
अजय सिंह
लखनऊ। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के कार्य को रात दिन करके पूर्ण करने एवं किसानों के कल्याणकारी कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित कराने वाले प्राविधिक सहायकों ने अपनी 21 सूत्रीय मांग-पत्र के क्रम में ज्वलंत समस्याओं के त्वरित निस्तारण की मांग को लेकर आज से कृशि भवन मुख्यालय पर क्रमिक अनशन प्रारम्भ कर दिया। पहले दिन क्रमिक अनषन पर सर्व अमर पाल सिंह, वीरेन्द्र सिवाच, कृश्ण पाल राणा, चन्देष मौर्य, अमरनााथ पटेल बैठें। ज्ञात हो कि अधीनस्थ कृशि सेवा संघ उ0प्र0 न अपने मांगों को लेकर 22, 23 एवं 24 अगस्त 2022 तीन दिन के क्रमिक अनषन की घोशणा किया है। कोशाध्यक्ष फईम अख्तर ने कहा कि वर्ग-3 से वर्ग-2 में पदोन्नति द्वारा एक वर्श से अधिक का समय व्यतीत होने को जा रहा है, परन्तु विभाग की उदासीनता के कारण पदोन्नत प्राविधिक सहायको की तैनाती न कर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है।
संगठन मंत्री अमरनाथ पटेल ने कहा कि सरकार के पास वेतन विसंगतियों के सम्बन्ध में वेतन समिति की रिपोर्ट तीन वर्शों से लम्बित है, जिसको लागू किया जाए। संयुक्त मंत्री मुरारी लाल गंगवार ने कहा कि वर्ग-1 के 564 पद वर्शों से रिक्त पड़े है परन्तु सरकार द्वारा पदोन्नति की समय सीमा 30 सितम्बर 2022 निर्धारित होने पर भी पदोन्नति हेतु कोई प्रयास प्रारम्भ नहीं किया गया है। कृशि निदेषालय षाखा के अध्यक्ष ए0के0राय ने कहा कि निदेषालय में भी संवर्ग के पद सृजित किए जाए। अनशन स्थल पर यह बात भी अनेकों वक्ताओं ने उठायी कि स्थानान्तरण नीति केवल प्राविधिकों पर लागू की गयी है। अधिकारी एवं कर्मचारी संवर्ग को रियायत दे दी गयी है। उपाध्यक्ष विनोद चैधरी, कपिल विष्वकर्मा, चन्द्रेष मौर्य, दीपक धनकर, वीरेन्द्र सिवाच, गजेन्द्र कुमार ने विचार व्यक्त किया। प्रान्तीय महामंत्री ने कहा कि 22, 23 एवं 24 अगस्त 2022 तीन दिन का क्रमिक अनशन जारी रहेगा। प्रान्तीय अध्यक्ष राधा रमण मिश्र ने का कि यदि दिनांक 24 अगस्त 2022 तक समाधान नहीं होता है, तो संगठन कार्य बहिश्कार अथवा बड़े आन्दोलन की घोषणा करेगा।























