Friday, January 16, 2026
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UP को देश का खाद्य प्रसंस्करण हब बनाना है:उप मुख्यमंत्री

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UP को देश का खाद्य प्रसंस्करण हब बनाना है:उप मुख्यमंत्री
UP को देश का खाद्य प्रसंस्करण हब बनाना है:उप मुख्यमंत्री

उत्तर प्रदेश को देश का खाद्य प्रसंस्करण हब बनाना है। इंडिया फूड एक्स्पो -निवेश, नवाचार और रोजगार के नए अवसरों के द्वार खोलेगा। युवा और उद्यमी इण्डिया एक्स्पो -2026 का लाभ उठायें। उत्तर प्रदेश की खाद्य प्रसंस्करण पालिसी देश की सबसे अच्छी पालिसी है। विकसित भारत के प्रधानमंत्री जी के विजन को हर हाल मे पूरा करना है, इसके लिए हम सबको संकल्पबद्ध होकर काम करना है। UP को देश का खाद्य प्रसंस्करण हब बनाना है:उप मुख्यमंत्री

लखनऊ। उत्तर प्रदेश को देश का खाद्य प्रसंस्करण हब बनाना है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि युवा और उद्यमी इण्डिया फूड एक्स्पो -2026 का लाभ उठायें।उत्तर प्रदेश की खाद्य प्रसंस्करण पालिसी देश की सबसे अच्छी पालिसी है।विकसित भारत के प्रधानमंत्री जी के विजन को हर हाल मे पूरा करना है, इसके लिए हम सबको संकल्पबद्ध होकर काम करना है। केशव प्रसाद मौर्य आज रिगेलिया ग्रीन्स ( निकट 1090 चौराहा) गोमती नगर मे आयोजित तीन दिवसीय इण्डिया फूड एक्सपो एवं सेमिनार को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। इससे पूर्व उन्होने एक्सपो व प्रदर्शनी का उद्घाटन किया व प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने इण्डस्ट्रियल डायरेक्ट्री का विमोचन भी किया गया। सेमिनार मे पी एम एफ एम ई योजना के उत्कृष्ट कार्यो के लिए डी आर पी, बैंकर्स, उद्यमियो व लाभार्थियों को उप मुख्यमंत्री द्वारा प्रशस्ति पत्र वितरित किये। 5 उद्यमियों को एल ओ सी व सब्सिडी के प्रतीकात्मक चेक वितरित किये गये।

सेमिनार को सम्बोधित करते हुये श्री मौर्य ने कहा कि देश की देश की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रही है। उत्पादन,तकनीक, ब्रांडिंग और उपभोक्ताओ के जरिए किसानो की भी आमदनी बढ़ाना है और भारत को दुनिया की एक नम्बर की अर्थव्यवस्था बनना है। उत्तर प्रदेश की कानून ब्यवस्था चुस्त दुरूस्त है। आद्योगिक निवेश का बहुत अच्छा माहौल है। भारत दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश बनने की ओर अग्रसर है। युवाओं, उद्यमियो, किसानो की दृष्टि से यह बहुत अच्छा अवसर है। उत्तर प्रदेश मे खाद्य प्रसंकरण नीति मे महिलाओ को उद्यम लगाने मे विशेष सुविधाएं दिये जाने का प्राविधान किया गया है, महिलाओ द्वारा उद्यम लगाने पर सोलर ऊर्जा से जोड़ने पर 90 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है।


स्थानीय उत्पादो की क्वालिटी को बेहतर बनाते हुये, समूहो द्वारा उत्पादित सामग्री के विपणन को और अधिक बढ़ाना है। खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र मे उत्तर प्रदेश मे अपार सम्भावनायें हैं। स्वच्छ भारत- स्वस्थ भारत को ध्यान मे रखते हुये उत्पादो को तैयार करना है। तीन दिवसीय इण्डिया फूड एक्स्पो मे सभी लोग खाद्य प्रसंस्करण उद्यमो को बढ़ावा देने की चर्चा करे, सरकार से जो अपेक्षायें हो, उनके बारे मे सभी लोगो के साथ बैठकर विचार किया जायेगा। सरकार उद्यमियो के साथ हर मोड़ पर खड़ी है और हर प्रकार का सहयोग करती रही है और आगे भी करती रहेगी

कहा कि किसानों की फसल किसी भी दशा मे बर्बाद नही होने देना है।किसानो, उद्यमियो व उपभोक्ता की एक चेन बननी चाहिए,इस दिशा मे आई आइ ए सराहनीय प्रयास कर रहा है।आधुनिक तकनीक मे देश व प्रदेश लम्बी छलांग रहा है।इंडिया फूड एक्स्पो जैसे आयोजन प्रदेश के किसानों, उद्यमियों और निवेशकों को एक साझा मंच प्रदान करते हैं।उत्तर प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है, यहां खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं।यह एक्स्पो विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश को फूड प्रोसेसिंग हब के रूप में स्थापित किया जाए।किसान, युवा, महिला समूह और उद्यमी—सभी को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है।
इंडिया फूड एक्स्पो निवेश, नवाचार और रोजगार के नए अवसरों का द्वार खोलेगा।


प्रदेश सरकार हर निवेशक और उद्यमी के साथ मजबूती से खड़ी है।उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति–2023 खाद्य प्रसंस्करण, कृषि और उद्योग के बीच मजबूत सेतु का कार्य कर रही है।उ.प्र. खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति–2023 को निवेशकों के अनुकूल बनाया गया है। भूमि खरीद, स्टाम्प शुल्क, मंडी शुल्क, बाह्य विकास शुल्क एवं भूमि उपयोग परिवर्तन में व्यापक छूट है।संयंत्र, मशीनरी व तकनीकी सिविल कार्यों पर 35% तक पूंजीगत सब्सिडी दी जा रही है।कोल्ड चेन, वैल्यू एडिशन, रीफर वाहन, सोलर ऊर्जा एवं निर्यात परिवहन पर विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।प्रदेश को खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए एकीकृत बाजार क्षेत्र के रूप में विकसित किया गया है।

बता दे कि खाद्य प्रसंस्करण तकनीक तथा खाद्य एवं कृषि उत्पाद उद्योगो के विकास हेतु इण्डिया फूड एक्सपो एवं सेमिनार( दसवा संस्करण) का आयोजन 16 से 18 फरवरी तक किया जा रहा है। इसमे खाद्य प्रसंस्करण, मशीन तकनीक एवं उत्पादो की तीन दिवसीय प्रदर्शनी एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने हेतु विशेषज्ञो द्वारा जानकारी दी जायेगी।सेमिनार को सम्बोधित करते हुये अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग बी एल मीना ने उत्तर प्रदेश मे खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र मे किये गये उल्लेखनीय कार्यो व खाद्य प्रसंस्करण पालिसी के बारे मे विस्तार से जानकारी दी। सेमिनार को इण्डियन इण्स्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल व अन्य उद्यमियो के सम्बोधित किया। इस अवसर पर विधायक नीरज बोरा, खाद्य प्रसंस्करण विभाग के निदेशक टी के शीबू, के अलावा उद्यमी सन्दीप बंशल, अवधेश अग्रवाल, चेतनदेव भल्ला, सूर्य प्रकाश, वीकास खन्ना,प्रशांत भाटिया प्रमुख रूप से मौजूद रहे। UP को देश का खाद्य प्रसंस्करण हब बनाना है:उप मुख्यमंत्री