मुख्यमंत्री ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से मेरठ मण्डल के विकास कार्यों कि की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से संवाद किया और मेरठ मण्डल में संचालित विकास परियोजनाओं की प्रगति के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। जनप्रतिनिधियों ने विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री जी की सराहना की । विद्युत उपभोक्ताओं को कोई परेशानी न हो, इसके लिए जनपद तथा शासन स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए।

लखनऊ,
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 के दृष्टिगत सतर्कता बरतते हुए विकास कार्यों को तेजी से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए। इससे लागत में कमी होती है और जनता को समय से इनका लाभ मिलता है। उन्होंने निर्माणाधीन परियोजनाओं के लिए धनराशि नियमानुसार और समय से निर्गत किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि धनराशि के अभाव में निर्माण कार्य बाधित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं की भौतिक प्रगति के सम्बन्ध में यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट समय से प्रेषित किया जाए, जिससे धनराशि शासन द्वारा निर्गत की जा सके।

आज यहां अपने सरकारी आवास पर वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से योगी आदित्यनाथ ने मेरठ मण्डल के विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग में केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री जनरल वी0के0 सिंह, प्रदेश के स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा मण्डल के वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित थे। मुख्यमंत्री जी ने इस अवसर पर मण्डल के जनप्रतिनिधियों से संवाद किया और मण्डल में संचालित विकास परियोजनाओं की प्रगति के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों में बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठायी गई समस्याओं का समुचित समाधान किया जाए। जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए प्रस्तावों पर शीघ्रता से निर्णय लेते हुए जनपद व शासन स्तर पर कार्यवाही की जाए।

मण्डल के प्रत्येक जनपद में पर्यटन की सम्भावनाओं वाले स्थलों को विकसित किया जाए
सम्पूर्ण समाधान दिवस के माध्यम से जनसमस्याओं का गुणवत्तापरक एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए

जनप्रतिनिधियों ने विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि उनके कुशल नेतृत्व व मार्गदर्शन में मेरठ मण्डल में विकास गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ी हैं। जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री जी द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रम में कोविड-19 से बचाव और उपचार व्यवस्था की भी तारीफ की। मेरठ मण्डल के शासन स्तर पर लम्बित प्रकरणों पर शीघ्र निर्णय लेकर निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों में गति लाने के लिए प्रत्येक परियोजना हेतु एक नोडल अधिकारी तैनात किया जाए। निर्माण सम्बन्धी योजनाओं के प्रस्ताव समय से शासन को भेजे जाएं और उन पर त्वरित कार्यवाही हो। उन्होंने कहा कि सड़कों का निर्माण एवं अनुरक्षण कार्य किया जाए तथा बरसात के बाद सड़कों को तेजी से गड्ढामुक्त बनाया जाए।

नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण एवं यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के प्रस्तुतीकरण के दौरान विकास कार्यों की प्रगति के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन तीनों में से किसी एक प्राधिकरण में फिल्म सिटी के निर्माण के लिए भूमि की व्यवस्था की जाए। उन्होंने नोएडा में सफाई कर्मियों तथा बिल्डर्स-बायर्स की समस्याओं के प्रभावी समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद बुलन्दशहर व गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी निर्माणाधीन परियोजनाओं के सम्बन्ध में विभागीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर प्रगति सुनिश्चित कराएं।

गाजियाबाद एवं मेरठ स्मार्ट सिटी योजना के कार्यों को तेजी से किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना की गति बढ़ाने के लिए त्वरित निर्णय लेते हुए कार्यवाही की जाए। मेरठ मण्डल के सभी जनपदों में अमृत योजना के कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जाए। उन्होंने मण्डलायुक्त को निर्देशित किया कि वे स्मार्ट सिटी तथा अमृत योजना के कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा करें। उन्होंने इन योजनाओं की जनपद स्तर पर भी नियमित समीक्षा किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद मेरठ के ग्राम दादरी में राजकीय महिला महाविद्यालय के निर्माण कार्यों में तेजी लायी जाए।

पंचायत भवनों के लिए भूमि चयन किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इनके सम्बन्ध में जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद बनाकर कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम सचिवालयों को आॅप्टिकल फाइबर से जोड़ने की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने सामुदायिक शौचालय निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर संचालित निर्माण योजनाओं की जियो टैगिंग करायी जाए।

आत्मनिर्भर भारत अभियान के अन्तर्गत विकास खण्ड स्तर पर एफ0पी0ओ0 के गठन की प्रक्रिया तेज की जाए। कृषि उपज के सुरक्षित भण्डारण के लिए भण्डारण क्षमता में वृद्धि को गति दी जाए। सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए सम्बन्धित विभाग जनपद स्तर पर त्वरित कार्यवाही करें। विकास परियोजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता आवश्यक है। इसलिए भूमि की व्यवस्था को प्राथमिकता प्रदान करते हुए विकास योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित कराया जाए। भूमि की उपलब्धता से जुड़े मामलों में प्रभावित किसानों की समस्याओं का समाधान संवाद बनाकर किया जाए।

जनपद गाजियाबाद एवं मेरठ स्मार्ट सिटी योजना के कार्यों को तेजी से किए जाने के निर्देश 
मेरठ मण्डल के सभी जनपदों में अमृत योजना के कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करेंमण्डलायुक्त स्मार्ट सिटी तथा अमृत योजना के कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा करेंजनपद मेरठ के ग्राम दादरी में राजकीय महिला महाविद्यालय के निर्माण कार्यों में तेजी लायी जाए। 

मुख्यमंत्री ने मण्डल के प्रत्येक जनपद में पर्यटन की सम्भावनाओं वाले स्थलों को विकसित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन, एम0एस0एम0ई0 तथा ओ0डी0ओ0पी0 के क्षेत्र में रोजगार की व्यापक सम्भावनाएं हैं। इसके दृष्टिगत जनपदों से सम्बन्धित उत्पादों को बढ़ावा देने की प्रभावी कार्य योजना बनाते हुए कार्यवाही की जाए। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में रोजगारपरक योजनाओं को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एम0एस0एम0ई0 सेक्टर को सुदृढ़ बनाने के लिए जनपद स्तर पर बैंकर्स कमेटी की बैठक में कार्य योजना बनाते हुए नव उद्यमियों को प्राथमिकता पर ऋण उपलब्ध कराए जाएं। जनपद के लीड बैंक द्वारा इस सम्बन्ध में प्रभावी समन्वय किया जाए।  

नोएडा, ग्रेटर नोएडा अथवा यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण में से किसी एक प्राधिकरण में फिल्म सिटी के निर्माण के लिए भूमि की व्यवस्था की जाएनोएडा में सफाई कर्मियों तथा बिल्डर्स-बायर्स की समस्याओं के प्रभावी समाधान के निर्देश।

कोविड-19 के दृष्टिगत बचाव के सम्बन्ध में पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से व्यापक जागरूकता के कार्यक्रम चलाए जाएं। आॅक्सीजन व दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित रहे। इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर के साथ-साथ कोविड एल-2 हाॅस्पिटल को निरन्तर सक्रिय रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शुद्ध पेयजल अनेक रोगों से बचाता है, इसलिए पेयजल योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। जनपद स्तर पर पेयजल योजनाओं की गहन माॅनीटरिंग करते हुए कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने मनरेगा के माध्यम से जनसंरक्षण के कार्यों को आगे बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके तहत तालाबों तथा नदियों का पुनरुद्धार कराया जाए।

सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन प्रारम्भ हो चुका है। इसके माध्यम से जनसमस्याओं का गुणवत्तापरक एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जरूरतमन्दों के राशन कार्ड बनवाकर उन्हें खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। विद्युत की निर्धारित रोस्टर के अनुरूप आपूर्ति बनाए रखते हुए 24 से 48 घण्टे मंे खराब ट्रांसफाॅर्मर को दुरुस्त किया जाए। विद्युत उपभोक्ताओं के मीटर की सही बिलिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विद्युत उपभोक्ताओं को कोई परेशानी न हो, इसके लिए जनपद तथा शासन स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए।

मेरठ के मण्डलायुक्त ने मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया कि 50 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं में जनपद गाजियाबाद में 03, गौतमबुद्धनगर में 07, बागपत में 01, बुलन्दशहर में 02 तथा जनपद मेरठ में 03, इस प्रकार कुल 16 परियोजनाएं मण्डल में निर्माणाधीन हैं। जनपद गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर भवन का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला ग्राम निवाड़ी का भवन निर्माण कार्य सितम्बर माह के अन्त तक पूरा हो जाएगा। इस कार्य की भौतिक प्रगति 97 प्रतिशत है।

मण्डलायुक्त ने बताया कि जनपद गौतमबुद्धनगर में 07 परियोजनाओं में से 06 परियोजनाएं पावर ट्रांसमिशन काॅर्पोरेशन के विद्युत उपकेन्द्र व लाइनों से सम्बन्धित हैं तथा 01 परियोजना लोक निर्माण विभाग की रेल उपरिगामी सेतु से सम्बन्धित हैं। इन सभी का निर्माण कार्य प्रगति पर है। जनपद बागपत में 220 के0वी0 उपकेन्द्र निरपुडा एवं सम्बन्धित लाइनों की परियोजना का निर्माण कार्य माह दिसम्बर, 2020 में पूर्ण हो जाएगा। जनपद बुलन्दशहर में राजकीय मेडिकल काॅलेज तथा तहसील सिकन्दराबाद में अटल आवासीय विद्यालय का निर्माण कार्य प्रस्तावित है। जनपद मेरठ में मवाना तहसील-हस्तिनापुर एवं जनपद बिजनौर की चांदपुर तहसील को जोड़ने हेतु चेतावाला घाट पर गंगा नदी पर सेतु का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। अन्य 02 परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है।

स्मार्ट सिटी योजना के तहत नगर निगम मेरठ व गाजियाबाद को विकसित किए जाने का निर्णय लिया गया है, जिस पर कार्यवाही की जा रही है। अमृत योजना (जलापूर्ति) के अन्तर्गत कुल 20 परियोजनाएं संचालित हैं, जिनमें से 09 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। 06 परियोजनाएं माह दिसम्बर, 2020 तथा 05 परियोजनाएं माह मार्च, 2021 तक पूर्ण हो जाएंगी। इसी प्रकार, अमृत योजना (सीवरेज एवं सेप्टेज प्रबन्धन) के तहत कुल 24 परियोजनाएं संचालित हैं, जिसमें से 05 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। 13 परियोजनाएं माह दिसम्बर, 2020 तक तथा 06 परियोजनाएं माह मार्च, 2021 तक पूर्ण हो जाएंगी।

जनपद बुलन्दशहर व गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी निर्माणाधीन परियोजनाओं के सम्बन्ध में विभागीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर प्रगति सुनिश्चित कराएंजनपद गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर भवन का निर्माण कार्य पूर्ण।

मण्डलायुक्त ने बताया कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का निर्माण 04 पैकेज में किया जा रहा है, जिसमें से 02 पैकेज पूर्ण हो चुके हैं। शेष 02 पैकेज माह दिसम्बर, 2020 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य है। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड रेल परियोजना का निर्माण कार्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एन0सी0आर0टी0सी0) द्वारा कराया जा रहा है। मेरठ मेट्रो परियोजना को आर0आर0टी0एस0 परियोजना में सम्मिलित किया गया है। इस काॅरिडोर की कुल लम्बाई 82.15 किलोमीटर है। इस परियोजना को 04 भागों में विभाजित किया गया है, जिसमें से स्टेज-1 साहिबाबाद से दुहाई (17 कि0मी0) तक के सेक्शन का कार्य प्रगति पर है। मेरठ इनर रिंग रोड परियोजना पर भी कार्यवाही की जा रही है।

जनपद बागपत के अलावा, मण्डल के सभी जनपदों में एल-2 श्रेणी के चिकित्सालयों की स्थापना की जा चुकी है तथा बेड क्रियाशील हो चुके हैं। मेरठ मण्डल में पर्याप्त संख्या में कोविड बेड्स, वेण्टीलेटर्स एवं एम्बुलेंसेज आदि उपलब्ध हैं। किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं है। जनपद मेरठ, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद एवं हापुड़ में आर0टी0पी0सी0आर0 लैब्स स्थापित हैं, जिनमें कोविड टेस्टिंग का कार्य प्रगति पर है। मण्डल में अब तक 11,26,000 से अधिक टेस्ट किए जा चुके हैं।
जिलाधिकारी मेरठ ने बताया कि 10 से 50 करोड़ रुपए से मध्य की लागत की परियोजनाओं में जनपद न्यायालय मेरठ में 14 कोर्ट रूम भवन का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। इसी प्रकार, राजकीय महिला महाविद्यालय का निर्माण भी पूर्ण हो चुका है।

केन्द्रीय पुस्तकालय, सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ परियोजना की भौतिक प्रतिशत 90 प्रतिशत है। राजकीय पाॅलीटेक्निक का निर्माण कार्य 80 प्रतिशत तथा ला0ला0रा0 स्मारक काॅलेज मेरठ परिसर में लेक्चर थियेटर व केन्द्रीय पुस्तकालय का निर्माण 73 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। इनके अलावा, मेरठ-सहारनपुर सेक्शन के रेलवे सम्पार संख्या-41 पर आर0ओ0बी0 एवं पहुंच मार्ग का निर्माण, दादरी में राजकीय महिला महाविद्यालय, मेरठ पुलिस लाइन में ट्रांजिट हाॅस्टल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लक्ष्य पूरा किया जा चुका है।

जिलाधिकारी बागपत ने बताया कि जनपद में 10 से 50 करोड़ रुपए के मध्य की लागत की 05 परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इसी प्रकार, जिलाधिकारी बुलन्दशहर ने कहा कि जनपद में 08 परियोजनाएं हैं, जिसमें से 03 भवन निर्माण तथा 05 सड़क निर्माण से सम्बन्धित हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अशोक कटारिया, चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह, मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी,अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग नितिन रमेश गोकर्ण, प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम, निदेशक सूचना शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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