
जन सामान्य को प्रदान की जा रही शासकीय सेवाओं के लाभ की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाये जाने के सम्बन्ध में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक आयोजित। आम जन को प्रदान की जा रही सेवाओं को सरल एवं सुगम बनाएं सभी विभाग,यूजर फ्रेन्डली हो आनलाइन सेवाओं की प्रस्तावित व्यवस्था,प्रत्येक सेवा व उसके निस्तारण के लिए हो निश्चित समय सीमा।
लखनऊ, प्रदेश के विभिन्न विभागों द्वारा जन सामान्य को प्रदान की जा रही शासकीय सेवाओं के लाभ की प्रक्रिया को और सुगम बनाये जाने पर विचार-विमर्श हेतु एक आवश्यक बैठक मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में 17 विभागों की कार्य योजनाओं पर गहन चर्चा की गयी।
बैठक में कृषि, खाद्य एवं रसद, श्रम एवं सेवायोजन, कार्मिक विभाग, समाज कल्याण, नगर विकास, राजस्व, ग्राम्य विकास, आवास एवं शहरी नियोजन, महिला कल्याण, संस्थागत वित्त, ऊर्जा, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, गृह, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन, बाल विकास एवं पुष्टाहार एवं पंचायती राज विभाग द्वारा जन सामान्य को प्रदत्त की जा रही शासकीय सेवाओं का लाभ जन सामान्य को सुनिश्चित किये जाने हेतु वर्तमान प्रक्रिया को सुगम व सरल बनाये जाने के सम्बन्ध में अपनी-अपनी कार्य योजनाएं प्रस्तुत की गईं।
कृषि विभाग द्वारा खरीफ, रबी एवं जायद में बीज उर्वरक व कृषि रक्षा रसायनों की आनलाइन उपलब्धता तथा पीओएस मशीन के माध्यम से वितरण तथा उन्नतशील बीजों को कृषकों को डोर स्टेप डिलीवरी हेतु व्यवस्था, खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा उचित मूल्य की दुकानों पर राशन की उपलब्धता की सूचना, घटतौली रोकने के लिए ई-पाॅस मशीन से इलेक्ट्राॅनिक बेइंग मशीन से जोड़ने की कार्यवाही तथा किसानों से खाद्यान्न क्रय करने हेतु सभी एजेन्सियों के लिए कम्प्यूटरीकरण व्यवस्था के सम्बन्ध में कार्य योजना से अवगत कराया गया।
श्रम एवं सेवायोजन विभाग द्वारा आॅनलाइन पंजीकरण, नवीनीकरण, लाइसेंसिंग से सम्बन्धित 35 सेवाओं को 07 सेवाओं में निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से समेकित कराये जाने, जनहित गारण्टी अधिनियम से सम्बन्धित विभाग की सेवाओं में शिकायतों का सम्प्रेषण व निवारण की आॅनलाइन व्यवस्था, बाल एवं बन्धुआ श्रमिकों हेतु आनलाइन टैªकिंग सिस्टम तथा सेवायोजन विभाग के जाॅब सीकर का पंजीकरण, रोजगार मेलां का आयोजन, बीमांकितों के प्रतिपूर्ति दावों का भुगतान, सेकेन्डी केेयर की कैशलेस सुविधा, पेंशन, जीपीएफ व चिकित्सा अवकाश स्वीकृति, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, पेंशन, एसीपी, मृतक आश्रित नियुक्ति आदि की समय सीमा में निस्तारण की व्यवस्था से अवगत कराया गया।
कार्मिक विभाग द्वारा नियुक्ति हेतु कार्मिकों का चरित्र एवं वृत्ति का सत्यापन, समाज कल्याण की विभिन्न योजनाओं में पंजीकरण की आॅनलाइन व्यवस्था, नगर विकास की नगरीय सेवाओं व शिकायत निवारण हेतु मोबाइल एप के माध्यम से से सेवाएं प्रदान करने, नगर निकायों में स्वकर निर्धारण, आनलाइन म्यूटेशन का सरलीकरण, राजस्व विभाग द्वारा भूमि की पैमाइश के संबंध में एक समयबद्ध सुदृढ़ आनलाइन व्यवस्था बनाये जाने तथा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को रोकने की सुदृढ़ व्यवस्था, स्वामित्व परिवर्तन व नामांतरण की व्यवस्था की समय सीमा व प्रक्रिया को आसान बनाने पर चर्चा की गयी।
ग्राम्य विकास विभाग द्वारा स्वयं सहायता समूहों को आॅनलाइन ऋण उपलब्ध कराने, सक्षम पोर्टल पर आॅनलाइन माध्यम से प्रगति का आंकलन, सखी की पदस्थापना, अजीविका संवर्धन, एनआरएलएम के अन्तर्गत समूह की आवश्यकता की जानकारी प्राप्त करने की व्यवस्था तथा मनरेगा के अन्तर्गत रोजगार प्राप्त करने हेतु एसएमएस के माध्यम से रोजगार प्रदान करने की व्यवस्था को आसान एवं सुगम बनाने के उपायों पर जानकारी दी गयी।
आवास एवं शहरी नियोजन विभाग द्वारा शहरी गरीबों हेतु किफायती भवनों का निर्माण, प्रदेश के मुख्य महानगरों में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली का विकास तथा मिश्रित भू-उपयोग की अवधारणा के साथ नगरों के सुनियोजित विकास हेतु जीआईएस बेस्ड महायोजना तैयार करने जो कि जन सामान्य को आॅनलाइन उपलब्ध होगा, 31 मार्च, 2021 तक यह कार्यवाही पूरी हो जायेगी। ऊर्जा विभाग के अन्तर्गत नये विद्युत संयोजन उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण तथा बिलों का भुगतान आदि की आॅनलाइन व्यवस्था व टाइम लाइन की जानकारी प्रस्तुत की गयी।
मुख्य सचिव ने अपने सम्बोधन में कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा जन सामान्य को प्रदान की जा रही सेवाओं को सरल व सुगम बनाया जाये तथा प्रत्येक सेवा के लिए निश्चित समय सीमा भी निश्चित हो। जिन विभागों में आॅनलाइन व्यवस्था पहले से चल रही है और सेवाओं के लिए टाइमलाइन निर्धारित है, ऐसे विभाग समीक्षा कर लें और उन सेवाओं को और अधिक सरल, सुगम व यूजर फ्रेन्डली बनाने हेतु आवश्यक कार्यवाही करें।बैठक में अपर मुख्य सचिव, नियोजन कुमार कमलेश, अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा अरविन्द कुमार, अपर मुख्य सचिव, कृषि देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य आलोक कुमार-2, प्रमुख सचिव, नियोजन आमोद कुमार, प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास, के0 रवीन्द्र नायक सहित सभी सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।























