राहुल ने खुद की क्षति-विचार मंच

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राहुल ने खुद की क्षति की-विचार मंच
राहुल ने खुद की क्षति की-विचार मंच

श्याम कुमार

राहुल ने खुद की क्षति की-विचार मंच स्वर्गीय चन्द्रभानु गुप्त द्वारा स्थापित बुद्धिजीवियों की पुरानी एवं प्रतिष्ठित संस्था ‘विचार मंच’ द्वारा ‘राहुल गांधी का प्रलाप’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि राहुल गांधी चाहते तो अपने को अच्छे नेता के रूप में स्थापित कर सकते थे, लेकिन जिस प्रकार केजरीवाल ने धूर्तता की राजनीति शुरू की, उसी प्रकार सोनिया गांधी ने ‘मौत का सौदागर’, ‘खून की खेती’ आदि शब्दों द्वारा गालीगलौज की राजनीति की शुरुआत की। राहुल गांधी ने भी उसी गालीगलौज की राजनीति को अपना आधार बना लिया।मुख्य वक्ता के रूप में पत्रकार राजेश राय ने कहाकि राहुल गांधी ने एक ओर तो बेसिरपैर की बातें करते हुए अपनी विदूषक वाली हास्यास्पद छवि बना ली है, दूसरी ओर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए हमेशा गाली बकते रहने वाले व्यक्ति की छवि बना ली है। उनकी इन दोनों आदतों का नतीजा यह हुआ है कि उन्हें कोई गंभीरता से नहीं लेता है तथा वह ‘मंदबुद्धि’ के रूप में भी मशहूर हो गए हैं।


संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए ‘समाचारवार्ता’ के सम्पादक श्याम कुमार ने कहाकि आशा की जा रही थी कि संसदसदस्यता खत्म होने से राहुल गांधी सबक लेंगे और अब गंभीर आचरण करेंगे। लेकिन पत्रकारवार्ता में उनका जो विकृत रूप दिखाई दिया, उससे साफ लगता है कि उन्होंने कभी न सुधरने की कसम खाई है। पत्रकारवार्ता में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र की हत्या हो रही है और उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है। जो व्यक्ति हमेशा खुलेआम अनर्गल प्रलाप करता रहता हो और विदेश में भी जाकर अपने देश को बदनाम करता हो, वह और कितनी निम्नस्तरीय हरकतों की छूट चाहता है? वस्तुतः अपने स्वार्थ के लिए नेहरू वंश ही हमेशा लोकतंत्र का गला घोंटता रहा है। राहुल गांधी अपने अनर्गल शब्दों व झूठे आरोपों के लिए न्यायपालिका में अनेक बार माफी मांग चुके हैं और उन्होंने सर्वाेच्च न्यायालय में भी माफी मांगी है।

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समाजसेवी सुशीला मिश्र एवं विष्लेषक हरिप्रकाश ‘हरि’ ने कहाकि राहुल गांधी तमाम मामलों में जमानत पर हैं, फिर भी वह बराबर आपत्तिजनक बातें बोलते हुए हर जगह छुट्टा घूम रहे हैं। विडम्बना है कि इसके बावजूद वह देश में लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाते हैं। न्यायपालिका को इस पर ध्यान देकर राहुल गांधी पर कड़ाई से अंकुश लगाना चाहिए। पत्रकार शेखर पंडित ने कहाकि राहुल गांधी की मूर्खतापूर्ण बातों से उनकी ‘मंदबुद्धि’ की जो छवि बन गई है, उससे भारतीय जनता पार्टी को फायदा हो रहा है।


‘राष्ट्रधर्म’ पत्रिका के कार्यकारी निदेशक सर्वेशचंद्र शुक्ल एवं वरिष्ठ अर्थशास्त्री प्रो. अम्बिका प्रसाद तिवारी ने कहाकि राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी के लिए जो अपशब्द बोलते रहते हैं, उसका मनोवैज्ञानिक कारण यह है कि अब तक नेहरू खानदान देश की सत्ता को अपनी निजी जागीर मानकर अहंकार में डूबा रहता था, किन्तु मोदी की लोकप्रियता से नेहरू वंश के लिए सत्ता का दरवाजा बंद हो गया है। इसीलिए नेहरू वंश के सभी लोगों को उनका असली दुश्मन मोदी प्रतीत होता है।संगोष्ठी में पीबी वर्मा, कैलाश वर्मा, राम सिंह तोमर, सचिन त्रिपाठी, राजू यादव आदि ने कहाकि राहुल गांधी को अब छिछलापन छोड़कर गंभीर आचरण करना चाहिए। स्वर्णकेतु भारद्वाज, शरद कुमार श्रीवास्तव, अजय दत्त पांडेय, शिवचरण चैहान, कृष्णानन्द त्रिपाठी, कृष्णचन्द्र भार्गव, जितेंद्र सिंह, मुरलीधर सोनी, अंकुर, नितिन, अशोक साहू, अनुरक्ति, शौकत अली, गोपाल कौशल, सैयद मेहदी रिजवी, भारत सिंह, राकेश कुमार सिंह, आमोद श्रीवास्तव, हिमांशु प्रजापति, मंजुल मयंक शुक्ल, रवितेश, अनुज आदि ने भी विचार व्यक्त किए। राहुल ने खुद की क्षति की-विचार मंच