
भाजपा से असंतोष के बीच किसान मुलायम सिंह यादव की विरासत और अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा की ओर उम्मीद भरी नज़र से देख रहे हैं।किसानों की एकजुटता और नाराज़गी यूपी की राजनीति में 2027 में सत्ता परिवर्तन की पृष्ठभूमि तैयार कर सकती है।कृषि कानूनों और समर्थन मूल्य की गारंटी न मिलने से किसानों में आक्रोश है, जो सपा के लिए नए अवसर बना रहा है।महँगाई, न्यूनतम समर्थन मूल्य और बिजली-पानी की बढ़ती लागत ने किसानों को भाजपा सरकार से दूर किया।किसान अब अपनी आवाज़ को और बुलंद कर रहे हैं, जिसका असर 2027 के विधानसभा चुनाव पर साफ दिख सकता है।
लोकतन्त्र मे चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि कहीं वोट चोरी न हो। पारदर्शिता से मतदान हो। पूरा देश जानता है कि उत्तर प्रदेश में वोटरों को मतदान से रोका गया। अपनी जाति के चुनाव अधिकारी रखे गए। कुंदरकी और रामपुर के उपचुनावों में हुई शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कुंदरकी चुनाव में डीएम, एसपी को क्या निर्देश नहीं थे कि गनप्वाईट पर वोट डलवाएं। अयोध्या में उपचुनाव में 5 हजार लोग बाहर से लाए गए थे। यह वोटों की डकैती है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को भाजपा का जुगाडू आयोग नहीं बनना चाहिए। सुप्रीमकोर्ट के आदेश को चुनाव आयोग को पालन करना पड़ेगा। सही मतदाता सूची बने और निष्पक्ष वोटिंग हो, कोई मतदाता मतदान से वंचित न रहे। वोट की चोरी, डकैती न हो, निर्वाचन आयोग इसे सुनिश्चित करे अन्यथा हो सकता है कि जनता यहां भी सड़कों पर दिखाई दे। भाजपा में अंदरूनी लड़ाई चल रही:अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा को महंगाई से लेना देना नहीं है। भाजपा मुनाफा अपनी जेब में रखती है। मुनाफे का बंटवारा किसानों में होना चाहिए। इन हालातों में तय है कि 2027 में भाजपा की सरकार नहीं बनेगी, समाजवादी पार्टी की ही सरकार बनेगी। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं चौपट है। अस्पतालों में सही इलाज नहीं मिल रहा है। गलत इंजेक्शन लगने से गोंडा में एक महिला की मौत हो गई। केवल स्वास्थ्य ही नहीं अन्य विभागों में भी लूट मची है। जब भाजपा सरकार जाएगी तभी स्वास्थ्य सेवाएं सुधरेंगी। भाजपाई जनता के लिए काम नहीं कर रहे है। भाजपा सरकार में हिरासत में मौतों का रिकॉर्ड बन रहा है। गुजरात के बाद उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक हिरासत में मौतें हुई है। अभी तक दूसरे मारे जा रहे थे, भाजपा को अब जब अपने ऊपर बीता है तब दर्द समझ में आया होगा।

भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार और अन्याय इतना बढ़ गया है कि अब राजधानी में न्याय के लिए जहर खाने वाले आ रहे है। आज फिर सीएम हाउस के बाहर किसी ने जहर खा लिया। आखिर सिस्टम की खराबी के पीछे कौन है। अखिलेश यादव ने कहा कि पड़ोसी देशों में शांति होनी चाहिए यह भारत सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने देश में महिलाओं एवं बच्चियों की असुरक्षा के मामलों के साथ किडनैपिंग और डिजिटल अरेस्ट की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई। जौनपुर में फेक एनकाउंटर हुआ, हम क्या उम्मीद करें..?
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा में अंदरूनी लड़ाई चल रही है। हम उनकी लड़ाई का नुकसान क्यों झेले, पंजाब में बाढ़ की स्थिति पर उन्होंने कहा कि वहां बड़े पैमाने पर लोगों की जानें गई हैं। उनकी फसल के नुकसान की भरपाई के लिए पूरा मुआवजा सरकार दे और उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश को भी मुआवजा दे। घर, मकान की मदद हो। विशेष पैकेज का एलान हो। सिख समाज के बहुत प्रतिष्ठित सम्मानित संगठन से जुड़े लोगों ने जो ज्ञापन दिए आने वाले समय पर समाजवादी सरकार बनने पर हम लोग उस पर पूरा अमल करेंगे। किसान की खुशहाली के लिए, उनकी तमाम समस्याएं जो खेती बाड़ी से सम्बन्धित है, और जो अत्याचार और अन्याय उन पर हो रहा है उनके निराकरण के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग ऊपर से चमकते दिखाई देते हैं। अंदर से खोखले हैं। भाजपा में अंदरूनी लड़ाई चल रही:अखिलेश यादव























