श्रमिक आर्थिक सहायता का दूसरा चरण,नौ लाख से अधिक खातों में डाले एक-एक हजार रुपये

मुख्यमंत्री ने 9 लाख 8 हजार 855 श्रमिकों/कामगारों को आर्थिक सहायता के दूसरे चरण में 90 करोड़ 88 लाख रुपये आनलाइन हस्तांतरित किये।
मुख्यमंत्री ने आपदा पूर्व चेतावनी तथा राहत प्रबन्धन हेतु वेब बेस्ड एप्लीकेशन्स, ‘इन्टीगे्रटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम’ तथा ‘आनलाइन बाढ़ कार्य योजना माॅड्यूल’ एवं ‘आपदा प्रहरी’ एप का लोकार्पण किया।
कोविड-19 से गरीब और अन्य जनसामान्य को कोई समस्या न हो इसके लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज की घोषणा प्रधानमंत्री जी ने की।
राज्य सरकार ने भी तीन महीने तक प्रत्येक लाभार्थी को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराने का कार्य किया।
वर्तमान सरकार ने सुनिश्चित किया है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अन्तिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को अवश्य मिले।
स्किल मैपिंग के माध्यम से प्रत्येक कामगार एवं श्रमिक को उसकी योग्यता के अनुरूप कार्य उपलब्ध कराया जा रहा है।
पूरा देश प्रधानमंत्री जी का आभारी है, जिन्होंने तकनीक का प्रयोग कर भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाने का कार्य किया।
आज लाभार्थी के खाते में जो धनराशि अन्तरित की जाती है, वह शत-प्रतिशत उसी के खाते में पहुंचती है।
श्रमिकों/कामगारों की मेहनत से अब गांव व शहर विकास की प्रक्रिया से जुड़कर तरक्की की नई इबारत लिख रहे हैं।
अब तक 52 लाख से अधिक लोगों को 1,000 रु0 की धनराशि उपलब्ध करायी जा चुकी है।
तकनीक के माध्यम से आपदा से होने वाली जनहानि को रोका जा सकता।
मुख्यमंत्री ने जनपद बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, हरदोई, उन्नाव तथा फिरोजाबाद के लाभार्थियों से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया।

लखनऊ, कोरोना वायरस महामारी के बीच प्रदेश लौटने वाले श्रमिकों में से नौ लाख आठ हजार 885 कामगारों को उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को दूसरे चरण के तहत आर्थिक सहायता राशि मुहैया कराई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन श्रमिकों के बैंक खातों में एक-एक हजार रुपये की सहायता राशि के तौर पर कुल 90 करोड़ 88 लाख रुपये ऑनलाइन हस्तांतरित किये। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अन्तिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को अवश्य मिले। गौरतलब है कि इससे पहले प्रथम चरण में 13 जून 2020 को प्रदेश वापस आए 10 लाख 48 हजार 166 श्रमिकों को एक-एक हजार रुपये की धनराशि हस्तांतरित की गयी थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर आपदा पूर्व चेतावनी तथा राहत प्रबन्धन हेतु वेब बेस्ड एप्लीकेशन्स-‘एकीकृत पूर्व चेतावनी प्रणाली’ तथा ‘ऑनलाइन बाढ़ कार्य योजना मॉड्यूल’ एवं ‘आपदा प्रहरी’ ऐप का लोकार्पण भी किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान में देश व पूरा विश्व सबसे बड़ी त्रासदी कोविड-19 से जूझ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में पूरा देश कोविड-19 से लड़ रहा है। इस आपदा से गरीब और अन्य सामान्य जन को किसी प्रकार की कोई समस्या न हो इसके लिए प्रधानमंत्री जी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज की घोषणा की। इस पैकेज के अन्तर्गत गरीबों को नवम्बर, 2020 तक निःशुल्क खाद्यान्न देने की व्यवस्था की गयी है। इसके अलावा, राज्य सरकार ने भी तीन महीने तक प्रत्येक लाभार्थी को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने सुनिश्चित किया है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अन्तिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को अवश्य मिले। इसी के तहत आज एक साथ नौ लाख 8 हजार 855 प्रवासी श्रमिकों के बैंक खातों में एक-एक हजार रुपये की धनराशि अन्तरित की गयी है। उन्होंने स्किल मैपिंग के माध्यम से प्रत्येक कामगार एवं श्रमिक को उसकी योग्यता के अनुरूप कार्य उपलब्ध कराने का डाटा तैयार करने के लिए राजस्व विभाग की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में कौशल प्राप्त लोगों को उद्योगों में समायोजित किया गया है। वर्तमान में 50 लाख से अधिक लोग उद्योगों में काम कर रहे हैं। वृक्षारोपण कार्यक्रम, तालाब व नदियों के पुनर्जीवन सहित अन्य विकास व निर्माण कार्यों से श्रमिकों को जोड़ा गया है, जिससे उत्तर प्रदेश का नवनिर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से प्रत्येक लाभार्थी को 2,000 रुपये की धनराशि उपलब्ध करायी गयी है। इसके अलावा, उज्ज्वला योजना के प्रत्येक लाभार्थी को निःशुल्क गैस सिलेंडर देने की व्यवस्था सितम्बर, 2020 तक कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी श्रमिकों और कामगारों के वापस आने पर उन्हें राशन किट व उनके खाते में 1,000 रुपये की धनराशि उपलब्ध करायी गयी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, हरदोई, उन्नाव तथा फिरोजाबाद के लाभार्थियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संवाद किया।

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