Tuesday, January 20, 2026
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अर्थ और अध्यात्म का केन्द्र होगी अयोध्या

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अर्थ और अध्यात्म का केन्द्र होगी अयोध्या
अर्थ और अध्यात्म का केन्द्र होगी अयोध्या
आनन्द पांडेय
सहायक सम्पादक

भारत का बेहद प्राचीन स्थल जो अब एक धार्मिक स्थल के तौर पर लोगों के बीच मशहूर हुआ है। अपनी धार्मिक प्रवृत्ति के कारण यह पूरे साल लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। अयोध्या उत्तर प्रदेश के {फैज़ाबाद} अयोध्या जिले में सरयूँ नदी के दाएँ तट पर स्थित है। भगवान राम के जन्मस्थान के नाम से प्रसिद्ध यह जगह आपको आध्यात्मिकता की ओर ले जाती है। अयोध्या का पुराना नाम, कौशल देश था। यह हिंदुओं का प्रमुख तीर्थस्थल है। यही स्थान है जहाँ पौराणिक ग्रंथ-रामायण की रचना भी हुई है। अयोध्या मुख्य रूप से मंदिरों का शहर है, जिसकी स्थापना मनु ने की थी। यहाँ हिंदू, मुस्लिम, जैन व बौद्ध धर्म के अवशेष भी प्राप्त हुए है। इसकी प्राचीनता ही इसका सबसे उच्चतम गुण है जो यात्रियों को बेहद लुभाता है। अर्थ और अध्यात्म का केन्द्र होगी अयोध्या

अयोध्या पर्यटन भारतीय सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों में से एक है। यहाँ राम मंदिर, हनुमान गढ़ी और सीता की जनकी मंदिर जैसे प्रमुख स्थल हैं जो यात्री और पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। अयोध्या का पर्यटन स्थल होने के कारण यहाँ कई धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन भी होते हैं। अयोध्या पर्यटन एक आत्मीय, धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करता है। यहाँ राम जन्मभूमि, हनुमान गढ़ी, सीता की जनकी मंदिर, राम कथा का स्थल, और रामलीला महोत्सव के रूप में अनेक प्रमुख स्थल हैं। यहाँ के मंदिर, गार्डन्स, और धार्मिक आयोजनों के लिए अयोध्या का पर्यटन एक सार्थक अनुभव प्रदान करता है।अयोध्या पर्यटन स्थल के रूप में महत्वपूर्ण है, जिसमें राम जन्मभूमि, हनुमान गढ़ी, और रामलीला महोत्सव शामिल हैं। यहाँ पर्यटक धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से धन्य होते हैं और स्थानीय विविधता, मंदिरों, और ऐतिहासिक स्थलों का आनंद लेते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सच ही कहा है कि 22 जनवरी को प्रभु श्री राम लाल की प्राण प्रतिष्ठा के बाद दुनिया के टूरिस्ट मैप में अयोध्या सबसे विकसित और भव्य पर्यटन स्थल बनकर उभरेगा। हमारी डबल इंजन सरकार प्रदेश के सभी धार्मिक पर्यटन स्थलों के विकास पर सक्रियता से काम कर रही है। अयोध्या अब अयोध्या धाम के रूप में उभर रही है। अयोध्या शहर सिर्फ आध्यात्मिक और भावनात्मक महत्व तक ही सीमित नहीं रहेगा बल्कि यह पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा। अयोध्या आने-जाने में पर्यटकों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होगी। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि 50,000 करोड रुपए का अतिरिक्त बिजनेस अयोध्या में देखने को मिल सकता है। आज अयोध्या एक रिजनल ग्रोथ हब बन गया है। अयोध्या का निर्माण केवल आस्था और अध्यात्म का ही प्रमाण नहीं अपितु यह आर्थिक बदलाव भी ला रहा है। यह बदलाव अयोध्या को देश के एक प्रमुख आर्थिक केंद्र के रूप में बदल देगा।

इस समय हर जगह अयोध्या के राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा की चर्चा हो रही है। 22 जनवरी को रामलला को गर्भ गृह में विराजित किया जाएगा। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के मद्देनजर पूरे देशभर में तैयारियां अंतिम चरण में है। वहीं इसकी गूंज विदेशों तक पहुंच गई है। देशवासियों की नहीं बल्कि पूरी दुनिया की नजर 22 जनवरी को होने वाले वाले राम मंदिर के उद्घाटन समारोह पर टिकी हैं। राम मंदिर ने धार्मिक पर्यट को नया आयाम दे दिया है। धार्मिक स्थलों के बारे में जानने के इच्छुक दुनिया भर के लोगों में राममंदिर को लेकर अलग क्रेज है और अयोध्या राम मन्दिर को सर्च करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के फैसले के बाद से तो यहां के बारे में जानने वालों की संख्या आसमान छू गई।इस स्वर्णिम पल का साक्षी बनने का इंतजार हर देशवासी को है। अयोध्या को शुरुआत से ही धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी के तौर पर पहचाना जाता है। यहां पर कई सारे धार्मिक स्थल और प्राचीन मंदिर मौजूद है हिंदू धर्म की आस्था का प्रतीक है। इस जगह के आसपास आपको प्राकृतिक सुंदरता का दीदार करने के लिए भी मिल जाएगा।

अयोध्या का मुख्य आकर्षण केन्द्र

मानव सभ्यता की पहली पुरी होने का पौराणिक गौरव अयोध्या को स्वाभाविक रूप से प्राप्त है। फिर भी रामजन्मभूमि, कनक भवन , हनुमानगढ़ी,राजद्वार मंदिर,दशरथमहल, लक्ष्मणकिला, कालेराम मन्दिर, मणिपर्वत, श्रीराम की पैड़ी, नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ श्री अनादि पञ्चमुखी महादेव मन्दिर, गुप्तार घाट समेत अनेक मन्दिर यहाँ प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं। बिरला मन्दिर, श्रीमणिरामदास जी की छावनी, श्रीरामवल्लभाकुञ्ज, श्रीलक्ष्मणकिला, श्रीसियारामकिला, उदासीन आश्रम रानोपाली तथा हनुमान बाग जैसे अनेक आश्रम आगन्तुकों का केन्द्र हैं।

अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के मद्देनजर धार्मिक पर्यटन के लिए अपार संभावनाएं देखते हुए निवेशकों ने यहां होटल क्षेत्र में बड़े निवेश के लिए विभिन्न समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रसिद्ध होटल कंपनियां अयोध्या में अपनी शाखाएं स्थापित कर रही हैं। वर्तमान में शहर में करीब 50 प्रमुख होटल निर्माण परियोजनाएं जारी हैं। होटल, रिजॉर्ट और ‘होमस्टे’ में निवेश के साथ अयोध्या होटल उद्योग का एक नया केंद्र बनकर उभर रहा है।इसके अलावा,अच्छे राजमार्ग एवं सड़कें, दीवारों पर भगवान राम के जीवन को दर्शाती चित्रकारियां, सजावट आदि अयोध्या के आकर्षण को बढ़ा रही हैं। अयोध्या के मंडलायुक्त गौरव दयाल ने बताया कि वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन (जीआईएस) के दौरान अयोध्या में पर्यटन के लिए करीब 18,000 करोड़ रुपये के 102 आशय समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। उन्होंने कहा कि जीआईएस के बाद भी कई उद्यमियों ने अयोध्या में पर्यटन क्षेत्र में निवेश करने के लिए सरकार और जिला प्रशासन के पास अपने प्रस्ताव भेजे हैं।

इस समय अयोध्या में पर्यटन से संबंधित 126 परियोजनाएं पूरी होने वाली हैं। इनमें से 46 में समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं, जबकि 80 गैर-एमओयू हैं। इन सभी 126 परियोजनाओं की कुल लागत करीब 4,000 करोड़ रुपये है। दयाल ने कहा कि अयोध्या में करीब 50 प्रसिद्ध होटल कंपनियों ने बड़ी परियोजनाओं में निवेश किया है। इनमें ताज,मैरियट,जिंजर,ओबेरॉय,ट्राइडेंट और रेडिसन शामिल हैं। निर्माण कार्य जल्द ही पूरा होगा।‘राजा की बिल्डिंग’ को एक हेरिटेज होटल के रूप में विकसित करने की भी योजना है। एक प्रमुख होटल श्रृंखला इस परियोजना में निवेश करने को इच्छुक है। अयोध्या में होटल उद्योग में चार बड़ी परियोजनाओं के तहत करीब 420 करोड़ रुपये का निवेश होने का अनुमान है। इस सूची में पहले नंबर पर ‘पंचे ड्रीमवर्ल्ड एलएलपी’ है, जो 140 करोड़ रुपये की कुल लागत से ‘ओ रामा होटल्स एंड रिजॉर्ट्स’ परियोजना स्थापित करेगी।

अयोध्या एक दर्शनीय स्थल जो आपको पवित्रता व धार्मिकता से जोडता है। आप इस पवित्र स्थल पर आकर अपने इच्छाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना कर सकते हैं क्योंकि यह मान्यता है कि यहाँ आकर प्रार्थना करने से तमन्ना पूरी हो जाती है। अर्थ और अध्यात्म का केन्द्र होगी अयोध्या