
राजेन्द्र चौधरी
देश की अर्थव्यवस्था को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। आरोप है कि भाजपा सरकार ने देश का बाजार धीरे-धीरे विदेशी कंपनियों के हवाले कर दिया है। छोटे व्यापारी दबाव में हैं, स्थानीय उद्योग संघर्ष कर रहे हैं और बहुराष्ट्रीय कंपनियों की पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही है। सवाल उठ रहा है—क्या ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सपना जमीनी हकीकत में बदल पाया, या फिर यह सिर्फ एक नारा बनकर रह गया? क्या विदेशी निवेश विकास की गारंटी है, या इससे देशी कारोबार पर संकट गहराया है? आज हम इसी बड़े मुद्दे पर करेंगे सीधी और तीखी चर्चा। जुड़े रहिए हमारे साथ।
अखिलेश यादव ने कहा है कि ये ‘डील’ वो ‘डाल’ है, जिसको उस पर बैठने वाला ही काट रहा है। ये डील हमारे देश की सिर्फ़ ख़ेती-मज़दूरी ही नहीं बल्कि हर तरह के पैदावार-उत्पादन, काम-कारोबार और रोज़गार के खि़लाफ़ है। ये वो अदृष्य ज़ंजीर है जो पैसे के लालच में डूबे बिचौलियों की मानसिकता वाले ख़ुदगर्ज़ भाजपाइयों को दिख नहीं रही है। जिन्होंने पहले हमारे लोगों को साक्षात ज़ंजीर में बांधकर भेजा था उन्होंने अब डील का जाल फेंककर भाजपा सरकार को मजबूर कर दिया है। अब भाजपा के वो संगी-साथी कहां भूमिगत हो गये हैं जो स्वदेशी का नारा लगाते थे। आत्मनिर्भरता की जगह भाजपाइयों को ‘परनिर्भरता’ का नारा अपना लेना चाहिए।
भाजपा सरकार ने देश का बाजार विदेशियों को सौंप दिया है। इससे खेती किसानी और किसानों का बड़े पैमाने पर नुकसान होगा। जब सब कुछ विदेश से आयेगा तो हमारे देश का किसान क्या उगाएगा और क्या बेचेगा? उन्होंने कहा कि किसानों को नुकसान पहुंचा कर देश में कोई सरकार नहीं चल सकती है। किसान और किसानी विरोधी भाजपा सरकार स्पष्ट करे कि विदेशियों के सामने अपने हितों का समर्पण करने की मजबूरी क्या है?
उन्होंने कहा कि भाजपा कभी भूमि अधिग्रहण लाकर खेती-किसानी को हड़पने का षडयंत्र करती है, कभी काले-क़ानूनों से किसानों को मौत के मुंह में ढकेल देती है। भाजपाई सोच बिचौलियों वाली है, वो पैदावार-उत्पादन की जगह बीच में कमीशनख़ोरी से सिर्फ़ अपना पेट भरना जानती है। ‘खेती-किसानी’ के बीच ही नहीं, ‘किसानों’ के बीच भी बैठे भाजपाई बिचौलियों का भंडाफोड़ होना चाहिए। किसान कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा। भाजपा जाए तो खेतीबाड़ी बच पाए।
समाजवादी पार्टी के सांसदों ने भी आज संसद परिसर में अमेरिका के साथ हो रहे व्यापारिक डील के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी के सभी सांसदों ने एकजुट होकर बैनर-पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया और अमेरिका के साथ हो रही डील का विरोध किया। केन्द्र सरकार के विरोध में नारे लगाये। समाजवादी पार्टी के सांसदों ने कहा कि यूएस डील अत्याचारी है। किसानों पर संकट भारी है।





















