Tuesday, March 10, 2026
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समग्र विकास के लिए शहरीकरण एक अहम आयाम

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वाराणसी का गोबरधन मॉडल ‘वेस्ट से वेल्थ ’ का शानदार उदाहरण, आज उ0प्र0 की बी0सी0 सखी योजना, ऑपरेशन कायाकल्प, मिशन प्रेरणा और ग्राम सचिवालय देश में एक मॉडल के रूप में सराहे जा रहे। प्राकृतिक खेती की महत्वाकांक्षी योजना से कृषि विश्वविद्यालयों को जोड़ा जाए, इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए यथाशीघ्र बोर्ड का गठन किया जाए। भविष्य के दृष्टिगत हमें नए शहरों की स्थापना और विकास की दिशा में नियोजित प्रयास करना होगा। सतत प्रयासों से प्रदेश ने अपने निर्यात में अभूतपूर्व वृद्धि की, आयात की निर्भरता कम करते हुए ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को बढ़ाना होगा।दलहन, तिलहन के उत्पादन को बढ़ाने के लिए हमें प्रयास तेज करने होंगे।

लखनऊ। प्राविधिक और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े पाठ्यक्रम मातृभाषा में तैयार कराए जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि पाठ्य सामग्री गुणवत्तापरक हों। प्रदेश के सभी उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए अकादमिक गुणवत्ता का सत्यापन अनिवार्य किया जाना चाहिए। अकादमिक संस्थानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो। डिजिटल कनेक्टिविटी को और बेहतर करने के लिए हर गांव में टेलीकॉम टावर/ऑप्टिकल फाइबर के विस्तार की कार्ययोजना तैयार की जाए। भविष्य के लिहाज से यह प्रयास अत्यन्त उपयोगी होगा। इस सम्बन्ध में भारत सरकार से भी आवश्यक सहयोग प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती की महत्वाकांक्षी योजना से कृषि विश्वविद्यालयों को जोड़ा जाए। इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए यथाशीघ्र बोर्ड का गठन किया जाए।


प्रदेश के समग्र विकास के लिए शहरीकरण एक अहम आयाम है। विगत दिनों शासन स्तर पर विभिन्न नगरीय निकायों की सीमा विस्तार की कार्यवाही हुई है, साथ ही कई नए नगरीय निकाय भी गठित हुए हैं। भविष्य के दृष्टिगत हमें नए शहरों की स्थापना और विकास की दिशा में नियोजित प्रयास करना होगा। नगर विकास विभाग व आवास विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में नवीन शहरों की स्थापना के लिए अध्ययन कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही, शहरी विकास प्राधिकरणों की सीमा विस्तार की कार्यवाही भी की जाए। सतत प्रयासों से प्रदेश ने अपने निर्यात में अभूतपूर्व वृद्धि की है। आयात की निर्भरता कम करते हुए ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को बढ़ाना होगा। गेहूं और धान के साथ-साथ सब्जी और फल आदि के उत्पादन और निर्यात में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। ऐसे कृषि उत्पादों को हमें बढ़ावा देना होगा।

आयात पर निर्भरता कम करने के लिए दलहन, तिलहन के उत्पादन को बढ़ाने के लिए हमें प्रयास तेज करने होंगे। किसानों को कृषि विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित और प्रशिक्षित करना होगा। इस दिशा में कार्यवाही तेज की जाए।वाराणसी का गोबरधन मॉडल ‘वेस्ट से वेल्थ’ का शानदार उदाहरण है। आज उत्तर प्रदेश की बी0सी0 सखी योजना, ऑपरेशन कायाकल्प, मिशन प्रेरणा और ग्राम सचिवालय देश में एक मॉडल के रूप में सराहे जा रहे हैं। तकनीक की मदद से ऐसे अधिकाधिक नवाचारी कार्यक्रमों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए स्थानीय निकाय इंजन की भूमिका में हैं। हमारे गांवों में असीमित क्षमता है। लोग नवाचार को स्वीकार करने वाले हैं। आत्मनिर्भर गांव और आत्मनिर्भर नगर निकाय के लक्ष्य के साथ आज प्रदेश के स्थानीय निकाय मिशन मोड में काम करना होगा।