Monday, February 9, 2026
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मणिपुर की घटनाएं लोकतंत्र के लिए कलंक

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उत्कृष्ट ग्रामोद्योग इकाइयों को मिलेगा सम्मान
उत्कृष्ट ग्रामोद्योग इकाइयों को मिलेगा सम्मान

मणिपुर की घटनाएं भारतीय लोकतंत्र के लिए कलंक है। मणिपुर में 77 दिनों से चल रही हिंसा पर कोई अफ़सोस, कोई फ़िक्र आपको नहीं दिखाई देगी। आप इस बात को स्वीकारना नहीं चाहते हैं, लेकिन सांप्रदायिक और झूठ की राजनीति ने आपको किसी लायक नहीं छोड़ा है। मणिपुर की घटनाएं लोकतंत्र के लिए कलंक

लौटन राम निषाद

मणिपुर में कुकी समुदाय की दो बेटियों के बलात्कार के बाद निर्वस्त्र कर हिन्दूवादी मेइती समुदाय के दहशतगर्द तत्वों द्वारा सड़क पर घुमाया जाना मातृ शक्ति का नग्न प्रदर्शन है।इस कुकृत्य ने मानवता और भारतीयता को शर्मसार कर दिया है।इस दरिंदगी पूर्ण शरारत से हमारा लोकतंत्र कलंकित हुआ है। लगभग तीन महिने को होने को है, गौतम अडानी के लिए मणिपुर को दंगे में झोंक दिया गया है।मणिपुर में कुकी और मेइती समुदाय के बीच टकराव को दिखाकर सच्चाइयों पर पर्दा डाला जा रहा है।असली कारण है गौतम अडानी को खनिज पदार्थों के खनन का ठेका पट्टा देना, जो भूमिपुत्र आदिवासियों, जनजातियों को पहाड़ी और जंगली क्षेत्र से बेदखल करने में जुटा है। महिनों से मणिपुर जल रहा है,मोदी सरकार के कानों तक जूं नहीं रेंगा,साधु-संत,देश की नारीशक्ति-राष्ट्रशक्ति, महिला संगठन, महिला आयोग,बुद्धिजीवी और देश भक्त कहां सो गए हैं।सिर्फ हिन्दू-मुस्लिम के बीच साम्प्रदायिक तनाव पैदा करने के लिए ही ऐसे लोग भूमिका में सक्रिय होते हैं…?


नारी तू नग्न नहीं हुई,यह सामाजिक व्यवस्था नग्न हुई है।
मातृ शक्ति नग्न हुई है, भारत माता नग्न हुई है, मर्द समझने वाली कौम नग्न हुई है,
सभ्यता और संस्कृति नग्न हुई है।
नारी तू नग्न नहीं हुई, वो सारी मर्यादाएं और मर्दों की मर्दानगी नग्न हुई है।
जो तूने अपनी ही मास -मज्जा से बनाई है, यह पुत्र के रूप में मांगती मर्दों की भीड़
आज खुद नंगी होकर,तुझसे खिलवाड़ कर रही है।
नारी तू नग्न नहीं हुई यह सियासत नग्न हो गई है l


ऐसी दशा में मणिपुर की भाजपा सरकार सहित देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ,केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए।चीखने का जी चाहता है मगर किसके सामने चीखें और किस शहर में।इसलिए बेहतर है मणिपुर के वीडियो को देखने के बाद यह चीख अपने भीतर ही दफन कर दी जाए। बहरहाल इस विडियो के बाद प्रधानमंत्री ने आख़िरकार दो महीने बाद मणिपुर का नाम लिया है। लेकिन जिस तरह से नाम लिया है उससे तो लगता है कि न ही लेते। इस घटना को भी विपक्ष के राज्यों की घटनाओं से बैलेन्स किया ज़ा सकता है, ये आपने सोचा नहीं होगा, पर प्रधानमंत्री ने कर दिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने भी इसी तरह का रुख़ अपनाया। लेकिन सरकार के बयानों में कहीं भी मणिपुर में 77 दिनों से चल रही हिंसा पर कोई अफ़सोस, कोई फ़िक्र आपको नहीं दिखाई देगी। आप इस बात को स्वीकारना नहीं चाहते हैं, लेकिन सांप्रदायिक और झूठ की राजनीति ने आपको किसी लायक नहीं छोड़ा है।


मणिपुर में महिलाओं के साथ अत्याचार के सैंकड़ों एफआईआर दर्ज हैं,बता रहे हैं वहां की डबल इंजन सरकार के सीएम बीरेन सिंह। इसीलिए इंटरनेट बंद किया हुआ है, ताकि सच बाहर न आ सके। आज ही मोदी जी पहली बार बोले हैं,140 करोड़ देशवासियों का सिर शर्म से झुका हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई ने संज्ञान लिया है।मणिपुर में सिविल वॉर छिड़ा हुआ है। मणिपुर का वीडियो सामने आया तो गोदी मीडिया जागी है। य़ह अमानवीय और शर्मनाक वीडियो विगत 4 मई का है।मणिपुर का गुनाहगार बीजेपी का मुख्यमंत्री बीरेन सिंह “इंडिया टुडे” पर बोला कि “हंड्रेडस ऑफ सच इंसिडेंट्स” या’नि ‘औरतों का सामुहिक बलात्कार और नंगा कर जुलूस निकालने की सैंकड़ों घटना हो चुकी है। बीरेन सिंह को UAPA यूएपीए में गिरिफ़्तार किया जाना चाहिये।ये सभ्य समाज में रहने लायक नहीं है।


अब तक सिर्फ़ एक वीडियो सामने आया है।सोचिए, सैंकड़ो ऐसे वीडियो में कितनी दरिंदगी छुपी हुई है।दहशत गर्द हिन्दू वादी युवाओं ने गैंगरेप के बाद महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया,
दोनों महिलाएं कुकी समुदाय की हैँ।हिंसाग्रस्त मणिपुर में बुधवार को फिर से कर्फ्यू लगा दिया गया। घाटी के 5 जिलों इंफाल ईस्ट, वेस्ट, थोबाल विष्णुपुर और काकचीन में पूर्ण कर्फ्यू लगाया गया है। पहले यहां सुबह 5 बजे से शाम 6 बजे तक ढील दी जा रही थी। इस बार हिंसा फिर से भड़कने के पीछे एक वायरल वीडियो है। यह 4 मई का बताया जा रहा है, जिसमें दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया जा रहा है। दोनों महिलाएं कुकी समुदाय की बताई जा रही हैं। इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) का कहना है कि इनमें से एक महिला से गैंगरेप भी किया गया। फोरम ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए राज्य व केंद्र सरकार से अपील की है।

आईटीएलएफ का कहना है कि यह वीडियो कांगपोकपी जिले का है। इधर, कुकी समुदाय ने इस घटना के विरोध में गुरुवार को चूड़ाचांदपुर में प्रदर्शन की किया। वहीं, स्थानीय प्रशासन और पुलिस इस मामले में अब तक खामोश हैं। इस बीच, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने घटना को अमानवीय बताते हुए निंदा की है। उन्होंने कहा, मणिपुर के सीएम बीरेन सिंह ने बताया कि जांच जारी है। पीड़िताओं को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।कुल मिलाकर मणिपुर में दंगा और महिलाओं के साथ दरिंदगी सरकार की विफलता और संवेदनहीनता का परिचायक है। मणिपुर की दरिंदगी पूर्ण अमानवीय घटना से विश्व पटल पर भारत की साख पर प्रश्न चिन्ह खड़ा किया है। मणिपुर की घटनाएं लोकतंत्र के लिए कलंक

—– राष्ट्रीय प्रवक्ता-भारतीय ओबीसी महासभा