यूपी में सौर क्रांति! 9 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित

उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में योगी सरकार के प्रयासों को बड़ी सफलता मिल रही है। प्रदेश में 9 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित हो चुके हैं, जो स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते यूपी की तस्वीर पेश करते हैं। सौर ऊर्जा के विस्तार से बिजली की बचत, पर्यावरण संरक्षण और आम लोगों को बिजली बिल में राहत मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में उत्तर प्रदेश ने प्राप्त की ऐतिहासिक उपलब्धि।आखिर कैसे सौर ऊर्जा उत्तर प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव ला रही है और इसमें योगी सरकार की योजनाओं की क्या भूमिका है?

लखनऊ।  योगी सरकार के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ने घरेलू रूफटॉप सोलर के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में 9 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं और 3,000 मेगावाट (3 गीगावाट) से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता जुड़ चुकी है। यह उपलब्धि प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार, घरेलू बिजली बिलों में बचत, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घरेलू रूफटॉप सोलर की दैनिक स्थापना दर से तुलना


वर्ष 2026 के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया में जनवरी से जून के दौरान लगभग 1.89 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित की गई, जो औसतन लगभग 10.4 मेगावाट प्रतिदिन है। अमेरिका में आवासीय सोलर स्थापना की दर पहली तिमाही में लगभग 13.1 मेगावाट प्रतिदिन और दूसरी तिमाही में लगभग 10.9 मेगावाट प्रतिदिन रही। वहीं, जर्मनी में भवनों पर स्थापित सोलर क्षमता की वृद्धि पहली छमाही में औसतन लगभग 17.5 मेगावाट प्रतिदिन रही। इस अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 9–10 मेगावाट घरेलू रूफटॉप सोलर क्षमता जोड़ने की निरंतर दर प्रदेश के सौर ऊर्जा अभियान के व्यापक पैमाने को दर्शाती है। यह दर ऑस्ट्रेलिया के व्यापक रूफटॉप बाजार की दैनिक औसत वृद्धि के आसपास है।

9,500 से अधिक वेंडर्स के नेटवर्क से 1 लाख से ज्यादा प्रत्यक्ष रोजगार


इस दौरान यूपी नेडा डायरेक्टर रविन्दर सिंह ने बताया कि प्रदेश में 9,500 से अधिक वेंडर्स के नेटवर्क के माध्यम से सोलर प्लांट की स्थापना, उपकरणों की आपूर्ति, परिवहन, रखरखाव और संबंधित सेवाओं में 1 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है। सोलर क्षेत्र के विस्तार से युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल रहा है।

पात्र परिवारों को ₹1.08 लाख तक की सब्सिडी


प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पात्र लाभार्थियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार अधिकतम ₹1.08 लाख तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। योजना की निर्धारित पात्रता एवं प्रक्रिया के अनुसार इच्छुक उपभोक्ता 31 मार्च 2027 तक आवेदन कर सकते हैं। यह वित्तीय सहायता घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने की शुरुआती लागत कम करने में सहायक है।

स्थानीय विनिर्माण और आर्थिक विकास को बढ़ावा


रूफटॉप सोलर के विस्तार से सोलर मॉड्यूल, इन्वर्टर, बैटरी, केबल, माउंटिंग स्ट्रक्चर और अन्य उपकरणों की आपूर्ति एवं विनिर्माण गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलता है। इंस्टॉलेशन और रखरखाव से जुड़े स्थानीय उद्यमों को भी नए अवसर प्राप्त होते हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना बिजली खर्च में बचत, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय रोजगार सृजन और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। रूफटॉप सोलर का निरंतर विस्तार प्रदेश की हरित अर्थव्यवस्था और स्वच्छ ऊर्जा आधारित विकास को नई गति प्रदान कर सकता है।

प्रतिदिन लगभग 1.35 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली उत्पादन की अनुमानित क्षमता


प्रदेश में स्थापित 3,000 मेगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता के आधार पर, यदि प्रति किलोवाट प्रतिदिन औसतन 4.5 यूनिट बिजली उत्पादन माना जाए, तो प्रतिदिन लगभग 1.35 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली उत्पादन की क्षमता बनती है। ₹6.50 प्रति यूनिट की सांकेतिक दर से इस बिजली का अनुमानित आर्थिक मूल्य प्रतिदिन लगभग ₹8.78 करोड़ और वार्षिक आधार पर लगभग ₹3,202 करोड़ होता है। वास्तविक बिजली उत्पादन और आर्थिक मूल्य धूप, मौसम, प्लांट की कार्यक्षमता तथा लागू बिजली दरों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

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