Monday, February 23, 2026
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पीडीए का नाम काटने के लिए जारी हो रही नोटिस दर नोटिस

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पीडीए का नाम काटने के लिए जारी हो रही नोटिस दर नोटिस। निर्वाचन आयोग बन गया है भाजपा के हाथ की कठपुतली।

लखनऊ/अयोध्या। एसआईआर पीडीए को मताधिकार,नागरिकता,राशनकार्ड व जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित करने की आरआरएस का असंवैधानिक व अलोकतांत्रिक निर्णय रहा है।एसआईआर एनआरसी का बदला हुआ रूप है।पहले एसआईआर,फिर फार्म-7 ,नोटिस और फिर नोटिस के बाद नोटिस जारी पीडीए मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से काटने का बङा षड्यंत्र किया जा रहा है।

पूर्व में प्रचारित किया गया कि जिनका स्वयं या माता‐पिता, दादा-दादी, नाना-नानी का नाम 2003 की मतदाता सूची में नाम होगा, एसआईआर फार्म में उनका एपिक नम्बर भरना होगा।जिन लोगों का नाम इनरोल्ड ड्राफ्ट में आ गया है,उनको फिर से नोटिस जारी कर पेन: आधार कार्ड मांगा गया,इसके बाद अब दोबारा सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा नोटिस भेजवाकर आम मतदाताओं को परेशान किया जा रहा है।

गोशाईंगंज विधानसभा के प्रभारी लौटनराम निषाद ने बताया कि मयाबाजार ब्लाक के राजापुर, रामापुर, तेजापुर ,नेवकबीरपुर, रामपुर पुवारी, जादवपुर, अंकारीपुर,आलापुर केवटहिया, जमुनीपुर,
समंथा, तंडौली, शेखपुरा, पुरैनी, हरदी, मझगवां,सिलौनीमङियवा, मदनपुर,
मानापारा, बेनवा, तारगौहन, बिजङा,
अलनाभारी व तारून क्षेत्र के अहीरन का पुरवा, जजवारा, नंसा गांँव, बारा, खुटेहना, बलरामपुर, गौरा, धर्मपुर,घूरीटीकर आदि गाँव में जनसंपर्क के दौरान मालूम हुआ कि बीएलओ द्वारा अब दोबारा नोटिस जारी की गयी है।जिसमें कहा गया है कि आपके पिता व आपका नाम मेल नहीं खा रहा तो मतदाता सूची व आधार कार्ड के नाम में भिन्नता है तो आपके माता-पिता की उम्र में 20,15 वर्ष का अन्तर है।इस बात की भी नोटिस जारी की गयी है कि एक एपिक नम्बर 6 या 6 से अधिक लोगों ने प्रयोग किया है।यह पीडीए के लोगों को मताधिकार से वंचित करने की साजिश है।

निषाद ने कहा कि निर्वाचन आयोग समय-समय पर नये नये तरीके अपनाकर पीडीए को परेशान किया जा रहा है।जब एसआईआर भाजपा के ही गले की फांस बन गया तो अपने पदाधिकारियों के माध्यम से प्रिंटेड फार्म-7 भेजकर पीडीए विशेषकर मुस्लिम समुदाय का वोट काटने का षडयंत्र किया गया,अब नोटिस दर नोटिस जारी कर परेशान किया जा रहा है।

उन्होंने साफतौर कहा कि 90% से अधिक मतदाताओं की मतदाता सूची व आधार कार्ड, सर्टीफिकेट के नाम में अन्तर मिलेगा,मतदाता सूची में अधिकांशत: नाम ही रहता है,उपनाम नहीं।किसी का पूरा नाम अजय कुमार सिंह बिष्ट है,लेकिन मतदाता सूची में सिर्फ अजय या अजय ही मिलेगा।उन्होंने स्वयं का उदाहरण देते हुए कहा कि मतदाता सूची में मेरा नाम सिर्फ लौटन व पिता का नाम बनता निषाद है और सर्टीफिकेट,आधार कार्ड, बैंक अकाउंट आदि में लौटन राम निषाद-बनता राम निषाद है।

मेरे अलावा मेरी पत्नी व 5 बेटे-बेटियों ने मेरे एपिक नम्बर का प्रयोग किया है,ऐसे में इसलिए नोटिस जारी करना कि इस एपिक नम्बर का 6 से अधिक लोगों ने प्रयोग किया है,यह पूरी तरह असंवैधानिक व अलोकतांत्रिक है।

मतदाता सूची व सर्टीफिकेट के नाम का मिलान किया जायेगा तो सबसे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री ही मताधिकार से वंचित हो जायेॅगे क्योंकि मतदाता सूची में उनका नाम आदित्यनाथ है और सर्टीफिकेट में अजय कुमार सिंह बिष्ट है।समाजवादी पिछड़ावर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व 276- गोशाईंगंज विधानसभा के प्रभारी/प्रत्याशी चौ.लौटनराम निषाद ने अपने वोट की रखवाली का आह्वान करते हुए कहा कि भाजपा गलत तरीके अपनाकर फार्म-7 व नोटिस के माध्यम से पीडीए के मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से काटने की साजिश में जुटी हुई है।उन्होंने सेक्टर,जोन, बूथ प्रभारियों,सहप्रभारियों व बीएलए से बीएलओ के सम्पर्क में रहकर पीडीए परिवारों के वोट की सुरक्षा के लिए मुस्तैद रहने की अपील किया।समाजवादी पार्टी के बीएलए ने एसआईआर में काम किया,उन्हीं का नाम ड्राफ्ट से गायब है।

निषाद ने कहा कि लोकतंत्र में सबसे बङा अधिकार मताधिकार का है।संविधान निर्माता बाबासाहेब डाॅ.भीमराव अम्बेडकर जी ने संविधान के माध्यम से सभी को वोट का अधिकार दिया,महारानी का वोट हो चाहे मेहतरानी का,जमींदार का वोट हो या हरवाहा, चरवाहा,जलवाहा व करवाहा का,सबके वोट की कीमत बराबर है।उन्होंने कहा कि जिस तरह बहन-बेटी के आबरू की रक्षा की जाती है,उसी तरह अपने वोट की रखवाली करनी चाहिए।

जनसंपर्क में मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय सचिव विजय बहादुर वर्मा,समाजवादी पिछड़ावर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव जगन्नाथ पाल,श्रीचंद चौरसिया,रविन्द्र वर्मा,राजेश कुमार गुप्ता,रामदेव यादव,दुखीराम भारती आदि शामिल रहे।