को ध्यान में रखते हुए बजट में धनराशि का प्राविधान किया है। प्रदेश सरकार साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग एण्ड मैथ्स (स्टेम) को बढ़ावा देने के लिए स्टेम ए0आई0 मिशन से राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों और टेक्निकल इन्स्टीट्यूशन को जोड़ने के एक बड़े कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही है। इसके अन्तर्गत ए0आई0 इनबिल्ड लैब, स्किल डेवलपमेण्ट के कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही, ए0आई0 से जुड़ी सामग्री स्थानीय भाषा, अर्थात हिन्दी में उपलब्ध हो सके, इसके लिए कार्य हो रहा है। इस दिशा में नॉलेज पार्टनर के रूप में डीपटेक के लिए प्रदेश में आई0आई0टी0 कानपुर, आई0आई0टी0 बी0एच0यू0 और अन्य संस्थाओं को भी इसके साथ जोड़ने के लिए धनराशि की व्यवस्था बजट में की गई है।

प्रदेश सरकार ने विगत 09 वर्षों में महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन और सम्मान से जुड़े कार्यक्रमों को ई-क्यूब अर्थात् इम्प्लॉयमेण्ट, इण्टरप्राइज तथा एक्सीलेंस के रूप में सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया है। परिणामस्वरूप, उत्तर प्रदेश में महिला श्रम बल 13 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत हुआ है। इस महिला श्रम बल के प्रतिशत को और आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने ‘महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना‘ के लिए धनराशि की व्यवस्था की है, जो शी-मार्ट की तर्ज पर कार्य करेगी। इसके माध्यम से गांवों व शहरी क्षेत्रों में लोकल स्तर पर प्रोडक्ट बनाने वालीं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा ‘महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड‘ की योजना भी घोषित की गई है, जिसके अन्तर्गत महिलाओं की आय बढ़ाने, लखपति दीदी के लक्ष्य को आगे बढ़ाने, ब्याजमुक्त पूंजी उपलब्ध कराने हेतु धनराशि की व्यवस्था बजट में की गयी है। कामकाजी महिलाओं के लिए प्रत्येक जनपद स्तर पर श्रमजीवी महिला छात्रावास के निर्माण हेतु धनराशि का प्राविधान इस बजट में किया गया है।

प्रदेश के युवाओं के लिए ‘वन कमिश्नरी-वन स्पोर्ट्स कॉलेज’ अर्थात 18 कमिश्नरी हेड क्वार्टर्स पर एक-एक स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित किया जाएगा, ताकि वर्ष 2030 में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स तथा वर्ष 2036 में ओलम्पिक की भारत प्रस्तावित दावेदारी के दृष्टिगत प्रदेश के युवा बड़ी संख्या में इन आयोजनों के भागीदार बन सकें। इन स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना करने के साथ ही उन्हें एक स्पेसिफिक स्पोर्ट्स के लिए सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। इसके लिए बजट में धनराशि का प्राविधान किया गया है।

खेलो इण्डिया कार्यक्रम के अन्तर्गत ओपन जिम, खेल के मैदान, मिनी स्टेडियम तथा स्टेडियम का निर्माण कराते हुए उन्हें विकसित करने की दिशा में भारत सरकार के साथ मिलकर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचन्द जी के नाम पर जनपद मेरठ में एक स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण कराया जा रहा है, जो आगामी अप्रैल-मई तक बनकर तैयार हो जाएगी। इस यूनिवर्सिटी में सत्र प्रारम्भ हो चुका है।

पर्यटन सुविधाओं के विकास की दिशा में उत्तर प्रदेश ने लम्बी छलांग लगायी है। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में सुरक्षा का वातावरण तथा अच्छा इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं था, प्रदेश का पर्सेप्शन देश और दुनिया में खराब था। यहां पर न तो पर्यटन सुविधाएं थीं और न ही उसके विकास के लिए सरकार की रुचि थी। सुरक्षा के अभाव के कारण कोई पर्यटक यहां आने का प्रयास नहीं करता था। वर्ष 2024-25 में 122 करोड़ पर्यटकों ने उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों, ईको-टूरिज्म, हेरिटेज-टूरिज्म एवं एडवेन्चर से जुड़े अन्य पर्यटन केन्द्रों पर यात्रा की।

पर्यटन स्वयं में रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम है। उत्तर प्रदेश में पर्यटन के विकास के लिए बजट में धनराशि का प्राविधान किया गया है। एक नई व्यवस्था करते हुए 01 लाख अतिरिक्त रूम जोड़ने की दिशा में पर्यटन पॉलिसी के अन्तर्गत पी0पी0पी0 मोड पर कार्य किया जाएगा। 50 हजार नये होम-स्टे के लिए भी कार्य किया जाएगा। महिला गाइड प्रशिक्षण के लिए लगने वाले 10 हजार रुपये के लाइसेन्स शुल्क को माफ करने की भी बजट में व्यवस्था की गयी है।

प्रदेश ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में विगत 09 वर्षां में नई प्रगति की है। प्रदेश में पहले मात्र 36 मेडिकल कॉलेज थे, जिसमें 17 से कम सरकारी मेडिकल कॉलेज थे। आज प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज, 02 एम्स तथा अनेक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल कार्यरत हैं। उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अर्न्तगत 05 करोड़ 46 लाख से अधिक गोल्डेन कार्ड बनाने राज्य वाला है। हम मेडिकल कॉलेजों को टर्शियरी केयर के रूप में विकसित कर रहे हैं। प्रत्येक जनपद में डायलिसिस, रेडियोलॉजी, एम0आर0आई0, सी0टी0 स्कैन, कलर डॉप्लर, डिजिटल एक्स-रे की व्यवस्था करने के साथ ही उसे नेक्स्ट स्तर पर ले जाने हेतु इस बजट में प्राविधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एस0जी0पी0जी0आई0 देश का पहला सेन्टर होगा, जहां टर्शियरी के बाद क्वाटरनरी हेल्थ केयर सेन्टर की स्थापना की जाएगी। यह एक बड़ा कार्य है, जिसके लिए पहले चरण में 250 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है। एस0सी0पी0जी0आई0 का यह सेन्टर प्रदेश में ऑर्गन ट्रान्सप्लाण्ट के अभियान को आगे बढ़ाएगा। उन जनपदों में जहां डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल को मेडिकल कॉलेज के साथ सम्बद्ध किया गया है, वहां डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल बनाने के लिए बजट में धनराशि की व्यवस्था की गयी है। ‘राष्ट्रीय वन हेल्थ मिशन’ के अन्तर्गत ‘राज्य वन हेल्थ मिशन’ तथा मेडिकल कॉलेजों में छात्रावास के निर्माण हेतु अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था की गयी है।

प्रदेश में सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक प्राविधान करने के साथ-साथ यदि कोई घटना-दुर्घटना या कोई आपदा आती है, तो उन परिस्थितियों में ट्रॉमा सेन्टर को सशक्त बनाने तथा नए ट्रॉमा सेन्टर विकसित करने के लिए बजट में धनराशि की व्यवस्था की गयी है। प्रदेश में मेडिकल तथा हेल्थ सेक्टर में मेड-टेक की स्थापना होनी चाहिए। इसमें ए0आई0, रोबोटिक आदि की सहायता से देश-प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों सहित जनपदों में सुविधा उपलब्ध करा सकते हैं। राज्य सरकार ने एस0जी0पी0जी0आई0, लखनऊ तथा आई0आई0टी0 कानपुर में 02 सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स बनाने हेतु धनराशि की व्यवस्था की है। इस दिशा में कार्य किये जा रहे हैं।

उच्च शिक्षा में बेटियों विशेषकर मेरिटोरियस छात्राओं को स्कूटी देने के लिए बजट में धनराशि की व्यवस्था की गयी है। प्रदेश की बेटियों को सशक्त बनाने हेतु स्मार्टफोन/टैबलेट की अतिरिक्त व्यवस्था उन्हें उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा, प्रदेश में दिव्यांगजन कल्याण के अन्तर्गत स्कूल में अथवा ट्रेनिंग ले रही किसी दिव्यांग छात्रा के लिए ई-ट्राई साइकिल अर्थात मोटराइज्ड ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने के लिए भी व्यवस्था की गयी है। प्रदेश में डी0डी0आर0सी0 की स्थापना हो, जहां दिव्यांगजन हेतु नजदीकी सेन्टर में कृत्रिम अंग उपकरण वितरण के लिए स्क्रीनिंग और उपकरण वितरण किया जा सके, इसके लिए बजट में प्राविधान किया गया है।

03 से 07 वर्ष के दिव्यांग बच्चों के शिक्षण-प्रशिक्षण हेतु डे-केयर सेन्टर की स्थापना के लिए भी धनराशि की व्यवस्था की गयी है। अयोध्या, मथुरा, झांसी, मुजफ्फरनगर, देवरिया, जौनपुर जनपदों में समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालयों के लिए भी बजट में व्यवस्था की गयी है। 09 जनपदों-गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या, लखनऊ, बरेली, झांसी, मेरठ और आगरा में 03 से 07 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों के शिक्षण-प्रशिक्षण के लिए प्राविधान किया गया है।

वित्तीय वर्ष 2026-27 का यह बजट प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत/2047 की संकल्पनाओं को समर्पित है। प्रदेश विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में तेजी के साथ अग्रसर हो रहा है। विगत 09 वर्षों में उत्तर प्रदेश ‘बॉटल नेक’ की जड़ता तथा बीमारू स्टेट को समाप्त करते हुए भारत की इकोनॉमी का ‘ब्रेक-थू्र-स्टेट’ के रूप में विकसित होने की दिशा आगे बढ़ा है। आज उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य नहीं, बल्कि भारत की इकोनॉमी का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है।

प्रदेश के वित्त मंत्री द्वारा विधान सभा में प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट उत्तर प्रदेश में जन आकांक्षाओं को पूरा करने, जनकल्याण, युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार सृजन, निवेश का विस्तार, महिलाओं का सम्मान और उनके सशक्तिकरण को आगे बढ़ाएगा। यह उत्तर प्रदेश को वर्ष 2029-30 में 01 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के रूप में प्रस्तुत करते हुए विकसित भारत का विकसित उत्तर प्रदेश बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने दूरदर्शी जन-आकांक्षाओं की पूर्ति करने वाले, युवा, महिला, अन्नदाता किसान और गरीब को ध्यान में रखकर बनाए गये इस बजट के लिए वित्त मंत्री व उनकी पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य व श्री ब्रजेश पाठक तथा मंत्रिमण्डल के अन्य सहयोगियों का धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी की मेहनत और सकारात्मक योगदान से प्रदेश का परसेप्शन बदला है। सभी सहयोगियों ने नई भूमिका को प्रस्तुत किया है। सिस्टम वही है, लेकिन जब लीडरशिप बदलती है, तो कैसे चेंज आता है। वह चेंज आज यहां पर इस बजट के माध्यम से देखने को मिल रहा है। अब उत्तर प्रदेश 09 लाख 12 हजार करोड़ रुपये के बजट को प्रस्तुत करते हुए गौरवान्वित महसूस कर रहा है।